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वैट घटाने के मांगों को लेकर पेट्रोल पंप संचालकों की हड़ताल
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पलवल। पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी व वैट घटाने की मांग को लेकर सोमवार को ऑल इंडिया पेट्रोल पंप यूनियन के आह्वान पर जिला पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन की 24 घंटे की हड़ताल रही। जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर सुबह छह तेल की बिक्री बंद कर दी गई। केवल आपातकालीन वाहनों को तेल दिया गया। सभी पेट्रोल पंपों पर अवरोधक लगाकर वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया तथा मशीनों पर हड़ताल संबंधी नोटिस चस्पा कर दिए। वाहन चालक दिनभर तेल लेने के लिए भटकते रहे। कई स्थानों पर तेल खत्म हो जाने पर चालक वाहनों को धक्का देते नजर आए। इस दौरान एसोसिएशन द्वारा हड़ताल नकली डीजल की बिक्री रोकने, तेल पर एक्साइज ड्यूटी व वैट घटाने के बाद पंप संचालकों को हुए नुकसान की पूर्ति की मांग को नगराधीश अंकिता अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया।
एसोसिएशन के जिला प्रधान रामकुमार भारद्वाज ने बताया कि वैट में कमी करने से पेट्रोल पंप संचालकों को हुए नुकसान और कमीशन में वृद्धि नहीं करने के विरोध में यह हड़ताल की गई है। यूनियन की मांग है कि विदेश से मंगाए जा रहे बेस ऑयल मंगवाकर प्रदेश में गोदामों में बन रहे मानक के विपरीत डीजल की बिक्री रोकी जाए। तेल कंपनियों की ओर से डीलरों पर थोपी गई एक्साइज ड्यूटी व वैट कम किया जाए। वर्ष 2017 के बाद डीलरों का कमीशन नहीं बढ़ाया गया है, इसे बढ़ाया जाए। पेट्रोल पंपों के खर्च बढ़ गए हैं, जबकि कमीशन वही है। चार वर्षों का बकाया कमीशन भी दिया जाए। प्रदेश में वेट घटाकर पंजाब के बराबर किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि मांग पूरी नहीं की गई तो आने वाले दिनों में हड़ताल को लेकर कोई सख्त निर्णय लिए जा सकता है।
पेट्रोल पंप संचालक नागेश तेवतिया ने कहा कि वर्ष 2017 से सरकार ने पेट्रोल पंप मालिकों का कमीशन भी नहीं बढ़ाया है। आज भी डीजल पर करीब 1.80 रुपये और पेट्रोल पर 2.80 रुपये कमीशन मिलता है, जबकि इस दौरान खर्चा काफी बढ़ गया है। इसके अलावा बायो-डीजल की सप्लाई भी जिले में बेरोकटोक हो रही है, जिसकी कीमत पेट्रोल पंप के डीजल से काफी कम है। इससे भी पंप पर डीजल की बिक्री कम हो गई है, जिससे काफी नुकसान हो रहा है।
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वाहन चालकों को हुई परेशान
सोमवार को पेट्रोल पंप बंद होने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई है। वाहन चालक तेल लेने के लिए शहर से तमाम पेट्रोल पंपों के चक्कर काटते रहे। कई वाहन चालकों को तेल खत्म हो गया, जिसके कारण वे वाहनों में धक्का देते भी नजर आए। इसके अलावा जिन पेट्रोल पंप पर सीएनजी उपलब्ध थी, उन्हें भी बंद रखा गया, जिससे सीएनजी गाड़ियों वाले चालकों भी भारी परेशानी उठानी पड़ी।
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एसोसिएशन के जिला प्रधान रामकुमार भारद्वाज ने बताया कि वैट में कमी करने से पेट्रोल पंप संचालकों को हुए नुकसान और कमीशन में वृद्धि नहीं करने के विरोध में यह हड़ताल की गई है। यूनियन की मांग है कि विदेश से मंगाए जा रहे बेस ऑयल मंगवाकर प्रदेश में गोदामों में बन रहे मानक के विपरीत डीजल की बिक्री रोकी जाए। तेल कंपनियों की ओर से डीलरों पर थोपी गई एक्साइज ड्यूटी व वैट कम किया जाए। वर्ष 2017 के बाद डीलरों का कमीशन नहीं बढ़ाया गया है, इसे बढ़ाया जाए। पेट्रोल पंपों के खर्च बढ़ गए हैं, जबकि कमीशन वही है। चार वर्षों का बकाया कमीशन भी दिया जाए। प्रदेश में वेट घटाकर पंजाब के बराबर किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि मांग पूरी नहीं की गई तो आने वाले दिनों में हड़ताल को लेकर कोई सख्त निर्णय लिए जा सकता है।
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पेट्रोल पंप संचालक नागेश तेवतिया ने कहा कि वर्ष 2017 से सरकार ने पेट्रोल पंप मालिकों का कमीशन भी नहीं बढ़ाया है। आज भी डीजल पर करीब 1.80 रुपये और पेट्रोल पर 2.80 रुपये कमीशन मिलता है, जबकि इस दौरान खर्चा काफी बढ़ गया है। इसके अलावा बायो-डीजल की सप्लाई भी जिले में बेरोकटोक हो रही है, जिसकी कीमत पेट्रोल पंप के डीजल से काफी कम है। इससे भी पंप पर डीजल की बिक्री कम हो गई है, जिससे काफी नुकसान हो रहा है।
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वाहन चालकों को हुई परेशान
सोमवार को पेट्रोल पंप बंद होने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई है। वाहन चालक तेल लेने के लिए शहर से तमाम पेट्रोल पंपों के चक्कर काटते रहे। कई वाहन चालकों को तेल खत्म हो गया, जिसके कारण वे वाहनों में धक्का देते भी नजर आए। इसके अलावा जिन पेट्रोल पंप पर सीएनजी उपलब्ध थी, उन्हें भी बंद रखा गया, जिससे सीएनजी गाड़ियों वाले चालकों भी भारी परेशानी उठानी पड़ी।