फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   आगजनी के लिए कोडवर्ड था पौधरोपण

आगजनी के लिए कोडवर्ड था पौधरोपण

Tue, 29 Aug 2017 01:12 AM IST
Updated Tue, 29 Aug 2017 01:12 AM IST
विज्ञापन
आगजनी के लिए कोडवर्ड था पौधरोपण
आगजनी के लिए कोडवर्ड था पौधरोपण
विज्ञापन

मनीमाजरा से गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस रिमांड में उगले राज
गोविंद परवाना
मनीमाजरा
साध्वी मामले में पंचकूला में बीते 25 अगस्त को डेरा मुखी पर फैसले के बाद उपद्रवियों को आगजनी के लिए कोडवर्ड दिया गया था पौधरोपण। इसका खुलासा चंडीगढ़ पुलिस ने किया है। पंचकूला में हिंसा के बाद चंडीगढ़ में घुसने की कोशिश कर रहे डेरा के छह अंगरक्षकों को मनीमाजरा थाना पुलिस ने धर दबोचा था। कोर्ट में आरोपियों की पेशी के बाद पुलिस ने जिला अदालत से दो दिन का और रिमांड लिया था। रिमांड के दौरान आरोपी अंगरक्षकों ने यह कबूल किया कि 25 अगस्त को पंचकूला शहर में हुए आगजनी व हिंसा के लिए उन्हें बकायदा कोड वर्ड दिया गया था।
जांच अधिकारी एसआई रोहित कुमार ने बताया कि रिमांड के दौरान दोषी बाबा के अंगरक्षक कृष्णपाल सिंह ने पूछताछ में यह कबूल किया कि 25 अगस्त की सुबह 7 बजे डेरा प्रबंधक मिट्ठू उनसे आकर मिला और उन्हें रिवाल्वर, गोलियां और आगजनी के लिए तमाम सामग्री उपलब्ध करवाईं। पकड़े गए दूसरे अंगरक्षक सुखविंदर सिंह ने पुलिस रिमांड के दौरान बताया कि इसके साथ ही डेरा प्रबंधक ने उन्हें पंचकूला में इकट्ठे हुए समर्थकों के साथ मिलकर पूरे जिले में आगजनी के लिए बकायदा कोड वर्ड दिया। जांच अधिकारी रोहित कुमार ने बताया कि अंगरक्षकों को पंचकूला में आगजनी करने के लिए पौधरोपण कोडवर्ड दिया गया था।
विज्ञापन

पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों ने यह कबूल किया कि डेरा प्रबंधकों के कहने पर उन्होंने अन्य समर्थकों के साथ मिलकर पंचकूला शहर में जगह- जगह आगजनी की। आगजनी के बाद उन्होंने बचने के लिए चंडीगढ़ की सीमा में घुसने की कोशिश करने के दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें मनसा देवी की तरफ से आ सड़क पर बैरेकै डिंग लगाकर दबोच लिया। पुलिस के अनुमान है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाक्स
मकान बेचकर बाबा को दिए थे छह लाख
पुलिस द्वारा पकड़े गए गार्ड में सुखविंदर 36 सिंह हरियाणा के जिला फतेहाबाद की तहसील टोहाना के गांव धारसूल का रहना वाला है। जिसको 2001 में घर वालों ने बेदखल कर दिया था। उसके बाद से ही वह डेरा मुखी के साथ रक्षक गार्ड का काम कर रहा है। सुखविंदर ने अपने हिस्से का मकान 6 लाख में बेचकर भी सारा पैसा डेरा मुखी को दे दिया था। बाकी सुरक्षा गार्ड में रणजीत 25 सिरसा के गांव रानिया का रहने वाला है। जोकि जिप्सी चालक भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed