फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   The foundation of children's future, in the shadow of a dilapidated building

Palwal News: बच्चों के भविष्य की नींव, जर्जर भवन के साए में

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 11:46 PM IST
विज्ञापन
The foundation of children's future, in the shadow of a dilapidated building
गंगवानी आंगनवाड़ी निजी मकान में संचालित, निर्माण के कुछ महीने बाद ही ढह गई थी दीवार
विज्ञापन


सद्दाम हुसैन

पिनगवां। गांव गंगवानी में आंगनवाड़ी केंद्र का भवन वर्षों से जर्जर हालत में है। भवन की स्थिति ऐसी हो चुकी है कि यहां केंद्र संचालित करना संभव नहीं है। इसके चलते पिछले कई वर्षों से आंगनवाड़ी केंद्र एक निजी मकान में चल रहा है। भवन के अभाव के बावजूद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों और महिलाओं तक विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, गांव में आंगनवाड़ी भवन का निर्माण कई वर्ष पहले कराया गया था। निर्माण के कुछ ही महीनों बाद इसकी एक दीवार ढह गई। सुरक्षा को देखते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता केंद्र का सामान निजी मकान में ले गईं। बाद में भवन की मरम्मत कराई गई, लेकिन इसके तुरंत बाद दीवार फिर से गिर गई। इसके बाद भवन की सुध नहीं ली गई और धीरे-धीरे पूरी इमारत जर्जर होती चली गई।
विज्ञापन

वर्तमान में भवन के कमरे, शौचालय, बाथरूम और चारदीवारी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। परिसर में घास और झाड़ियां उग आई हैं। ऐसे में बच्चों के खेलने और अन्य गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह भी उपलब्ध नहीं है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मुन्नी ने बताया कि भवन की मरम्मत और नए निर्माण की मांग को लेकर विभाग को कई बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। भवन उपलब्ध नहीं होने के बावजूद वह और हेल्पर निजी मकान से केंद्र संचालित कर बच्चों को पोषण, प्री-स्कूल शिक्षा और महिलाओं को विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचा रही हैं। ग्रामीणों ने महिला एवं बाल विकास विभाग से मांग की है कि जर्जर भवन का जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों और महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट

भवन की समस्या को लेकर कई बार लिखित रूप से उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव और रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। भवन की कमी से केंद्र निजी मकान से संचालित हो रहा है। फिलहाल विभाग की ओर से कोई नई अपडेट या स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। - गुंजन, सुपरवाइजर, महिला एवं बाल विकास विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed