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सूद और मोदगिल भिड़े
Updated Thu, 31 Aug 2017 01:49 AM IST
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सदन में भिड़े सूद और मोदगिल
कमेटी के विजिट को लेकर भाजपा के दोनों पार्षदों में विवाद
मेयर चुनाव से पहले दावेदारों की गुटबाजी सतह पर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अगले साल के मेयर पद के भाजपा के दो दावेदारों की गुटबाजी खुलकर सदन में सामने आ गई। सदन की बैठक में भाजपा पार्षद अरुण सूद और देवेश मोदगिल के बीच जमकर बहस हुई। विवाद उस समय हुआ जब सेक्टर- 38 के कम्यूनिटी सेंटर को तोड़कर 4 करोड़ 93 लाख रुपये खर्च करके फिर से नया बनाने का प्रस्ताव सदन में पारित होने के लिए आया। यह कम्यूनिटी सेंटर अरुण सूद के वार्ड का है। सूद शहर में नए बनने वाले कम्युनिटी सेंटर और यहां पर सुविधाओं का इजाफा करने के लिए बनी कमेटी के चेयरमैन भी है।
भाजपा पार्षद देवेश मोदगिल ने सदन में कहा कि जब सूद कमेटी के चेयरमैन के तौर पर और अन्य सदस्य उनके वार्ड सेकटर-47 के कम्यूनिटी सेंटर की हालत देखने आए थे तो उन्हें कार्यकारी अभियंता गुरशरण ने 10 दिन मिनट पहले ही आने के लिए कहा, जबकि इसकी सूचना पहले दी जानी चाहिए थी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि फोन पर गुरशरण ने कहा कि अभी 10 मिनट में मौके पर पहुंच सकते हो तो पहुंच जाओ नहीं तो मत आओ। इस पर सूद ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मोदगिल ने अधिकारी को धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। सूद ने कहा कि अधिकारी के साथ मोदगिल का रवैया ठीक नहीं था। इसके बाद दोनो में बहस शुरू हो गई। अंत में मनोनीत पार्षद एमएस कांडल के हस्ताक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। जबकि हीरा नेगी ने भी कहा कि उनके वार्ड में भी कमेटी ने अभी तक विजिट नहीं किया है।
सीनियर डिप्टी मेयर को भी है एतराज
सूत्रों का कहना है कि सीनियर डिप्टी मेयर राजेश गुप्ता को भी सेक्टर-38 में तोड़कर फिर से नया कम्युनिटी सेंटर बनाने पर एतराज है क्योंकि उनकेवार्ड में शामिल सेक्टर-20 के कम्युनिटी सेंटर को तोड़कर नया बनाने का प्रस्ताव पिछले साल पास हुआ है। लेकिन अब तक उस पर काम नहीं शुरू हुआ है। जबकि भाजपा पार्षद रवि शर्मा ने कहा कि अरुण सूद के वार्ड में पहले से ही दो कम्युनिटी सेंटर टूट कर बन रहे हैं। ऐसे में अगर सेक्टर-38 का भी सामुदायिक केंद्र तोड़ दिया जाएगा तो फिर लोग कहा पर अपने कार्यक्रम करवाने के लिए जाएगा।
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मनोनीत पार्षदों से वोटिंग राइट छीनने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम के मनोनीत पार्षदों से वोटिंग राइट छीनने का मामला भी नगर निगम की सदन की बैठक में उठा। वोटिंग राइट छीनने के बाद यह पहली बैठक थी जिसमें मनोनीत पार्षदों ने भी भाग नहीं लिया। हालांकि इस बार जो 9 मनोनीत पार्षद बने हैं उनमे 5 भाजपा के हैं। लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस पार्षद दवेंद्र सिंह बबला ने राजनीति के तहत यह मामला उठाया। बबला ने मेयर को कहा कि मनोनीत पार्षदो को फिर से वोटिंग राइट का अधिकार देने पर पुनर्विचार का प्रस्ताव पास करके प्रशासन को भेजा जाना चाहिए।
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कमेटी के विजिट को लेकर भाजपा के दोनों पार्षदों में विवाद
मेयर चुनाव से पहले दावेदारों की गुटबाजी सतह पर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अगले साल के मेयर पद के भाजपा के दो दावेदारों की गुटबाजी खुलकर सदन में सामने आ गई। सदन की बैठक में भाजपा पार्षद अरुण सूद और देवेश मोदगिल के बीच जमकर बहस हुई। विवाद उस समय हुआ जब सेक्टर- 38 के कम्यूनिटी सेंटर को तोड़कर 4 करोड़ 93 लाख रुपये खर्च करके फिर से नया बनाने का प्रस्ताव सदन में पारित होने के लिए आया। यह कम्यूनिटी सेंटर अरुण सूद के वार्ड का है। सूद शहर में नए बनने वाले कम्युनिटी सेंटर और यहां पर सुविधाओं का इजाफा करने के लिए बनी कमेटी के चेयरमैन भी है।
भाजपा पार्षद देवेश मोदगिल ने सदन में कहा कि जब सूद कमेटी के चेयरमैन के तौर पर और अन्य सदस्य उनके वार्ड सेकटर-47 के कम्यूनिटी सेंटर की हालत देखने आए थे तो उन्हें कार्यकारी अभियंता गुरशरण ने 10 दिन मिनट पहले ही आने के लिए कहा, जबकि इसकी सूचना पहले दी जानी चाहिए थी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि फोन पर गुरशरण ने कहा कि अभी 10 मिनट में मौके पर पहुंच सकते हो तो पहुंच जाओ नहीं तो मत आओ। इस पर सूद ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मोदगिल ने अधिकारी को धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। सूद ने कहा कि अधिकारी के साथ मोदगिल का रवैया ठीक नहीं था। इसके बाद दोनो में बहस शुरू हो गई। अंत में मनोनीत पार्षद एमएस कांडल के हस्ताक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। जबकि हीरा नेगी ने भी कहा कि उनके वार्ड में भी कमेटी ने अभी तक विजिट नहीं किया है।
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सीनियर डिप्टी मेयर को भी है एतराज
सूत्रों का कहना है कि सीनियर डिप्टी मेयर राजेश गुप्ता को भी सेक्टर-38 में तोड़कर फिर से नया कम्युनिटी सेंटर बनाने पर एतराज है क्योंकि उनकेवार्ड में शामिल सेक्टर-20 के कम्युनिटी सेंटर को तोड़कर नया बनाने का प्रस्ताव पिछले साल पास हुआ है। लेकिन अब तक उस पर काम नहीं शुरू हुआ है। जबकि भाजपा पार्षद रवि शर्मा ने कहा कि अरुण सूद के वार्ड में पहले से ही दो कम्युनिटी सेंटर टूट कर बन रहे हैं। ऐसे में अगर सेक्टर-38 का भी सामुदायिक केंद्र तोड़ दिया जाएगा तो फिर लोग कहा पर अपने कार्यक्रम करवाने के लिए जाएगा।
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मनोनीत पार्षदों से वोटिंग राइट छीनने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम के मनोनीत पार्षदों से वोटिंग राइट छीनने का मामला भी नगर निगम की सदन की बैठक में उठा। वोटिंग राइट छीनने के बाद यह पहली बैठक थी जिसमें मनोनीत पार्षदों ने भी भाग नहीं लिया। हालांकि इस बार जो 9 मनोनीत पार्षद बने हैं उनमे 5 भाजपा के हैं। लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस पार्षद दवेंद्र सिंह बबला ने राजनीति के तहत यह मामला उठाया। बबला ने मेयर को कहा कि मनोनीत पार्षदो को फिर से वोटिंग राइट का अधिकार देने पर पुनर्विचार का प्रस्ताव पास करके प्रशासन को भेजा जाना चाहिए।