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डिहाईड्रेशन के मरीजों से अस्पताल फुल
palwal
Updated Sun, 15 May 2016 05:52 PM IST
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Summer
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गर्मी बढ़ने के साथ-साथ कई तरह की बीमारियां अपने पैर पसारने लगी हैं। इस मौसम में ज्यादातर लोग डिहाईड्रेशन के शिकार हो रहे हैं। निजी और सरकारी अस्पतालों के आंकड़ों पर गौर करें तो करीब 30 प्रतिशत से अधिक ओपीडी डिहाईड्रेशन के मरीजों से भरी है।
तेज धूप में आने जाने और काम करने के बावजूद लोग पानी उचित मात्रा में नहीं लेते हैं। जिसके कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है और लोग डिहाईड्रेशन के शिकार हो जाते हैं। हालांकि इसका असर सभी आयुवर्ग के लोगों पर पड़ता है। लेकिन छोटे बच्चे सबसे पहले इसकी चपेट में आते हैं।
क्योंकि बच्चे तेज धूप में भी घर से बाहर खेलते रहते हैं और खूब पसीना बहाने के बाद भी वे उचित मात्रा में पानी नहीं लेते। धूप में बार-बार निकलने से, दस्त लगने से, बहुत ज्यादा पसीना आने से व पानी का कम सेवन करने से बीमारी होने की संभावना रहती है।
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लक्षण :
- डिहाईड्रेशन में जीभ सूखने लगती है
त्वचा में रूखापन आने लगता है।
पेशाब कम आता है।
होंठ सूखने लगते हैं।
कैसे करें बचाव
-धूप के समय बाहर निकलने से बचें।
बार-बार पानी का सेवन करते रहें।
घर से बाहर निकलते समय छाता व पानी की बोतल साथ रखें।
रसीले फलों का अधिक सेवन करें, जिससे पानी की मात्रा बनी रहे।
ग्लूकोस या नींबू पानी का घोल बनाकर पीते रहें
लोगों में जागरूकता का अभाव है, जिसके कारण बीमारी का सही समय पर पता नहीं चल पाता और लोग बीमारी का शिकार हो रहे हैं। ऐसे लक्षण पाए जाने पर डाक्टर से संपर्क करें व घर में भी नींबू पानी व ओआरएस का घोल बनाकर पीते रहें।
-डॉ.दीपक शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ, पलवल।
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तेज धूप में आने जाने और काम करने के बावजूद लोग पानी उचित मात्रा में नहीं लेते हैं। जिसके कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है और लोग डिहाईड्रेशन के शिकार हो जाते हैं। हालांकि इसका असर सभी आयुवर्ग के लोगों पर पड़ता है। लेकिन छोटे बच्चे सबसे पहले इसकी चपेट में आते हैं।
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क्योंकि बच्चे तेज धूप में भी घर से बाहर खेलते रहते हैं और खूब पसीना बहाने के बाद भी वे उचित मात्रा में पानी नहीं लेते। धूप में बार-बार निकलने से, दस्त लगने से, बहुत ज्यादा पसीना आने से व पानी का कम सेवन करने से बीमारी होने की संभावना रहती है।
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लक्षण :
- डिहाईड्रेशन में जीभ सूखने लगती है
त्वचा में रूखापन आने लगता है।
पेशाब कम आता है।
होंठ सूखने लगते हैं।
कैसे करें बचाव
-धूप के समय बाहर निकलने से बचें।
बार-बार पानी का सेवन करते रहें।
घर से बाहर निकलते समय छाता व पानी की बोतल साथ रखें।
रसीले फलों का अधिक सेवन करें, जिससे पानी की मात्रा बनी रहे।
ग्लूकोस या नींबू पानी का घोल बनाकर पीते रहें
लोगों में जागरूकता का अभाव है, जिसके कारण बीमारी का सही समय पर पता नहीं चल पाता और लोग बीमारी का शिकार हो रहे हैं। ऐसे लक्षण पाए जाने पर डाक्टर से संपर्क करें व घर में भी नींबू पानी व ओआरएस का घोल बनाकर पीते रहें।
-डॉ.दीपक शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ, पलवल।