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दो स्कूल ठोकते रहे दावा, टॉपर निकला कोई और
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 May 2017 04:55 PM IST
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जिले में दसवीं के परिणाम के बाद टॉपरों को लेकर विवाद पैदा हो गया था। जो दो स्कूल देर शाम तक अपने-अपने स्कूल के छात्र को जिले का टॉपर बता रहे हैं। उनके दावे बोर्ड की आेर से जारी प्रदेश टॉपर की सूची के बाद धराशायी हो गए।
बोर्ड की सूची में स्वामी विवेकानंद स्कूल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के राकेश कुमार ने प्रदेश में तीसरा स्थान पाकर जिले को टॉप किया है। हालांकि दावे के अनुसार बीके स्कूल के यश जिले में दूसरे और जीवन ज्योति स्कूल के करण तीसरे स्थान पर माने जा रहे हैं। हालांकि विवाद के बाद बोर्ड ने जिला टॉपरों की सूची जारी नहीं इसलिए यह महज निजी स्कूल प्रबंधकों का दावा भर है। दरअसल सोमवार को जैसे ही दसवीं का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ। जिले स्तर पर निजी स्कूल अपने-अपने छात्रों को टॉपर बताने लगे। इस विवाद के बाद बोर्ड ने िजला टॉपरों की सूची साइट पर प्रकाशित नहीं की। देर शाम प्रदेश की मेरिट सूची जारी की गई, जिसमें राकेश कुमार को 500 में से 495 अंक मिले हैं। वह प्रदेश में तीसरे और जिले में पहले स्थान पर पाए गए। इस संबंध में जिले के बीके सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य सतीश कौशिश ने दावा किया कि उनके स्कूल के छात्र यश जिनका रोल नंबर (2017339949) है, ने 500 में से 487 अंक लेकर जिले में प्रथम स्थान पाया है। इसी प्रकार जीवन ज्योति स्कूल ने भी यह दावा किया।
कौशिश का कहना था कि इसके बाद ही उन्होंने ही बोर्ड के चेयरमैन व सचिव को लिखित शिकायत भेजकर टॉपरों की गलत सूची जारी होने की जानकारी दी। इसके बाद साइट से टॉपरों की सूची हटा दी गई। उनके अनुसार उनके स्कूल के अन्य विद्यार्थियों छात्रा भूमिका ने 458 , जतिन ने 453 , हेमंत ने 451 व रूबी ने 449 अंक प्राप्त किए। उनके अनुसार इन छात्रों के अलावा विद्यालय के 25 छात्रों ने मेरिट में स्थान पाया है। इसी प्रकार जीवन ज्योति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के संचालक वीरेंद्र गहलोत ने दावा किया था कि उनके स्कूल का छात्र करण 500 में से 483 अंक लेकर जिले में पहले स्थान पर है। उनका कहना है कि 483 अंक से ज्यादा जिले में किसी के नहीं हैं। हम 12 वीं के बाद दसवीं में भी जिले में टॉप पर हैं। लेकिन बोर्ड की सूची जारी होने के बाद इन दोनों के दावे खोखले साबित हुए। उधर राकेश कुमार के प्रदेश में तीसरा स्थान पाने पर स्वामी विवेकानंद स्कूल के संचालक मोहर सिंह दहिया और प्रधानाचार्या कृष्ण कुमार ने खुशी जताते हुए राकेश और शिक्षकों को बधाई दी।
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बोर्ड की सूची में स्वामी विवेकानंद स्कूल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के राकेश कुमार ने प्रदेश में तीसरा स्थान पाकर जिले को टॉप किया है। हालांकि दावे के अनुसार बीके स्कूल के यश जिले में दूसरे और जीवन ज्योति स्कूल के करण तीसरे स्थान पर माने जा रहे हैं। हालांकि विवाद के बाद बोर्ड ने जिला टॉपरों की सूची जारी नहीं इसलिए यह महज निजी स्कूल प्रबंधकों का दावा भर है। दरअसल सोमवार को जैसे ही दसवीं का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ। जिले स्तर पर निजी स्कूल अपने-अपने छात्रों को टॉपर बताने लगे। इस विवाद के बाद बोर्ड ने िजला टॉपरों की सूची साइट पर प्रकाशित नहीं की। देर शाम प्रदेश की मेरिट सूची जारी की गई, जिसमें राकेश कुमार को 500 में से 495 अंक मिले हैं। वह प्रदेश में तीसरे और जिले में पहले स्थान पर पाए गए। इस संबंध में जिले के बीके सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य सतीश कौशिश ने दावा किया कि उनके स्कूल के छात्र यश जिनका रोल नंबर (2017339949) है, ने 500 में से 487 अंक लेकर जिले में प्रथम स्थान पाया है। इसी प्रकार जीवन ज्योति स्कूल ने भी यह दावा किया।
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कौशिश का कहना था कि इसके बाद ही उन्होंने ही बोर्ड के चेयरमैन व सचिव को लिखित शिकायत भेजकर टॉपरों की गलत सूची जारी होने की जानकारी दी। इसके बाद साइट से टॉपरों की सूची हटा दी गई। उनके अनुसार उनके स्कूल के अन्य विद्यार्थियों छात्रा भूमिका ने 458 , जतिन ने 453 , हेमंत ने 451 व रूबी ने 449 अंक प्राप्त किए। उनके अनुसार इन छात्रों के अलावा विद्यालय के 25 छात्रों ने मेरिट में स्थान पाया है। इसी प्रकार जीवन ज्योति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के संचालक वीरेंद्र गहलोत ने दावा किया था कि उनके स्कूल का छात्र करण 500 में से 483 अंक लेकर जिले में पहले स्थान पर है। उनका कहना है कि 483 अंक से ज्यादा जिले में किसी के नहीं हैं। हम 12 वीं के बाद दसवीं में भी जिले में टॉप पर हैं। लेकिन बोर्ड की सूची जारी होने के बाद इन दोनों के दावे खोखले साबित हुए। उधर राकेश कुमार के प्रदेश में तीसरा स्थान पाने पर स्वामी विवेकानंद स्कूल के संचालक मोहर सिंह दहिया और प्रधानाचार्या कृष्ण कुमार ने खुशी जताते हुए राकेश और शिक्षकों को बधाई दी।
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