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जिले में शुरू नहीं हो पाई जल क्रांति परियोजना

Fri, 26 Feb 2021 10:11 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 26 Feb 2021 10:11 PM IST
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Water revolution project could not be started in the district
पलवल (अनूप पाराशर)। केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास व गंगा शुद्धिकरण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2017 में शुरू की गई महत्वाकांक्षी जल क्रांति परियोजना पलवल जिले में शुरू होने से पहले ही दम तोड़ गई। सरकार द्वारा जिले के सभी गांवों में इस योजना को शुरू करने से पहले परीक्षण के तौर पर दो गांवों का चयन किया गया, लेकिन उन दो गांवों में भी यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। योजना के तहत न तो गांवों में जल संरक्षण का काम हुआ है और न ही जल प्रबंधन तथा जल संग्रहण का काम हो पाया है। खास बात यह रही कि इस महत्वाकांक्षी योजना के बारे में पलवल जिले के उन दो गांवों के लोगों को भी जानकारी नहीं है, जिन्हें चयनित किया गया था। आम लोग तो दूर ग्राम पंचायत भी योजना से अनभिज्ञ हैं, अधिकारी भी इस परियोजना को लेकर पूरी तरह से उदासीन हैं।
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ये है जल क्रांति परियोजना
केंद्र सरकार जल जन संसाधन व नदी विकास मंत्रालय द्वारा इस परियोजना को शुरू करने का उद्देश्य गांवों के लोगों को पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के साथ-साथ पशुओं के लिए शुद्ध पेयजल, फसलों की सिंचाई के लिए जल प्रबंधन के तहत जोहड़ों की खुदाई कराना, जल संग्रहण के तहत बरसात के पानी का संग्रह करना था, ताकि वहां से खेतों तक फसलों की सिंचाई के लिए पानी पहुंचाया जा सके। पलवल जिले में इस परियोजना को शुरू करने से पहले परीक्षण के तौर पर पलवल जिले के हथीन उपमंडल के गांव रूपडाका व कमरावली को चुना गया। इसके लिए बाकायदा योजना भी बनी, लेकिन आज तक न तो परियोजना के तहत जल प्रबंधन का काम हुआ और न ही जल संरक्षण व जल संग्रहण का काम हो पाया है। यहां तक कि ग्राम पंचायत को भी नहीं पता है कि रूपडाका में जल क्रांति परियोजना के तहत काम होने हैं।
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बननी थी गांव और खंड स्तर पर समितियां
जल क्रांति योजना को सफल बनाने के लिए ग्राम स्तर पर तथा खंड स्तर पर समितियों का गठन किया जाना था। जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाना था तथा उपायुक्त को ही योजना का नोडल अधिकारी बनाया गया था, जबकि अतिरिक्त उपायुक्त परियोजना निदेशक व सदस्य सचिव बनाए गए थे। लेकिन आज तक न तो ग्राम स्तर पर कोई समिति बनी और न ही खंड स्तर पर समितियों का गठन हो पाया है। यहां तक जिले के लोगों को इस योजना के बारे में भी जानकारी नहीं है। इसके अलावा इस योजना के लिए सरकार को अलग से कोई फंड उपलब्ध नहीं कराना था। बल्कि अन्य योजनाओं जैसे मनरेगा, समेकित जल संग्रहण प्रबंधन परियोजना, प्रधानमंत्री कृषि विकास योजनाओं से इस योजना के लिए फंड एकत्रित कर काम शुरू कराना था। जल ग्राम योजना माडल कमांड एरिया, जन जागरण कार्यक्रम व अन्य गतिविधियां भी इस परियोजना का अंग बनाई गई थीं।
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क्या बोले सरपंच
रूपडाका गांव के सरपंच मोहम्मद हुसैन का कहना है कि उन्हें जल क्रांति परियोजना के बारे में कोई जानकारी नहीं है और न ही इस बात की जानकारी है कि रूपडाका गांव को इसके लिए चुना गया था। इतना ही नहीं इस परियोजना के तहत गांव में जो कार्य होने थे, उसके लिए भी कोई फंड सरकार की तरफ से नहीं आया तथा न ही जिला प्रशासन व पंचायत विभाग द्वारा इसके बारे में कोई जानकारी दी गई। हमारे द्वारा अपने स्तर पर पंचायत विभाग से मांग कर एक जोहड़ अवश्य खुदवाया था, लेकिन वह इस परियोजना का हिस्सा नहीं है।

मैं इस परियोजना के बारे में जानकारी लूंगा तथा पता करूंगा कि उपायुक्त ही इसके लिए नोडल अधिकारी हैं। सरकार की इस योजना के तहत पलवल में यदि दो गांवों का चयन किया गया था तो उनमें योजना को लागू करा काम करवाए जाएंगे। उसके अलावा योजना के तहत सरकार की तरफ से जो गाइड लाइन आई होंगी, उनका पालन किया जाएगा। परियोजना अच्छी है तो ग्रामीणों को फायदा दिलवाया जाएगा।
-नरेश नरवाल, जिला उपायुक्त, पलवल
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