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होडल में कुआं और बावड़ी पर कब्जे की कोशिश
अमर उजाला, होडल
Updated Thu, 26 Sep 2013 11:15 PM IST
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होडल में कई एतिहासिक धरोहरों पर लोगों के अवैध कब्जे का मामला पहले भी प्रकाश में आ चुका है। अब यहां शेरशाह सूरी के काल में बने कुएं और बावड़ी पर भी लोगों की निगाह गड़ गई है।
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कई लोग फर्जी दस्तावेज तैयार कर उस पर कब्जा करने की फिराक में हैं। कई बार विभाग में शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
गत दिनों होडल स्थित कोस मीनार के चारों और की जमीन को बेचकर लोगों का कोस मीनार तक पहुंचने का रास्ता बंद कर दिया था, लेकिन अब कुछ लोग पुरानी सब्जी मंडी के निकट राजा शेरशाह सूरी के काल में बने एतिहासिक कुएं व बावड़ी के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उस पर कब्जा करना चाहते हैं।
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बताया जाता है कि जिस समय शेरशाह सूरी ने इस बावरी व कुएं का निर्माण कराया था, उस दौरान यह पांच कनाल तीन मरला जमीन पर थी, लेकिन कब्जाधारियों ने बावड़ी व कुंआ के आसपास कीजमीन पर कब्जा कर लिया। जो कि अब घटकर मात्र दो हजार गज रह गई है।
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सूत्रों के अनुसार, अब कुछ लोगों ने अधिकारियों से सांठगांठ कर इस बावड़ी को बरखंडी वाला के नाम में तब्दील कराकर इसकी रजिस्ट्री कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
इसके अलावा प्रशासन के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुछ लोग इस जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं।
इस संबंध में जब होडल के एसडीएम सत्यवान इंदौरा से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है।
इतना ही नहीं एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार को आदेश दिया कि यदि कोई इस एतिहासिक धरोहर की रजिस्ट्री कराने के लिए आए तो तुरंत इसकी सूचना उन्हें दी जाए। इसके अलावा उन्होंने बताया कि वह मौके का निरीक्षण करेंगे और मामले की पूरी जांच करेंगे।