फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   Trauma center remains incomplete even after three and a half years; lives are being lost in accidents.

Palwal News: साढ़े तीन साल बाद भी ट्रामा सेंटर अधूरा, हादसों में जा रही जान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 11:50 PM IST
विज्ञापन
Trauma center remains incomplete even after three and a half years; lives are being lost in accidents.
नौ हादसों में 20 लोगों की मौत, 51 घायल
विज्ञापन

बिल्डिंग में कबाड़, मेडिकल स्टाफ नदारद; 32 किलोमीटर में एक एंबुलेंस के भरोसे जिंदगी

रिजवान खान
नूंह। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर वाहन फर्राटा भर रहे हैं, लेकिन हादसे के बाद घायलों की जान बचाने वाली स्वास्थ्य व्यवस्था आज भी अधूरी है। नूंह जिले में करीब साढ़े तीन साल बाद भी ट्रामा सेंटर पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है। सड़क हादसों में घायल लोगों को तत्काल उपचार देने के बजाय मांडीखेड़ा अस्पताल या नल्हड़ मेडिकल कॉलेज पहुंचाना पड़ता है। ऐसे में समय पर उपचार मिलने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ट्रामा सेंटर की पड़ताल में सामने आया कि इमारत पर इसका नाम तक नहीं लिखा। अंदर एंबुलेंस स्टाफ के अलावा घायलों का उपचार करने के लिए जरूरी मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं मिला। कमरों में कबाड़ भरा हुआ था। कर्मचारियों के अनुसार, अभी स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो पाई है। ऐसे में सड़क हादसों में घायल लोगों को मामूली चोट लगने पर मांडीखेड़ा अस्पताल और गंभीर मरीजों को नल्हड़ मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है।
विज्ञापन

खानपुर घाटी से राजस्थान सीमा तक करीब 32 किलोमीटर के हिस्से में केवल एक एंबुलेंस उपलब्ध होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में एक साथ कई लोग घायल होने पर आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हादसों में मौत और घायलों का ब्योरा

5 दिसंबर, नौसेरा : 2 की मौत
15 दिसंबर, रनियाला : 2 की मौत, 35 घायल
23 मार्च, हिलालपुर : 3 की मौत, 2 घायल
30 मार्च, फिरोजपुर झिरका: 2 की मौत, 3 घायल
17 मई, नगीना: एक की मौत, 5 घायल
13 जून, खुवाजली कला : 4 की मौत, 2 घायल
26 जून, खेड़ा खलीलपुर : एक की मौत, एक घायल
- 20 जुलाई, बनारसी : 3 की मौत, 3 घायल
- 5 अक्तूबर, रोजका मेव : 2 की मौत।

ट्रामा सेंटर शुरू करने की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर आधुनिक सड़क के साथ आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं भी मजबूत होनी चाहिए। वाहन चालकों के मुताबिक, गंभीर हादसे में हर मिनट कीमती होता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और जरूरी उपकरणों की नियुक्ति जल्द करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को सेंटर शुरू करने की निश्चित तारीख सार्वजनिक करनी चाहिए। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की आधारशिला वर्ष 2019 में रखी गई थी और फरवरी 2023 में इसका उद्घाटन हुआ था। इसके बावजूद ट्रामा सेंटर पूरी तरह चालू नहीं होने से संबंधित विभागों की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं। अब जिला प्रशासन, एनएचएआई और स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि सेंटर कब शुरू होगा और एंबुलेंस की संख्या कब बढ़ाई जाएगी। आखिर आधुनिक एक्सप्रेसवे की पहचान केवल तेज रफ्तार नहीं, बल्कि हादसे के समय लोगों को समय पर उपचार मिलना भी होना चाहिए।

वहीं, जब इस मामले में एनएचएआई प्रोजेक्ट मैनेजर मुकेश चौधरी से बात हुई तो उन्होंने गोल मोल बात करते हुए अस्पताल में भर्ती होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
लोगों से बातचीत
एक्सप्रेसवे बनने से सफर आसान हुआ है, लेकिन हादसा होने पर घायलों को तत्काल उपचार कहां मिलेगा, यह बड़ा सवाल है। ट्रामा सेंटर जल्द शुरू होना चाहिए। - मोहम्मद फारुख
रोड सेफ्टी बैठकों में चर्चा करने से आगे बढ़कर ठोस कार्रवाई जरूरी है। ट्रामा सेंटर में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। - मुस्तफिज खान

इस मार्ग पर बड़ी संख्या में वाहन चलते हैं। हादसे के समय हर मिनट कीमती होता है। एक एंबुलेंस पर इतनी लंबी दूरी की जिम्मेदारी होना चिंता की बात है। - मोहम्मद हारून
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed