{"_id":"628159c4797c3f6a23054c30","slug":"corporation-launched-teams-in-the-field-for-smooth-power-supply-panchkula-news-pkl4507297159","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुचारु बिजली आपूर्ति के लिए निगम ने फील्ड में टीमें उतारीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुचारु बिजली आपूर्ति के लिए निगम ने फील्ड में टीमें उतारीं
विज्ञापन
चंडीगढ़। गर्मी के सीजन में बिजली की सुचारु आपूर्ति के लिए बिजली निगमों ने अपनी टीमों को फील्ड में उतार दिया है। बिजली लाइनों का तेजी से रखरखाव शुरू कर दिया है। इसके तहत ढीले तारों को कसने समेत खराब जंपर और डिस्क बदले जा रहे हैं। जहां-जहां पर पेड़ बाधा बन रहे हैं, उनकी कटिंग की जा रही है।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के रोहतक, झज्जर, सोनीपत, पानीपत और करनाल जिलों में एक दिन में 143 किलोमीटर की लाइनों की मैंटेनेंस की गई। कुल 661 स्थानों पर ढीले तारों को कसा गया, जबकि 523 जंपर, 111 इंसुलेटर और 38 डिस्क बदले गए। इसके अलावा सभी जिलों में 101 टेढ़े-मेढ़े पोल को सीधा किया गया। ये टीमें लगातार फील्ड में लाइनों की जांच करती रहेंगी और खामियों को दूर करेंगी। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि खामियों को दूर करने से बिना किसी बाधा के बिजली आपूर्ति हो सकेगी।
इसके अलावा, सभी जिलों के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर को शटडाउन के लिए ग्रीष्मकालीन प्रोटोकॉल को सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है। इसके तहत एसई की मंजूरी के बिना 33 केवी लाइनों पर और एक्सईएन की मंजूरी के बिना 11 केवी शहरी व औद्योगिक एफडीआर पर शटडाउन की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए 33 केवी लाइनों और 11 केवी शहरी व औद्योगिक एफडीआर के टूटने की सूचना एसई और एक्सईएन को दी जाएगी। इसके अलावा निर्देश दिए गए हैं कि ऊर्जा मित्र एप पर सभी तरह के कट और शटडाउन जानकारी दी जाए। नियोजित एमटीसी शटडाउन के लिए सर्कलवार दिन तय करें और बार-बार ब्रेकडाउन के कारणों का विश्लेषण करें।
विज्ञापन
सुचारु बिजली आपूर्ति के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं। बिजली लाइन में जहां भी दिक्कत है, उसे दुरुस्त किया जा रहा है। खराब उपकरणों को बदला जा रहा है। हमारा प्रयास है कि उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
-एके रहेगा, चीफ इंजीनियर, यूएचबीवीएन
विज्ञापन
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के रोहतक, झज्जर, सोनीपत, पानीपत और करनाल जिलों में एक दिन में 143 किलोमीटर की लाइनों की मैंटेनेंस की गई। कुल 661 स्थानों पर ढीले तारों को कसा गया, जबकि 523 जंपर, 111 इंसुलेटर और 38 डिस्क बदले गए। इसके अलावा सभी जिलों में 101 टेढ़े-मेढ़े पोल को सीधा किया गया। ये टीमें लगातार फील्ड में लाइनों की जांच करती रहेंगी और खामियों को दूर करेंगी। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि खामियों को दूर करने से बिना किसी बाधा के बिजली आपूर्ति हो सकेगी।
विज्ञापन
इसके अलावा, सभी जिलों के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर को शटडाउन के लिए ग्रीष्मकालीन प्रोटोकॉल को सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है। इसके तहत एसई की मंजूरी के बिना 33 केवी लाइनों पर और एक्सईएन की मंजूरी के बिना 11 केवी शहरी व औद्योगिक एफडीआर पर शटडाउन की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए 33 केवी लाइनों और 11 केवी शहरी व औद्योगिक एफडीआर के टूटने की सूचना एसई और एक्सईएन को दी जाएगी। इसके अलावा निर्देश दिए गए हैं कि ऊर्जा मित्र एप पर सभी तरह के कट और शटडाउन जानकारी दी जाए। नियोजित एमटीसी शटडाउन के लिए सर्कलवार दिन तय करें और बार-बार ब्रेकडाउन के कारणों का विश्लेषण करें।
विज्ञापन
सुचारु बिजली आपूर्ति के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं। बिजली लाइन में जहां भी दिक्कत है, उसे दुरुस्त किया जा रहा है। खराब उपकरणों को बदला जा रहा है। हमारा प्रयास है कि उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
-एके रहेगा, चीफ इंजीनियर, यूएचबीवीएन