फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   Uproar at the funeral of cattle smuggler Shahid

Palwal News: गो-तस्कर शाहिद के अंतिम संस्कार में हंगामा, 6 घंटे के गतिरोध के बाद हुआ सुपुर्द-ए-खाक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2026 12:35 AM IST
विज्ञापन
Uproar at the funeral of cattle smuggler Shahid
परिजनों ने शव लेने के बाद अंतिम संस्कार से किया इन्कार, पुलिसकर्मियों और गांव के 4 लोगों पर कार्रवाई की मांग
विज्ञापन

डीएसपी के आश्वासन और मांग पत्र पर जांच के भरोसे पर माने परिजन, बंद कमरे में 3 घंटे चली वार्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। बृहस्पतिवार को थाना रोजका मेव क्षेत्र के गांव भिरावटी के पास पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गो-तस्कर शाहिद उर्फ आडवाणी के अंतिम संस्कार को लेकर गांव खड़खड़ी में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। शव को सुपुर्द-ए-खाक करने को लेकर करीब 6 घंटे तक गतिरोध बना रहा। परिजनों और ग्रामीणों ने एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए अंतिम संस्कार से साफ इन्कार कर दिया। उनका कहना था कि यह एनकाउंटर नहीं, बल्कि सोची समझी हत्या है, जिसमें पुलिस के साथ बाहरी और गांव के विरोधी गैंग की भूमिका है।
एक दिन पहले शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ में पोस्टमार्टम से पहले भी परिजनों, स्थानीय नेताओं और अधिवक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद एसपी डॉ. अर्पित जैन के निर्देश पर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में जांच कमेटी नियुक्त करने और न्यायिक जांच कराने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया गया था, जिसके बाद बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया गया था।
विज्ञापन

चेतावनी के बाद भारी पुलिस बल तैनात
मृतक के भाई हबीब व अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों और गांव के चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग पर अड़े थे। उनका कहना था कि ऐसा नहीं होने पर वे तावडू-सोहना रोड जाम करेंगे। इस चेतावनी के बाद गांव खड़खड़ी में और तावडू-सोहना रोड पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि उन्होंने सीसीटीवी फुटेज निकाली है, जिसमें हत्या से जुड़े सबूत हैं। मुठभेड़ के दौरान जो साथी फरार बताए गए थे, उन्होंने ही सारी स्थिति की वीडियो रिकॉर्डिंग और बयान दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

परिजनों के अनुसार, मौके पर चार प्राइवेट गाड़ियां दो कैंपर, बोलेरो और स्कॉर्पियो पायलट के रूप में आगे चल रही थीं और पीछे सरकारी बोलेरो गाड़ी थी। प्राइवेट गाड़ियों में 10 से 15 लोग सवार थे। परिजनों ने मीडिया के सामने गांव के चार लोगों के नाम भी उजागर किए, जिन्हें अपराधी प्रवृत्ति का बताया जा रहा है और कहा कि प्रशासन को गुमराह कर यह हत्या कराई गई है। इसके अलावा सदर थाना प्रभारी, नूंह सीआईए प्रभारी और तावडू सीआईए की टीम सहित भारी पुलिस बल आसपास के गांवों में तैनात रहा।

आसपास के गांवों में पुलिस की तैनाती
परिजनों ने पुलिस के समक्ष मांग पत्र रखा जिसमें उन्होंने गांव के चार लोगों और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। करीब 3 घंटे तक बंद कमरे में ग्रामीणों और पुलिस अधिकारियों के बीच लंबी वार्ता चली और कुल 6 घंटे के गतिरोध के बाद आखिरकार डीएसपी अभिमन्यु लोहान के आश्वासन पर ग्रामीण मान गए। मृतक के दो भाइयों को पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लाया गया था। इसके बाद सैकड़ों ग्रामीणों और आसपास के लोगों की मौजूदगी में पुलिस की निगरानी में शाहिद उर्फ आडवाणी को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed