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Palwal News: दोगुने में हुआ टेंडर, फिर भी नालाें की सफाई अधूरी
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हालात बिगड़ते देख बढ़ाई गई नाले की सफाई की निगरानी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। इस बार टेंडर दोगुना मे होने के बावजूद डेडलाइन बीतने के बाद भी नालों की सफाई अधूरी है। शहर में हर वर्ष नालों की सफाई अधिकतम 14 करोड़ रुपये में प्राधिकरण का जन स्वास्थ्य विभाग से करवाता था। विभाग का विलय सिविल वर्क सर्कल में करने के बाद इस बार सभी 10 वर्क सर्कल से हुए टेंडर में नाला सफाई का खर्च बढ़कर दोगुना से ज्यादा करीब 30 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। 15 जुलाई की डेडलाइन गुजरने के बाद अब सफाई कब पूरी होगी इसकी तारीख प्राधिकरण तय नहीं कर पा रहा है। हालाकि, सफाई की जांच और निगरानी बढ़ा दी गई है। दो अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही सफाई का भुगतान होगा।
पिछले हफ्ते दो दिन की बारिश में पूरे शहर में चारों तरफ जलभराव हुआ था। नालों की साफ-सफाई न होने से यह समस्या हुई थी। अलग-अलग वर्क सर्कल के दावों में भले 80 प्रतिशत से ज्यादा नाला सफाई अधिकारियों को बताई जा रही है, लेकिन बड़े और प्रमुख नालों को शामिल करने पर जमीनी स्तर पर 50 प्रतिशत ही नाले साफ हो पाए हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। इस बार टेंडर दोगुना मे होने के बावजूद डेडलाइन बीतने के बाद भी नालों की सफाई अधूरी है। शहर में हर वर्ष नालों की सफाई अधिकतम 14 करोड़ रुपये में प्राधिकरण का जन स्वास्थ्य विभाग से करवाता था। विभाग का विलय सिविल वर्क सर्कल में करने के बाद इस बार सभी 10 वर्क सर्कल से हुए टेंडर में नाला सफाई का खर्च बढ़कर दोगुना से ज्यादा करीब 30 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। 15 जुलाई की डेडलाइन गुजरने के बाद अब सफाई कब पूरी होगी इसकी तारीख प्राधिकरण तय नहीं कर पा रहा है। हालाकि, सफाई की जांच और निगरानी बढ़ा दी गई है। दो अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही सफाई का भुगतान होगा।
पिछले हफ्ते दो दिन की बारिश में पूरे शहर में चारों तरफ जलभराव हुआ था। नालों की साफ-सफाई न होने से यह समस्या हुई थी। अलग-अलग वर्क सर्कल के दावों में भले 80 प्रतिशत से ज्यादा नाला सफाई अधिकारियों को बताई जा रही है, लेकिन बड़े और प्रमुख नालों को शामिल करने पर जमीनी स्तर पर 50 प्रतिशत ही नाले साफ हो पाए हैं।
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