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जीएमसीएच-32 के गायनी विभाग के एसओडी को समन
Updated Tue, 18 Jul 2017 01:31 AM IST
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जीएमसीएच-32 गायनी विभाग के एचओडी को समन
- 10 वर्षीय नाबालिग पीड़िता के गर्भपात के संबंध में लिया जाएगा परामर्श
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
10 वर्षीय बच्ची के गर्भपात संबंधी मेडिकल रिपोर्ट के लिए जिला अदालत ने जीएमसीएच-32 के गायनी विभाग के एचओडी को समन जारी किए हैं। उन्हें मंगलवार को अदालत में पेश होने को कहा गया है। इसके बाद ही अदालत तय करेगी कि बच्ची का गर्भपात कराया जाना ठीक है या नहीं। वहीं सूत्रों के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट में गर्भपात से बच्ची की जान को खतरा हो सकता है, यह बात सामने आई है।
सोमवार को मामले में जीएमसीएच-32 से दो डॉक्टर अदालत में पेश हुए। उन्होंने अदालत में मेडिकल रिपोर्ट पेश करनी चाही, लेकिन अदालत ने उनकी मेडिकल रिपोर्ट लेने से इंकार करते हुए विभाग के एचओडी को अदालत में तलब किया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एचओडी को स्वयं आने को कहा है। मंगलवार को अदालत एचओडी से परामर्श और उनकी रिपोर्ट के आधार पर तय करेगी कि पीड़िता का गर्भपात कराया जाना उसके लिए ठीक होगा या नहीं।
बता दें कि सेक्टर-37 में रहने वाली 11 वर्षीय बच्ची अपने ही मामा द्वारा रेप किए जाने से गर्भवती हो गई थी। जब तक घरवालों को पता चलता तब तक वह छह माह के करीब गर्भवती हो चुकी थी। पुलिस ने अदालत में परिजनों की ओर से गर्भपात कराने की याचिका दायर की थी। इस पर मंगलवार को संभवत: अदालत फैसला सुना सकती है।
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- 10 वर्षीय नाबालिग पीड़िता के गर्भपात के संबंध में लिया जाएगा परामर्श
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
10 वर्षीय बच्ची के गर्भपात संबंधी मेडिकल रिपोर्ट के लिए जिला अदालत ने जीएमसीएच-32 के गायनी विभाग के एचओडी को समन जारी किए हैं। उन्हें मंगलवार को अदालत में पेश होने को कहा गया है। इसके बाद ही अदालत तय करेगी कि बच्ची का गर्भपात कराया जाना ठीक है या नहीं। वहीं सूत्रों के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट में गर्भपात से बच्ची की जान को खतरा हो सकता है, यह बात सामने आई है।
सोमवार को मामले में जीएमसीएच-32 से दो डॉक्टर अदालत में पेश हुए। उन्होंने अदालत में मेडिकल रिपोर्ट पेश करनी चाही, लेकिन अदालत ने उनकी मेडिकल रिपोर्ट लेने से इंकार करते हुए विभाग के एचओडी को अदालत में तलब किया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एचओडी को स्वयं आने को कहा है। मंगलवार को अदालत एचओडी से परामर्श और उनकी रिपोर्ट के आधार पर तय करेगी कि पीड़िता का गर्भपात कराया जाना उसके लिए ठीक होगा या नहीं।
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बता दें कि सेक्टर-37 में रहने वाली 11 वर्षीय बच्ची अपने ही मामा द्वारा रेप किए जाने से गर्भवती हो गई थी। जब तक घरवालों को पता चलता तब तक वह छह माह के करीब गर्भवती हो चुकी थी। पुलिस ने अदालत में परिजनों की ओर से गर्भपात कराने की याचिका दायर की थी। इस पर मंगलवार को संभवत: अदालत फैसला सुना सकती है।
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