{"_id":"5c6475b2bdec22121f030d18","slug":"155008771017-pkl-office-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इन्द्रधनुष में चाप सिंह का सांग देखकर दर्शक हुए भाव विभोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इन्द्रधनुष में चाप सिंह का सांग देखकर दर्शक हुए भाव विभोर
विज्ञापन
इंद्रधनुष में चाप सिंह का सांग देखकर दर्शक हुए भाव विभोर
- शरीफ काला ने दी चाप सिंह की प्रस्तुति, देर रात तक बैठे रहे दर्शक
-
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की ओर से इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में चल रहे सांग उत्सव में प्रसिद्ध सांगी शरीफ काला ने चाप सिंह की प्रस्तुति दी। सांग का लुत्फ उठाते दर्शक भाव-विभोर हो गए और देर रात्रि तक सांग का भरपूर आनंद उठाते रहे। प्रसिद्ध सांगी सूर्य कवि पंडित लखमीचंद की रचना शरीफ काला ने अपने स्वर के माध्यम से विभिन्न मुद्राओं में बेहतरीन प्रस्तुति दी। निदेशक ने कलाकारों को शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणवी संस्कृति को सशक्त बनाने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करवाती रहती है। सात दिवसीय सांग उत्सव में 14 फरवरी को शाम 6 बजे श्याम लाल की रचना जानी चोर, 15 फरवरी को बाबा दान सिंह की प्रस्तुति में अजीत सिंह राजबाला, 16 फरवरी को कुलदीप की रचना बनदेवी तथा 17 फरवरी को संजय मलिक द्वारा राजा हरिश्चंद्र का सांग दर्शाया जाएगा।
कुछ ऐसे हुआ सोमवती और चापसिंह का विवाह
शरीफ काला की प्रस्तुति में मारवाड़ में राजपूत जसवंत सिंह बादशाह के सिपहसलार थे। उनके बेटे चाप सिंह की शादी बचपन में श्रीनगर की रहने वाली सोमवती से पटके और कटार को गवाह मान कर दी जाती है। कुछ समय बाद जसवंत का स्वर्गवास हो जाता है और चाप सिंह को सोमवती के गोणे की चिट्ठी आती है। चाप सिंह राजा से सलाह मशविरा करता है और कहानी में नया मोड़ आ जाता है। अंत में सोमवती और चापसिंह का विवाह हो जाता है। कलाकारों की बेहतरीन प्रस्तुति देखकर दर्शक देर रात ठंड में सांग के माध्यम से मनोरंजन करते रहे। इस अवसर पर कार्यक्रम में सांस्कृतिक एवं कला विभाग इंचार्ज रेणु हुड्डा, सांस्कृतिक अधिकारी तानिया जीएस चौहान, हृदय कौशल, शिव कुमार, राजेश कुमार सहित दर्शक भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
- शरीफ काला ने दी चाप सिंह की प्रस्तुति, देर रात तक बैठे रहे दर्शक
-
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की ओर से इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में चल रहे सांग उत्सव में प्रसिद्ध सांगी शरीफ काला ने चाप सिंह की प्रस्तुति दी। सांग का लुत्फ उठाते दर्शक भाव-विभोर हो गए और देर रात्रि तक सांग का भरपूर आनंद उठाते रहे। प्रसिद्ध सांगी सूर्य कवि पंडित लखमीचंद की रचना शरीफ काला ने अपने स्वर के माध्यम से विभिन्न मुद्राओं में बेहतरीन प्रस्तुति दी। निदेशक ने कलाकारों को शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणवी संस्कृति को सशक्त बनाने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करवाती रहती है। सात दिवसीय सांग उत्सव में 14 फरवरी को शाम 6 बजे श्याम लाल की रचना जानी चोर, 15 फरवरी को बाबा दान सिंह की प्रस्तुति में अजीत सिंह राजबाला, 16 फरवरी को कुलदीप की रचना बनदेवी तथा 17 फरवरी को संजय मलिक द्वारा राजा हरिश्चंद्र का सांग दर्शाया जाएगा।
कुछ ऐसे हुआ सोमवती और चापसिंह का विवाह
शरीफ काला की प्रस्तुति में मारवाड़ में राजपूत जसवंत सिंह बादशाह के सिपहसलार थे। उनके बेटे चाप सिंह की शादी बचपन में श्रीनगर की रहने वाली सोमवती से पटके और कटार को गवाह मान कर दी जाती है। कुछ समय बाद जसवंत का स्वर्गवास हो जाता है और चाप सिंह को सोमवती के गोणे की चिट्ठी आती है। चाप सिंह राजा से सलाह मशविरा करता है और कहानी में नया मोड़ आ जाता है। अंत में सोमवती और चापसिंह का विवाह हो जाता है। कलाकारों की बेहतरीन प्रस्तुति देखकर दर्शक देर रात ठंड में सांग के माध्यम से मनोरंजन करते रहे। इस अवसर पर कार्यक्रम में सांस्कृतिक एवं कला विभाग इंचार्ज रेणु हुड्डा, सांस्कृतिक अधिकारी तानिया जीएस चौहान, हृदय कौशल, शिव कुमार, राजेश कुमार सहित दर्शक भी मौजूद रहे।
विज्ञापन