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अवकाश मान ने जताई ऐसी ख्वाहिश, जानकर पिता हरभजन मान को महसूस होगा गर्व, स्पेशल इंटरव्यू
Wed, 03 Jul 2019 10:24 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jul 2019 10:24 AM IST
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अवकाश मान
- फोटो : अमर उजाला
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फिल्म इंडस्ट्री हो या संगीत की दुनिया। यहां आने वाले सिंगरों और कलाकारों की तमन्ना होती है कि वह अपने रोल मॉडल के साथ करें, पर मेरे लिए पापा ही रोल मॉडल हैं। तमन्ना है कि एक दिन मैं अपने पापा के साथ गीत गाऊं। यह कहना है मशहूर गायक हरभजन मान के बेटे अवकाश मान का। अवकाश अपने पिता हरभजन मान के साथ चंडीगढ़ के होटल जेडब्ल्यू मैरियट में पहुंचे थे।
अवकाश ने बताया कि उनका डेब्यू गीत ‘अवे’ एक बड़ी सफलता थी। इस गीत ने प्रसिद्ध अमेरिकी टॉप 40 में स्थान पाया। अवकाश ने बताया कि उनकी संगीत की पृष्ठभूमि तो है ही, साथ ही उन्होंने कला की भी ट्रेनिंग ली है। इसके लिए द लैंगली स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स और न्यूयॉर्क फिल्म एकेडमी में प्रवेश लिया। अवकाश ने कहा कि उनका नया एलबम ‘तेरे वास्ते’ ठेठ पंजाबी गाने के स्टीरियोटाइप को तोड़ता है।
अवकाश के गीतों की खूबी है कि उसमें गायन के साथ गीत की ईडीएम वाइब्रेंसी है। अवकाश ने बताया कि उनको संगीत सिखाने में पापा का सबसे अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि वास्तव में संगीत जिंदगी को जीने का एक तरीका है। संगीत उनके जीवन में हर तरह के संगीत शैलियों और भाषाओं के साथ मौजूद है।
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उन्होंने कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि उनकी मातृभाषा पंजाबी है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कुछ समय बिताने की वजह से उनको काफी लाभ मिला। बेशक उनकी स्टडी कनाडा में हुई, पर यहां रहकर उन्होंने काफी कुछ सीखा। अवकाश ने कहा कि उनकी कोशिश है कि पारिवारिक परंपराओं को आगे ले जाएं।
हरभजन मान ने कहा कि संगीत और कला को दुनिया के सामने प्रस्तुत करना हर कलाकार का सपना और लक्ष्य होता है। जब कलाकार के पास एक भरोसेमंद टीम हो तो विशेष रूप से उसके लिए लाभदायक होता है। अवकाश की ट्रेनिंग पूरी तरह से की गई है। वह नए संगीत को व्यापक रूप से पेश करेगा।
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अवकाश ने बताया कि उनका डेब्यू गीत ‘अवे’ एक बड़ी सफलता थी। इस गीत ने प्रसिद्ध अमेरिकी टॉप 40 में स्थान पाया। अवकाश ने बताया कि उनकी संगीत की पृष्ठभूमि तो है ही, साथ ही उन्होंने कला की भी ट्रेनिंग ली है। इसके लिए द लैंगली स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स और न्यूयॉर्क फिल्म एकेडमी में प्रवेश लिया। अवकाश ने कहा कि उनका नया एलबम ‘तेरे वास्ते’ ठेठ पंजाबी गाने के स्टीरियोटाइप को तोड़ता है।
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अवकाश के गीतों की खूबी है कि उसमें गायन के साथ गीत की ईडीएम वाइब्रेंसी है। अवकाश ने बताया कि उनको संगीत सिखाने में पापा का सबसे अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि वास्तव में संगीत जिंदगी को जीने का एक तरीका है। संगीत उनके जीवन में हर तरह के संगीत शैलियों और भाषाओं के साथ मौजूद है।
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उन्होंने कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि उनकी मातृभाषा पंजाबी है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कुछ समय बिताने की वजह से उनको काफी लाभ मिला। बेशक उनकी स्टडी कनाडा में हुई, पर यहां रहकर उन्होंने काफी कुछ सीखा। अवकाश ने कहा कि उनकी कोशिश है कि पारिवारिक परंपराओं को आगे ले जाएं।
हरभजन मान ने कहा कि संगीत और कला को दुनिया के सामने प्रस्तुत करना हर कलाकार का सपना और लक्ष्य होता है। जब कलाकार के पास एक भरोसेमंद टीम हो तो विशेष रूप से उसके लिए लाभदायक होता है। अवकाश की ट्रेनिंग पूरी तरह से की गई है। वह नए संगीत को व्यापक रूप से पेश करेगा।
पिता के नक्शे कदम पर चला बेटा
अवकाश ने अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए कला में गहरी रुचि दिखाई। अवकाश मान ने लैंगली फाइन आर्ट्स स्कूल, टोरंटो विश्वविद्यालय और न्यूयॉर्क फिल्म एकेडमी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से ग्रेजुएशन किया है। अवकाश मान गायन, अभिनय और लेखन की कला में प्रशिक्षित हैं।
उनमें अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी में समान रूप से उच्च स्तरीय प्रदर्शन करने की क्षमता है। अपनी संगीत यात्रा को शुरू करते हुए अवकाश मान ने कनाडा में संगीत सीखना शुरू किया और फिर मुंबई में अपने अभिनय कौशल को पूरा किया। भारत में ही शास्त्रीय संगीत प्रशिक्षण शुरू करने का फैसला किया।
सब गाएगा जरा इंतजार कीजिए
इस मौके पर हरभजन मान ने कहा कि अवकाश अभी इस फील्ड में आया है। कोशिश है कि वह सभी प्रकार के गीतों को गाए। उन्होंने अवकाश को हर ट्रेनिंग दी है। संगीत की दुनिया काफी बड़ी है। यहां पर हर कोई नई बातों को सीखता है। अवकाश भी इससे अलग नहीं है।
उनमें अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी में समान रूप से उच्च स्तरीय प्रदर्शन करने की क्षमता है। अपनी संगीत यात्रा को शुरू करते हुए अवकाश मान ने कनाडा में संगीत सीखना शुरू किया और फिर मुंबई में अपने अभिनय कौशल को पूरा किया। भारत में ही शास्त्रीय संगीत प्रशिक्षण शुरू करने का फैसला किया।
सब गाएगा जरा इंतजार कीजिए
इस मौके पर हरभजन मान ने कहा कि अवकाश अभी इस फील्ड में आया है। कोशिश है कि वह सभी प्रकार के गीतों को गाए। उन्होंने अवकाश को हर ट्रेनिंग दी है। संगीत की दुनिया काफी बड़ी है। यहां पर हर कोई नई बातों को सीखता है। अवकाश भी इससे अलग नहीं है।