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Palwal News: बाजारों में रौनक, शौचालयों पर ताले<bha>;</bha> जनता के हिस्से परेशानी
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रसूलपुर चौक, मीनार गेट और बस अड्डा मार्केट में रात नौ बजे तक रहती है भीड़
अनंत भारद्वाज
पलवल। शहर के सार्वजनिक शौचालयों पर शाम छह बजे ही ताले लग जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में की गई पड़ताल के दौरान सामने आया कि मीनार गेट मार्केट, रसूलपुर चौक, बस अड्डा मार्केट और रोडवेज बस स्टैंड परिसर में स्थित सार्वजनिक शौचालय शाम छह बजे के बाद बंद कर दिए जाते हैं। इससे रात के समय बाजारों में खरीदारी करने आने वाले लोगों और बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों को परेशानी होती है। सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं को उठानी पड़ती है।
रसूलपुर चौक, मीनार गेट मार्केट और बस अड्डा मार्केट में देर रात तक लोगों की आवाजाही बनी रहती है। लोग देर शाम तक खरीदारी करने के लिए बाजार पहुंचते हैं, लेकिन सार्वजनिक शौचालयों की सुविधा न मिलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं रोडवेज बस स्टैंड पर स्थित दोनों शौचालयों पर शाम होते ही ताला लग जाने के कारण यात्रियों को हल्का होने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। शौचालय बंद होने के कारण यात्रियों को मजबूरन बसों की आड़ लेकर खुले में शौच करना पड़ता है।
महिलाओं के लिए अधिक परेशानी
सार्वजनिक शौचालय बंद होने का सबसे अधिक असर महिलाओं पर पड़ता है। पुरुष यात्री तो किसी तरह काम चला लेते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी महिला यात्रियों को होती है। बाजार में खरीदारी करने आई महिलाओं को जरूरत पड़ने पर शौचालय की सुविधा नहीं मिलती। बस स्टैंड पर बसों का इंतजार करने वाली महिला यात्रियों के सामने भी यही समस्या आती है। असुरक्षा एवं मर्यादा के कारण महिलाएं खुले में शौच करने से बचती हैं। ऐसे में कई बार उन्हें अपनी जरूरत टालनी पड़ती है या शौचालय की सुविधा के लिए दूसरी जगह जाना पड़ता है। लोगों ने सार्वजनिक शौचालयों को रात तक खुला रखने की मांग की है।
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हथीन-होडल में भी स्थिति ठीक नहीं
हथीन और होडल में भी सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति ठीक नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही सार्वजनिक शौचालयों पर ताले लगा दिए जाते हैं। इससे बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रात के समय शौचालयों की सुविधा नहीं मिलने से यात्रियों और महिलाओं को विशेष रूप से दिक्कत होती है।
लोगों की प्रतिक्रिया
शाम में खरीदारी करने बाजार पहुंचने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कम से कम त्योहारों के समय तो देर रात तक शौचालय खुलने चाहिए। - विष्णु
रसूलपुर चौक पर देर रात तक आवाजाही रहती है लेकिन दिन ढलते ही शौचालयों बंद होने से लोगों के परेशानी होती है। देर रात तक शौचालय खोलना चाहिए। - श्याम
गंतव्य तक पहुंचने के लिए बस का इंतजार कर रहे हैं। पत्नी को फ्रेश होना था लेकिन रोडवेज के शौचालयों पर ताला लगा होने से असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। - प्रेमवीर
बस स्टैंड पर पुरुषों के लिए यूरिनल की सुविधा तो है लेकिन शौचालय पर ताला लगा हुआ है। शौचालय लोगों की मूलभूत जरूरत हैं। महिलाओं के लिए गंभीर समस्या है। - सोहन पाल
वर्जन
शरारती तत्वों के कारण रात के समय शौचालय बंद करने पड़ते हैं। हालांकि, त्योहारों के दौरान लोगों की सुविधा को देखते हुए शौचालयों को देर तक खुला रखने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। - मनोज, एक्सईएन, नगर परिषद, पलवल
पलवल डिपो में बसों का संचालन होने तक सार्वजनिक शौचालय खुले रखे जाते हैं। बसों का संचालन बंद होने के बाद शौचालय बंद कर दिए जाते हैं। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं शौचालय बंद करने पड़ते हैं। - जितेंद्र यादव, जीएम
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अनंत भारद्वाज
पलवल। शहर के सार्वजनिक शौचालयों पर शाम छह बजे ही ताले लग जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में की गई पड़ताल के दौरान सामने आया कि मीनार गेट मार्केट, रसूलपुर चौक, बस अड्डा मार्केट और रोडवेज बस स्टैंड परिसर में स्थित सार्वजनिक शौचालय शाम छह बजे के बाद बंद कर दिए जाते हैं। इससे रात के समय बाजारों में खरीदारी करने आने वाले लोगों और बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों को परेशानी होती है। सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं को उठानी पड़ती है।
रसूलपुर चौक, मीनार गेट मार्केट और बस अड्डा मार्केट में देर रात तक लोगों की आवाजाही बनी रहती है। लोग देर शाम तक खरीदारी करने के लिए बाजार पहुंचते हैं, लेकिन सार्वजनिक शौचालयों की सुविधा न मिलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं रोडवेज बस स्टैंड पर स्थित दोनों शौचालयों पर शाम होते ही ताला लग जाने के कारण यात्रियों को हल्का होने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। शौचालय बंद होने के कारण यात्रियों को मजबूरन बसों की आड़ लेकर खुले में शौच करना पड़ता है।
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महिलाओं के लिए अधिक परेशानी
सार्वजनिक शौचालय बंद होने का सबसे अधिक असर महिलाओं पर पड़ता है। पुरुष यात्री तो किसी तरह काम चला लेते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी महिला यात्रियों को होती है। बाजार में खरीदारी करने आई महिलाओं को जरूरत पड़ने पर शौचालय की सुविधा नहीं मिलती। बस स्टैंड पर बसों का इंतजार करने वाली महिला यात्रियों के सामने भी यही समस्या आती है। असुरक्षा एवं मर्यादा के कारण महिलाएं खुले में शौच करने से बचती हैं। ऐसे में कई बार उन्हें अपनी जरूरत टालनी पड़ती है या शौचालय की सुविधा के लिए दूसरी जगह जाना पड़ता है। लोगों ने सार्वजनिक शौचालयों को रात तक खुला रखने की मांग की है।
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हथीन-होडल में भी स्थिति ठीक नहीं
हथीन और होडल में भी सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति ठीक नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही सार्वजनिक शौचालयों पर ताले लगा दिए जाते हैं। इससे बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रात के समय शौचालयों की सुविधा नहीं मिलने से यात्रियों और महिलाओं को विशेष रूप से दिक्कत होती है।
लोगों की प्रतिक्रिया
शाम में खरीदारी करने बाजार पहुंचने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कम से कम त्योहारों के समय तो देर रात तक शौचालय खुलने चाहिए। - विष्णु
रसूलपुर चौक पर देर रात तक आवाजाही रहती है लेकिन दिन ढलते ही शौचालयों बंद होने से लोगों के परेशानी होती है। देर रात तक शौचालय खोलना चाहिए। - श्याम
गंतव्य तक पहुंचने के लिए बस का इंतजार कर रहे हैं। पत्नी को फ्रेश होना था लेकिन रोडवेज के शौचालयों पर ताला लगा होने से असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। - प्रेमवीर
बस स्टैंड पर पुरुषों के लिए यूरिनल की सुविधा तो है लेकिन शौचालय पर ताला लगा हुआ है। शौचालय लोगों की मूलभूत जरूरत हैं। महिलाओं के लिए गंभीर समस्या है। - सोहन पाल
वर्जन
शरारती तत्वों के कारण रात के समय शौचालय बंद करने पड़ते हैं। हालांकि, त्योहारों के दौरान लोगों की सुविधा को देखते हुए शौचालयों को देर तक खुला रखने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। - मनोज, एक्सईएन, नगर परिषद, पलवल
पलवल डिपो में बसों का संचालन होने तक सार्वजनिक शौचालय खुले रखे जाते हैं। बसों का संचालन बंद होने के बाद शौचालय बंद कर दिए जाते हैं। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं शौचालय बंद करने पड़ते हैं। - जितेंद्र यादव, जीएम