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Panchkula News: पंचकूला की स्वच्छता काे चंडीगढ़ लगाएगा पंख, 100 दिन में दिखेगा असर
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पंचकूला। पंचकूला की स्वच्छता व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव लाने के लिए चंडीगढ़ और पंचकूला नगर निगम ने औपचारिक रूप से हाथ मिला लिया है। स्वच्छ शहर जोड़ी पहल के तहत दोनों शहरों के बीच एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुआ। इसके तहत चंडीगढ़ ‘मेंटोर सिटी’ और पंचकूला ‘मेंटी सिटी’ के रूप में मिलकर स्वच्छता के दस प्रमुख क्षेत्रों में सुधार करेंगे। नगर निगम पंचकूला के महापौर कुलभूषण गोयल और निगम आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि एमओयू की अवधि 100 दिनों की होगी। इस दौरान पंचकूला में स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन से लेकर नागरिक सहभागिता तक कई सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
जानिए... क्या मदद मिलेगी पंचकूला को
चंडीगढ़ नगर निगम पंचकूला को तकनीकी, प्रशासनिक और ज्ञान-साझेदारी में मदद करेगा। दोनों शहर मिलकर ‘एज-इज असेसमेंट’ करेंगे यानी जमीनी हालात का मूल्यांकन करेंगे और स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 व स्वच्छ प्रमाणन डेटा के आधार पर कमियों की पहचान करेंगे। इसके बाद सिटी-स्पेसिफिक एक्शन प्लान बनाया जाएगा जिसमें दस फोकस एरिया कवर होंगे। दोनों शहर मिलकर खरीद और टेंडर मैनेजमेंट, तकनीकी दस्तावेजीकरण, वेंडर एंगेजमेंट, मॉनिटरिंग और रिव्यू पर भी काम करेंगे। साथ ही नागरिकों को अधिकतम फीडबैक और शिकायत निवारण के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
चंडीगढ़ के अनुभव से सीखकर पंचकूला मॉडल सिटी बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा
अधिकारियों ने कहा कि 100 दिनों में पंचकूला की सफाई व्यवस्था और ठोस कचरा प्रबंधन में नजर आने वाले बदलाव दिखेंगे। इससे स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 में पंचकूला की रैंकिंग में महत्वपूर्ण सुधार की उम्मीद है। महापौर ने कहा कि चंडीगढ़ के अनुभव से सीखकर पंचकूला मॉडल सिटी बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
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दोनों शहर मिलकर विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करेंगे
हाल ही में जारी रैंकिंग और बेहतर प्रथाओं को अपनाने व विस्तार देने की तैयारियों के आधार पर पंचकूला को चुना गया है। इस साझेदारी के तहत चंडीगढ़ जैसे अग्रणी शहरों को कम प्रदर्शन करने वाले शहरों के साथ जोड़ा गया है ताकि प्रभावी मार्गदर्शन और सहयोग मिल सके। अधिकारियों के अनुसार यह 100 दिनों का मेंटरशिप कार्यक्रम होगा जिसमें दोनों शहर मिलकर विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करेंगे। इसमें ठोस लक्ष्य, दोहराए जा सकने वाले मॉडल, ऑन-ग्राउंड सपोर्ट और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस पहल के नतीजे स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के प्रदर्शन मूल्यांकन में भी अहम भूमिका निभाएंगे। निगम कमिश्नर ने बताया कि पूरे कार्यक्रम के दौरान आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय रणनीतिक और नीतिगत स्तर पर सहयोग देगा। लक्ष्य यह है कि हर मेंटी शहर स्वच्छता परिणामों में स्पष्ट सुधार दिखाए और सतत क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।
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जानिए... क्या मदद मिलेगी पंचकूला को
चंडीगढ़ नगर निगम पंचकूला को तकनीकी, प्रशासनिक और ज्ञान-साझेदारी में मदद करेगा। दोनों शहर मिलकर ‘एज-इज असेसमेंट’ करेंगे यानी जमीनी हालात का मूल्यांकन करेंगे और स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 व स्वच्छ प्रमाणन डेटा के आधार पर कमियों की पहचान करेंगे। इसके बाद सिटी-स्पेसिफिक एक्शन प्लान बनाया जाएगा जिसमें दस फोकस एरिया कवर होंगे। दोनों शहर मिलकर खरीद और टेंडर मैनेजमेंट, तकनीकी दस्तावेजीकरण, वेंडर एंगेजमेंट, मॉनिटरिंग और रिव्यू पर भी काम करेंगे। साथ ही नागरिकों को अधिकतम फीडबैक और शिकायत निवारण के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
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चंडीगढ़ के अनुभव से सीखकर पंचकूला मॉडल सिटी बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा
अधिकारियों ने कहा कि 100 दिनों में पंचकूला की सफाई व्यवस्था और ठोस कचरा प्रबंधन में नजर आने वाले बदलाव दिखेंगे। इससे स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 में पंचकूला की रैंकिंग में महत्वपूर्ण सुधार की उम्मीद है। महापौर ने कहा कि चंडीगढ़ के अनुभव से सीखकर पंचकूला मॉडल सिटी बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
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दोनों शहर मिलकर विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करेंगे
हाल ही में जारी रैंकिंग और बेहतर प्रथाओं को अपनाने व विस्तार देने की तैयारियों के आधार पर पंचकूला को चुना गया है। इस साझेदारी के तहत चंडीगढ़ जैसे अग्रणी शहरों को कम प्रदर्शन करने वाले शहरों के साथ जोड़ा गया है ताकि प्रभावी मार्गदर्शन और सहयोग मिल सके। अधिकारियों के अनुसार यह 100 दिनों का मेंटरशिप कार्यक्रम होगा जिसमें दोनों शहर मिलकर विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करेंगे। इसमें ठोस लक्ष्य, दोहराए जा सकने वाले मॉडल, ऑन-ग्राउंड सपोर्ट और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस पहल के नतीजे स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के प्रदर्शन मूल्यांकन में भी अहम भूमिका निभाएंगे। निगम कमिश्नर ने बताया कि पूरे कार्यक्रम के दौरान आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय रणनीतिक और नीतिगत स्तर पर सहयोग देगा। लक्ष्य यह है कि हर मेंटी शहर स्वच्छता परिणामों में स्पष्ट सुधार दिखाए और सतत क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।