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चंडीगढ़ः अकांक्ष सेन मर्डर केस में बड़ा खुलासा, मृतक की जींस पर नहीं थे टायर या खून के निशान

Wed, 11 Sep 2019 12:27 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 11 Sep 2019 12:27 PM IST
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akansh sen murder case enquiry and court hearing
Akansh Murder - फोटो : File Photo
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष मर्डर केस में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज राजीव गोयल की अदालत में मंगलवार को सुनवाई हुई। बहस की शुरुआत अकांक्ष के कपड़ों से हुई। सीएफएसएल रिपोर्ट के मुताबिक अकांक्ष की जींस से कोई खून या टायर जैसे कोई निशान नहीं पाए गए थे। सीएफएसएल की रिपोर्ट में अगर कोई निशान सामने नहीं आए तो इससे पीड़ित पक्ष की यह बात गलत साबित होती है कि अकांक्ष के ऊपर पांच बार गाड़ी चढ़ाई गई थी।
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वकील ने कहा कि अगर गाड़ी चढ़ाई गई होती तो टांग क्रश हो जाती और कपड़ों पर टायर के निशान मिलते। उन्होंने कहा कि अकांक्ष के जूते और अंडर गारमेंट्स पर खून के हल्के निशान मिले, लेकिन उनके बारे में यह नहीं लिखा गया कि वह अकांक्ष के खून के निशान थे। इस बीच बचाव पक्ष के वकील ने भीषण सर्दी के बावजूद अकांक्ष के शरीर पर कपड़े नहीं मिलने पर सवाल उठाया।
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उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम की घटना है, अकांक्ष ने कपड़े तो पहने ही होंगे। अगर कपड़े पहने हुए थे तो वह कहां गए। एएसआई बरिंदर के बयान के मुताबिक अकांक्ष की जींस और जूते बरामद हुए थे। इस पर वकील का कहना है कि फिर ऊपर केकपड़े कहां गए। मामले में अब अगली सुनवाई बुधवार को होगी।
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यह है पूरा मामला
अकांक्ष की 9 फरवरी 2017 को सेक्टर-9 में बीएमडब्ल्यू से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस को शिकायत दी गई थी कि अकांक्ष सेन पर जानबूझ कर गाड़ी चढ़ाई गई थी। अकांक्ष सेक्टर-9 में ही रहते थे और उसी सेक्टर में उसका एक दोस्त शेरा भी रहता था। रात को वह शेरा के पास ही रुका था।


इस मामले में हरमेहताब सिंह रारेवाला को मुख्य आरोपी बनाया गया था। हरमेहताब को 16 फरवरी 2017 को गिरफ्तार कर लिया गया था। शिकायत के अनुसार बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब रारेवाला उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो। रंधावा को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।
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