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रुचिका प्रकरण: एसपीएस राठौर और सीबीआई को नोटिस

Sat, 01 Sep 2012 12:00 PM IST
Panchkula
Panchkula Updated Sat, 01 Sep 2012 12:00 PM IST
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पंचकूला। रुचिका के पिता एससी गिरहोत्रा से उनकी बेटी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उनके हस्ताक्षर की जालसाजी और आशु को हिरासत में यातनाएं देने के मामले में सीबीआई की दाखिल क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ आनंद प्रकाश ने शुक्रवार को याचिका दायर की। याचिका की सुनवाई करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत ने हरियाणा के पूर्व डीजीपी एसपीएस राठौर और सीबीआई को नोटिस जारी कर दिया है। दोनों को अपना पक्ष रखने के लिए अदालत ने चार अक्तूबर की तारीख सुनिश्चित की है। याचिका के मुताबिक आनंद प्रकाश का कहना है कि वे भी इस मामले में शिकायतकर्ता थे, लेकिन सीबीआई ने उनका पक्ष जाने ही बिना क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी।
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सीबीआई ने दोनों ही मामलों में साल 2010 में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। उसके बाद रुचिका के पिता एससी गिरहोत्रा और भाई आशु गिरहोत्रा को अदालत में बुलाया गया, लेकिन उन्होंने कोई भी आपत्ति नहीं उठाई। बीते एक जून को सीबीआई की निचली अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली थी। याद रहे कि रुचिका ने 28 दिसंबर, 1993 को पूर्व डीजीपी द्वारा छेड़छाड़ करने पर तीन साल बाद आत्महत्या कर ली थी।
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क्या था क्लोजर रिपोर्ट में
आशु गिरहोत्रा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि हरियाणा के तत्कालीन डीजीपी एसपीएस राठौर के इशारे पर उस पर वाहन चोरी का एक झूठे मामला दर्ज किया गया। हिरासत के दौरान उसे यातनाएं दी गईं, जबकि एससी गिरहोत्रा का आरोप था कि रुचिका की मौत के बाद खाली कागजात पर उनसे हस्ताक्षर करवाकर उनकी बेटी की पोस्टमार्टम की औपचारिकताओं को पूरा कर दिया गया। क्लोजर रिपोर्ट के मुताबिक जांच में राठौर के खिलाफ कोई भी सुबूत नहीं मिला। सेक्टर छह में जिस जगह पर यह घटना हुई थी, वहां पर किसी भी दुकानदार ने यह नहीं बताया कि आशु को हाफ निक्कर में पुलिस मार्केट से ले गई थी। आशु का आरोप था कि पुलिस उसे आधे कपड़े में मारते-पीटते ले गई थी। साथ यह भी आरोप लगा था कि उनकी बेटी के नाम को जान-बूझकर रूबी और एससी गिरहोत्रा के नाम को सुभाष चंद में बदल दिया गया। सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में इन सभी आरोपों को गलत ठहराते हुए कहा है कि इस बारे में कोई सबूत नहीं मिले। सीबीआई ने दोनों मामलों में राठौर का पॉलीग्राफ टेस्ट भी करवाया था।
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यह मामला रुचिका का नहीं बल्कि हर लड़की का : आनंद प्रकाश
याचिका कर्ता आनंद प्रकाश का कहना है कि यह मामला स्टेट बनाम एसपीएस राठौर का था। इस मामले में वे भी शिकायतकर्ता थे। क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते समय सीबीआई ने न तो उन्हें नोटिस दिया और न पूछताछ की। यह मामला केवल रुचिका का नहीं बल्कि हर लड़की का है। सीबीआई शुरू से ही एसपीएस राठौर को बचाने की कोशिश कर रही है। क्लोजर रिपोर्ट में यह सब जाहिर हो गया है।
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