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एक ही स्थान पर चौथी बार टूटी रामसरा माईनर
Updated Fri, 01 Sep 2017 09:44 PM IST
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एक ही स्थान पर चौथी बार टूटी रामसरा माइनर
अबोहर। नहरी विभाग की लापरवाही के चलते हलका बल्लूआना के अंतर्गत आते गांव अमरपुरा के नजदीक रामसरा माइनर लगातार चौथी बार टूट गई। वीरवार रात आए करीब 20 फुट चौड़े कटाव में किसानों की सैकड़ों एकड़ नरमा की फसल डूब गई और किन्नू के बाग जलमग्न हो गए। एक ही स्थान पर चौथी बार नहर टूटने से पीड़ित किसानों ने मुआवजे की मांग करते हुए एलान किया है कि सरकार ने उन्हें मुआवजा नहीं दिया तो वह धरना-प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।
पीड़ित किसान भागीरथ, मेनपाल, संदीप, रमन, भीमसेन, रमन, आसाराम, हरलाल, खशुदीप, राजिंद्र आदि ने बताया कि वीरवार की रात नहर में करीब 20 फुट चौड़ा कटाव आ गया। इसकी सूचना मिलते ही किसान ट्रैक्टर आदि लेकर मौके पर पहुंचे और बोरियों में मिट्टी भरकर कटाव रोकने का प्रयास किया। किसानों ने बताया कि पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बरसात के कारण नहर का जलस्तर बढ़ गया। इसके बाद भी विभाग ने पानी का बहाव कम नहीं करवाया। इससे नहर टूट गई।
किसानों ने बताया कि पिछले तीन महीनों में इसी स्थान पर तीन बार पहले नहर टूट चुकी है ,जिससे किसानों की फसलें लगभग पूरी तरह से तबाह हो गई हैं। उन्होंने विभाग के बेलदार पर भी नहर की उचित देखभाल न करने का आरोप लगाया। साथ ही ने सरकार से मांग की है कि नहर टूटने से हुए नुकसान की गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा दिया जाए। विभाग के एक्सईएन उपकरण सिंह ने बताया कि चैनल की लंबाई अधिक होने के कारण पानी का बहाव रुकने में समय लगेगा और पानी रुकते ही मरम्मत का काम शुरू करा दिया जाएगा।
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अबोहर। नहरी विभाग की लापरवाही के चलते हलका बल्लूआना के अंतर्गत आते गांव अमरपुरा के नजदीक रामसरा माइनर लगातार चौथी बार टूट गई। वीरवार रात आए करीब 20 फुट चौड़े कटाव में किसानों की सैकड़ों एकड़ नरमा की फसल डूब गई और किन्नू के बाग जलमग्न हो गए। एक ही स्थान पर चौथी बार नहर टूटने से पीड़ित किसानों ने मुआवजे की मांग करते हुए एलान किया है कि सरकार ने उन्हें मुआवजा नहीं दिया तो वह धरना-प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।
पीड़ित किसान भागीरथ, मेनपाल, संदीप, रमन, भीमसेन, रमन, आसाराम, हरलाल, खशुदीप, राजिंद्र आदि ने बताया कि वीरवार की रात नहर में करीब 20 फुट चौड़ा कटाव आ गया। इसकी सूचना मिलते ही किसान ट्रैक्टर आदि लेकर मौके पर पहुंचे और बोरियों में मिट्टी भरकर कटाव रोकने का प्रयास किया। किसानों ने बताया कि पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बरसात के कारण नहर का जलस्तर बढ़ गया। इसके बाद भी विभाग ने पानी का बहाव कम नहीं करवाया। इससे नहर टूट गई।
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किसानों ने बताया कि पिछले तीन महीनों में इसी स्थान पर तीन बार पहले नहर टूट चुकी है ,जिससे किसानों की फसलें लगभग पूरी तरह से तबाह हो गई हैं। उन्होंने विभाग के बेलदार पर भी नहर की उचित देखभाल न करने का आरोप लगाया। साथ ही ने सरकार से मांग की है कि नहर टूटने से हुए नुकसान की गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा दिया जाए। विभाग के एक्सईएन उपकरण सिंह ने बताया कि चैनल की लंबाई अधिक होने के कारण पानी का बहाव रुकने में समय लगेगा और पानी रुकते ही मरम्मत का काम शुरू करा दिया जाएगा।
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