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जागा पीयू प्रशासन, 700 पौधों पर दीमक को मारने को कैमिकल छिड़काव
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फ्लैग : पीयू में दीपक की चपेट में आने से पड़ों का सूखने का मामला
प्रशासन जागा, 700 पेड़ों पर किया कैमिकल का छिड़काव
::: अमर उजाला इंपैक्ट :::
फोटो---
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में लगे हजारों पेड़ों का जीवन संकट में है। दीमक ने उन पर हमला बोल दिया है। उन्हें अब बचाने के लिए कैमिकल दवा का छिड़काव किया जा रहा है। लगभग 700 पौधों पर छिड़काव किया गया है। अभी यह काम हॉर्टिकल्चर विभाग करवा रहा है। दो से तीन दिन में सभी पेड़ों पर छिड़काव का काम पूरा हो जाएगा।
गांधी भवन के सामने से लेकर यूबीएस विभाग व लॉ डिपार्टमेंट तक जो पौधे लगे हैं, उसमें कई सूख गए हैं। इस ओर हॉर्टिकल्चर विभाग का ध्यान ही नहीं गया जबकि हर साल हरियाली के लाखों रुपये का बजट जारी होता है। पौधों के सूखने का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो पीयू प्रशासन की आंख खुली और उन्होंने आनन-फानन में कैमिकल का छिड़काव शुरू कर दिया। यह छिड़काव क्लोरोप्यूरीफोस दवा का है। कर्मचारी प्रति लीटर पानी में दो से तीन एमएल दवा मिलाकर छिड़काव कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यह छिड़काव केवल ऊपर ही हो रहा है। जड़ों पर इसका प्रभाव नहीं जाएगा। इसके कारण पौधों को आगे भी दिक्कत होगी। पेड़ आगे भी सूखते रहेंगे। उधर, हॉर्टिकल्चर विभाग का तर्क है कि यह छिड़काव दीमक को खत्म कर देगा। पौधे स्वस्थ रहेंगे।
बाक्स
21वां पेड़ सूखा, शिक्षक व विद्यार्थियों ने दी श्रद्घांजलि
- 80 फीसदी पेड़ दीमक व कंक्रीट के कारण नहीं ले पा रहे सांस
फोटो----
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीयू में अर्थशास्त्र विभाग के पास 21वां पेड़ भी दीमक व कंक्रीट के कारण मर गया। सूखने पर लोग उसे काटकर ले गए। समाजशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर विनोद कुमार चौधरी के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने इस पेड़ को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पीयू के 80 फीसद पेड़ों पर दीमक ने हमला बोल दिया है। विकास की अंधी दौड़ में कंक्रीट पेड़ों की जड़ों में डाला जा रहा है। इसके कारण पेड़ सांस नहीं ले पा रहे हैं। हॉर्टिकल्चर विभाग नाम का है, वह काम नहीं कर पा रहा है। इस मौके पर रणवीर सिंह, अमित आदि मौजूद रहे।
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प्रशासन जागा, 700 पेड़ों पर किया कैमिकल का छिड़काव
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में लगे हजारों पेड़ों का जीवन संकट में है। दीमक ने उन पर हमला बोल दिया है। उन्हें अब बचाने के लिए कैमिकल दवा का छिड़काव किया जा रहा है। लगभग 700 पौधों पर छिड़काव किया गया है। अभी यह काम हॉर्टिकल्चर विभाग करवा रहा है। दो से तीन दिन में सभी पेड़ों पर छिड़काव का काम पूरा हो जाएगा।
गांधी भवन के सामने से लेकर यूबीएस विभाग व लॉ डिपार्टमेंट तक जो पौधे लगे हैं, उसमें कई सूख गए हैं। इस ओर हॉर्टिकल्चर विभाग का ध्यान ही नहीं गया जबकि हर साल हरियाली के लाखों रुपये का बजट जारी होता है। पौधों के सूखने का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो पीयू प्रशासन की आंख खुली और उन्होंने आनन-फानन में कैमिकल का छिड़काव शुरू कर दिया। यह छिड़काव क्लोरोप्यूरीफोस दवा का है। कर्मचारी प्रति लीटर पानी में दो से तीन एमएल दवा मिलाकर छिड़काव कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यह छिड़काव केवल ऊपर ही हो रहा है। जड़ों पर इसका प्रभाव नहीं जाएगा। इसके कारण पौधों को आगे भी दिक्कत होगी। पेड़ आगे भी सूखते रहेंगे। उधर, हॉर्टिकल्चर विभाग का तर्क है कि यह छिड़काव दीमक को खत्म कर देगा। पौधे स्वस्थ रहेंगे।
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21वां पेड़ सूखा, शिक्षक व विद्यार्थियों ने दी श्रद्घांजलि
- 80 फीसदी पेड़ दीमक व कंक्रीट के कारण नहीं ले पा रहे सांस
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीयू में अर्थशास्त्र विभाग के पास 21वां पेड़ भी दीमक व कंक्रीट के कारण मर गया। सूखने पर लोग उसे काटकर ले गए। समाजशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर विनोद कुमार चौधरी के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने इस पेड़ को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पीयू के 80 फीसद पेड़ों पर दीमक ने हमला बोल दिया है। विकास की अंधी दौड़ में कंक्रीट पेड़ों की जड़ों में डाला जा रहा है। इसके कारण पेड़ सांस नहीं ले पा रहे हैं। हॉर्टिकल्चर विभाग नाम का है, वह काम नहीं कर पा रहा है। इस मौके पर रणवीर सिंह, अमित आदि मौजूद रहे।
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