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पांच साल की बच्ची से पड़ासी लड़के ने किया दुराचार
Updated Sun, 26 Nov 2017 10:06 PM IST
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पांच साल की बच्ची से 15 साल के पड़ोसी लड़के ने किया दुराचार
- बच्ची को खिलाने के बहाने आया घर, मां आई तो की भागने की कोशिश
- पुलिस ने आरोपी को भेजा गया बाल सुधार गृह
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सेक्टर-52 में पांच साल की एक बच्ची को उसी के पड़ोस में रहने वाले एक 15 साल के लड़के ने अपना शिकार बना डाला। लड़का बच्ची और उसकी बहन को खिलाने के बहाने उनके घर आया। बच्चियों की मां घर पर नहीं थी, लेकिन जब घर लौटी तो इस वारदात का पता चला। लड़के ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सका। मौके पर पुलिस को बुलाया गया और पुलिस के जुवेनाइल ऑफिसर ने उसेे ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया। आरोपी लड़के को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस ने बच्ची का मेडिकल भी कराया। फिलहाल बच्ची की हालत ठीक है और अपने परिजनों के साथ है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पीड़ित बच्ची और आरोपी लड़के का घर साथ-साथ ही है। देर शाम लड़का बच्ची के घर गया। उस वक्त बच्ची अपनी छोटी बहन के साथ घर में ही खेल रही थी। जबकि उनकी मां घर के काम में व्यस्त थी। जब मां शौचालय के लिए घर से बाहर गई तो लड़के ने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। बच्ची की मां लौटी तो दरवाजा बंद पाकर उसे कुछ संदेह हुआ। कई बार दरवाजा बजाने पर लड़के ने खोला तो पांच वर्षीय बच्ची रो रही थी। मां ने जब रोने का कारण पूछा तो बच्ची ने आपबीती बताई। इस दौरान लड़के ने वहां से भागना चाहा, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। पुलिस के मुताबिक बच्ची का मेडिकल भी कराया गया। जिसके बाद बच्ची की मां की शिकायत पर लड़के के खिलाफ सेक्टर-36 थाने में पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक वह पहले भी बच्ची को खिलाने के लिए घर आता था, लेकिन ऐसी हरकत का बच्ची के परिजनों को अंदेशा नहीं था।
आखिर कब थमेंगी ऐसी हरकतें:
शहर में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जब छोटी बच्चियों का शोषण हो रहा है। हाल में दो मामाओं द्वारा 10 साल की बच्ची के साथ दुराचार कर उसे गर्भवती करने की वारदात ने सभी को झकझोर दिया था। इसके अलावा इसी साल 15 अगस्त को एक 12 वर्षीय बच्ची के दुराचार का मामला सामने आया था, जब वह स्कूल से लौट रही थी।
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कैलाश सत्यार्थी ने जताई थी चिंता:
बच्चों के विरुद्ध अपराध को रोकने में जुटे नोबल पीस अवार्डी कैलाश सत्यार्थी ने भी चंडीगढ़ की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की थी। पिछले दिनों जब सत्यार्थी चंडीगढ़ आए थे तो इस शहर में लगातार हो रहे बाल शोषण के मामलों पर तीखा कटाक्ष किया था।
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- बच्ची को खिलाने के बहाने आया घर, मां आई तो की भागने की कोशिश
- पुलिस ने आरोपी को भेजा गया बाल सुधार गृह
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सेक्टर-52 में पांच साल की एक बच्ची को उसी के पड़ोस में रहने वाले एक 15 साल के लड़के ने अपना शिकार बना डाला। लड़का बच्ची और उसकी बहन को खिलाने के बहाने उनके घर आया। बच्चियों की मां घर पर नहीं थी, लेकिन जब घर लौटी तो इस वारदात का पता चला। लड़के ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सका। मौके पर पुलिस को बुलाया गया और पुलिस के जुवेनाइल ऑफिसर ने उसेे ड्यूटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया। आरोपी लड़के को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस ने बच्ची का मेडिकल भी कराया। फिलहाल बच्ची की हालत ठीक है और अपने परिजनों के साथ है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पीड़ित बच्ची और आरोपी लड़के का घर साथ-साथ ही है। देर शाम लड़का बच्ची के घर गया। उस वक्त बच्ची अपनी छोटी बहन के साथ घर में ही खेल रही थी। जबकि उनकी मां घर के काम में व्यस्त थी। जब मां शौचालय के लिए घर से बाहर गई तो लड़के ने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। बच्ची की मां लौटी तो दरवाजा बंद पाकर उसे कुछ संदेह हुआ। कई बार दरवाजा बजाने पर लड़के ने खोला तो पांच वर्षीय बच्ची रो रही थी। मां ने जब रोने का कारण पूछा तो बच्ची ने आपबीती बताई। इस दौरान लड़के ने वहां से भागना चाहा, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। पुलिस के मुताबिक बच्ची का मेडिकल भी कराया गया। जिसके बाद बच्ची की मां की शिकायत पर लड़के के खिलाफ सेक्टर-36 थाने में पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक वह पहले भी बच्ची को खिलाने के लिए घर आता था, लेकिन ऐसी हरकत का बच्ची के परिजनों को अंदेशा नहीं था।
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आखिर कब थमेंगी ऐसी हरकतें:
शहर में लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जब छोटी बच्चियों का शोषण हो रहा है। हाल में दो मामाओं द्वारा 10 साल की बच्ची के साथ दुराचार कर उसे गर्भवती करने की वारदात ने सभी को झकझोर दिया था। इसके अलावा इसी साल 15 अगस्त को एक 12 वर्षीय बच्ची के दुराचार का मामला सामने आया था, जब वह स्कूल से लौट रही थी।
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कैलाश सत्यार्थी ने जताई थी चिंता:
बच्चों के विरुद्ध अपराध को रोकने में जुटे नोबल पीस अवार्डी कैलाश सत्यार्थी ने भी चंडीगढ़ की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की थी। पिछले दिनों जब सत्यार्थी चंडीगढ़ आए थे तो इस शहर में लगातार हो रहे बाल शोषण के मामलों पर तीखा कटाक्ष किया था।