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Palwal News: मिठाई किस घी-तेल से बनी, बताना होगा
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिष्ठान विक्रेताओं और निर्माण इकाइयों को सख्त निर्देश दिए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. विकास जागलान ने कहा कि उपभोक्ताओं को स्वच्छ, सुरक्षित और शुद्ध मिठाइयां उपलब्ध कराना प्रत्येक खाद्य कारोबारी की जिम्मेदारी है।
डॉ. जागलान ने निर्देश दिए कि प्रत्येक मिठाई के नाम के साथ उसका रेट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए और मिठाई किस माध्यम से तैयार की गई है, इसकी जानकारी भी ग्राहकों को दी जाए। देसी घी, वनस्पति या खाद्य तेल से तैयार मिठाइयों पर इसकी स्पष्ट जानकारी वाला स्टीकर अथवा डिस्प्ले लगाना अनिवार्य होगा। सामग्री या गुणवत्ता को लेकर भ्रामक जानकारी देने पर खाद्य सुरक्षा एवं लेबलिंग प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मिठाई की दुकानों और निर्माण स्थलों पर फर्श व परिसर की नियमित सफाई होनी चाहिए, मक्खी, चूहे व अन्य कीटों की मौजूदगी नहीं होनी चाहिए। खाली डिब्बे, अनुपयोगी सामान और कबाड़ जमा न किया जाए।
खाद्य पदार्थों को ढककर अथवा शीशे के डिस्प्ले काउंटर में रखा जाए और खुले में मिठाई रखने से बचा जाए। विभाग ने सभी कारोबारियों को अपने वार्षिक कारोबार और व्यवसाय की प्रकृति के अनुसार उचित श्रेणी में पंजीकरण अथवा लाइसेंस प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र दुकान में सामने की दीवार पर प्रदर्शित करना अनिवार्य है। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को तावडू की तीन अलग-अलग दुकानों और नूंह से मिठाइयों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
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तावडू। त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिष्ठान विक्रेताओं और निर्माण इकाइयों को सख्त निर्देश दिए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. विकास जागलान ने कहा कि उपभोक्ताओं को स्वच्छ, सुरक्षित और शुद्ध मिठाइयां उपलब्ध कराना प्रत्येक खाद्य कारोबारी की जिम्मेदारी है।
डॉ. जागलान ने निर्देश दिए कि प्रत्येक मिठाई के नाम के साथ उसका रेट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए और मिठाई किस माध्यम से तैयार की गई है, इसकी जानकारी भी ग्राहकों को दी जाए। देसी घी, वनस्पति या खाद्य तेल से तैयार मिठाइयों पर इसकी स्पष्ट जानकारी वाला स्टीकर अथवा डिस्प्ले लगाना अनिवार्य होगा। सामग्री या गुणवत्ता को लेकर भ्रामक जानकारी देने पर खाद्य सुरक्षा एवं लेबलिंग प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मिठाई की दुकानों और निर्माण स्थलों पर फर्श व परिसर की नियमित सफाई होनी चाहिए, मक्खी, चूहे व अन्य कीटों की मौजूदगी नहीं होनी चाहिए। खाली डिब्बे, अनुपयोगी सामान और कबाड़ जमा न किया जाए।
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खाद्य पदार्थों को ढककर अथवा शीशे के डिस्प्ले काउंटर में रखा जाए और खुले में मिठाई रखने से बचा जाए। विभाग ने सभी कारोबारियों को अपने वार्षिक कारोबार और व्यवसाय की प्रकृति के अनुसार उचित श्रेणी में पंजीकरण अथवा लाइसेंस प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र दुकान में सामने की दीवार पर प्रदर्शित करना अनिवार्य है। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को तावडू की तीन अलग-अलग दुकानों और नूंह से मिठाइयों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
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