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कर्मचारियों ने खेमका के तबादले की मांग की
Panchkula
Updated Sun, 24 Mar 2013 05:32 AM IST
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पंचकूला। हरियाणा बीज विकास निगम कर्मचारी संघ ने हरियाणा सरकार से बीज विकास निगम के एमडी अशोक खेमका के तबादले की मांग की है। संघ का कहना है कि यदि खेमका का तबादला जल्द नहीं किया गया तो बीज निगम घाटे में आ जाएगा। आरोप है कि गलत नीतियों के कारण निगम की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। इससे किसानों को भी नुकसान पहुंचा है। कर्मचारी संघ ने अपनी मांग को लेकर तीन अप्रैल को सेक्टर दो स्थित बीज निगम के दफ्तर के बाहर धरना देने का फैसला लिया है।
संघ के प्रधान महासचिव देशराज भाटिया ने आरोप लगाया कि बीते साल अक्तूबर तक निगम की वित्तीय स्थिति ठीक थी। खेमका के निगम के कार्य में रुचि नहीं लेने के कारण करीब 8700 क्विंटल गेहूं का बीज, जिसकी कीमत करीब 22 करोड़ रुपये बनती है, जिसमें 46700 क्विंटल गेहूं का बीज सरकारी एजेंसियों को देना था व 2400 क्विंटल गेहूं भारत सरकार की ग्रामीण स्कीम के तहत 50 प्रतिशत अनुदान पर किसानों को देना था, यह दोनों कार्य पूरे नहीं किए जा सके। 22 मार्च तक मूंग के बीज का रेट नहीं आने से किसानों को निगम के बीज केंद्रों पर इन बीजों को लेने के लिए काफी चक्कर काटने पड़े। इससे निगम को करोड़ों रुपये की हानि हुई। इसलिए खेमका को हटाकर इस मामले की जांच की जाए। जब से खेमका ने पद संभाला है तब से एक ही रट लगाए हैं कि निगम के कर्मचारी नकारा हैं। निगम को बने 36 वर्ष हो गए। कर्मचारियों की मेहनत की वजह से दो बार निगम को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है। बैठक में मुख्य सलाहकार बलबीर सिंह संधू और प्रेस सचिव हुकुम सिंह भी मौजूद रहे।
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संघ के प्रधान महासचिव देशराज भाटिया ने आरोप लगाया कि बीते साल अक्तूबर तक निगम की वित्तीय स्थिति ठीक थी। खेमका के निगम के कार्य में रुचि नहीं लेने के कारण करीब 8700 क्विंटल गेहूं का बीज, जिसकी कीमत करीब 22 करोड़ रुपये बनती है, जिसमें 46700 क्विंटल गेहूं का बीज सरकारी एजेंसियों को देना था व 2400 क्विंटल गेहूं भारत सरकार की ग्रामीण स्कीम के तहत 50 प्रतिशत अनुदान पर किसानों को देना था, यह दोनों कार्य पूरे नहीं किए जा सके। 22 मार्च तक मूंग के बीज का रेट नहीं आने से किसानों को निगम के बीज केंद्रों पर इन बीजों को लेने के लिए काफी चक्कर काटने पड़े। इससे निगम को करोड़ों रुपये की हानि हुई। इसलिए खेमका को हटाकर इस मामले की जांच की जाए। जब से खेमका ने पद संभाला है तब से एक ही रट लगाए हैं कि निगम के कर्मचारी नकारा हैं। निगम को बने 36 वर्ष हो गए। कर्मचारियों की मेहनत की वजह से दो बार निगम को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है। बैठक में मुख्य सलाहकार बलबीर सिंह संधू और प्रेस सचिव हुकुम सिंह भी मौजूद रहे।
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