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उद्घाटन के बाद भी शौचालयों पर लटके हैं ताले
palwal
Updated Sat, 22 Oct 2016 05:03 PM IST
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शौचालय पर लटका ताला ।
- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी घोषणाओं की धरातल पर क्या वास्तविकता है, इस का एक नमूना शहर के मुख्य चौराहे मीनार गेट पर बनी पार्किंग व शौचालय है। यहां घोषणा के 13 माह बाद शौचालय तो बने, लेकिन उद्घाटन के तुरंत बाद से उन शौचालय पर ताले लटके हुए हैं।
इसी प्रकार पार्किंग का भी उद्घाटन किया गया, लेकिन वहां केवल निर्माण के नाम पर एक बोर्ड लगाकर इतिश्री कर ली गई। वहां दिन भर धूल के गुबार उड़ते हैं>
शहर के बीचोंबीच स्थित पुराना अस्पताल परिसर में वर्षों पूर्व आधुनिक शापिंग कांप्लेक्स बनाने की योजना बनी थी। पूर्ववर्ती सरकार में उसे लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन वह केवल बेसमेंट खुदाई तक ही सीमित रह गया व सरकार बदलने के साथ ही योजना भी ठंडे बस्ते में चली गई।
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वर्तमान सरकार में ओहदेदारों ने शहर में शौचालय व पार्किंग की समस्या को देखते हुए इस स्थान पर निशुल्क पार्किंग व शौचालय बनाने की योजना बनाई। जिसके तहत पांच सितंबर 2015 को सीएम मनोहर लाल के राजनीतिक सचिव दीपक मंगला ने बाकायदा पूरे ताम-झाम के साथ यहां शौचालय व पार्किंग बनाने के कार्य का शुभारंभ किया। उस समय उन्होंने दावा किया था कि आधुनिक तरीके से बनाई जाने वाली पार्किंग व शौचालयों का निर्माण छह माह में पूरा कर लिया जाएगा। 13 महीने के लंबे इंतजार के बाद शौचालयों का कार्य तो हुआ, लेकिन उद्घाटन के बाद से ही उन पर ताले लटके हैं।
-उम्मीद थी कि लोगों के सुविधाएं मुहैया होंगी। लेकिन यहां तो शौचालयों पर ताले लटके हैं। प्रसाधन के नाम पर पुरुषों के यूरिनल तो खुले हैं, लेकिन उनमें तेज दुर्गंध के चलते वहां पैर ही नहीं पड़ते।
-यशवीर सचदेवा, व्यापारी, मीनार गेट, पलवल।
- शरारती तत्वों ने यूरिनल के पाईपों को उखाड़ दिया है। पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते सफाई नहीं हो पाती है। जो कमियां हैं उनके बारे में अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
-मनोहर लाल, चौकीदार।
-जनहित में शौचालय व पार्किंग बनाई गईं थीं। शौचालयों पर ताला लगा है, ऐसा उनके संज्ञान में नहीं है। लोगों को परेशानी ना हो, इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिया जाएगा।
-दीपक मंगला, राजनैतिक सचिव, सीएम, हरियाणा।
-मुझे जानकारी नहीं है कि शौचालयों पर ताला जड़ा है। वे खुद मौके का निरीक्षण करेंगी व शौचालयों को शुरू करवाएंगी। पार्किंग का कार्य अभी होना है, इसके लिए जल्दी ही ठेका छोड़ा जाएगा। शौचालयों के लिए स्पेशल कर्मचारी की भी व्यवस्था की जाएगी।
-इंदू भारद्वाज, चेयरपर्सन, नगर परिषद पलवल।
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इसी प्रकार पार्किंग का भी उद्घाटन किया गया, लेकिन वहां केवल निर्माण के नाम पर एक बोर्ड लगाकर इतिश्री कर ली गई। वहां दिन भर धूल के गुबार उड़ते हैं>
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शहर के बीचोंबीच स्थित पुराना अस्पताल परिसर में वर्षों पूर्व आधुनिक शापिंग कांप्लेक्स बनाने की योजना बनी थी। पूर्ववर्ती सरकार में उसे लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन वह केवल बेसमेंट खुदाई तक ही सीमित रह गया व सरकार बदलने के साथ ही योजना भी ठंडे बस्ते में चली गई।
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वर्तमान सरकार में ओहदेदारों ने शहर में शौचालय व पार्किंग की समस्या को देखते हुए इस स्थान पर निशुल्क पार्किंग व शौचालय बनाने की योजना बनाई। जिसके तहत पांच सितंबर 2015 को सीएम मनोहर लाल के राजनीतिक सचिव दीपक मंगला ने बाकायदा पूरे ताम-झाम के साथ यहां शौचालय व पार्किंग बनाने के कार्य का शुभारंभ किया। उस समय उन्होंने दावा किया था कि आधुनिक तरीके से बनाई जाने वाली पार्किंग व शौचालयों का निर्माण छह माह में पूरा कर लिया जाएगा। 13 महीने के लंबे इंतजार के बाद शौचालयों का कार्य तो हुआ, लेकिन उद्घाटन के बाद से ही उन पर ताले लटके हैं।
-उम्मीद थी कि लोगों के सुविधाएं मुहैया होंगी। लेकिन यहां तो शौचालयों पर ताले लटके हैं। प्रसाधन के नाम पर पुरुषों के यूरिनल तो खुले हैं, लेकिन उनमें तेज दुर्गंध के चलते वहां पैर ही नहीं पड़ते।
-यशवीर सचदेवा, व्यापारी, मीनार गेट, पलवल।
- शरारती तत्वों ने यूरिनल के पाईपों को उखाड़ दिया है। पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते सफाई नहीं हो पाती है। जो कमियां हैं उनके बारे में अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
-मनोहर लाल, चौकीदार।
-जनहित में शौचालय व पार्किंग बनाई गईं थीं। शौचालयों पर ताला लगा है, ऐसा उनके संज्ञान में नहीं है। लोगों को परेशानी ना हो, इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिया जाएगा।
-दीपक मंगला, राजनैतिक सचिव, सीएम, हरियाणा।
-मुझे जानकारी नहीं है कि शौचालयों पर ताला जड़ा है। वे खुद मौके का निरीक्षण करेंगी व शौचालयों को शुरू करवाएंगी। पार्किंग का कार्य अभी होना है, इसके लिए जल्दी ही ठेका छोड़ा जाएगा। शौचालयों के लिए स्पेशल कर्मचारी की भी व्यवस्था की जाएगी।
-इंदू भारद्वाज, चेयरपर्सन, नगर परिषद पलवल।