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पलवल में लगातार बढ़ रहे हैं बुखार के मरीज
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले में बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। बुखार के मरीजों की संख्या में पिछले 15 दिनों में काफी इजाफा हुआ है। जहां पहले अस्पतालों में बुखार के 50 से 100 मरीज आते थे, वह एक हजार से अधिक मरीज जिला नागरिक अस्पताल में आ रहे हैं। निजी अस्पतालों में आ रहे बुखार के मरीजों को डेंगू बताकर इलाज किया जा रहा है, वहीं जिला स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों व निजी लैब की रिपोर्ट को नकार रहा है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि पलवल जिले में डेंगू के एक मरीज की पुष्टि हुई है। जबकि निजी अस्पतालों में डेंगू के नाम पर सैकड़ों बुखार से ग्रस्त मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल में सुबह नौ बजे से ही बुखार के मरीजों की भीड़ इलाज के लिए पहुंचने लगती है। बुखार से प्रभावित मरीजों में बच्चों की संख्या काफी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार से ग्रस्त मरीज ज्यादा हैं। लोगों में बुखार के साथ-साथ खांसी, जुकाम, उल्टी व दस्त की शिकायत भी बन रही है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो जिले में डेंगू का डी2 स्ट्रेन भी मिल रहा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे मानने को तैयार नहीं है। हालांकि विभाग द्वारा उन गांवों में लोगों की घर-घर जाकर जांच कराई जा रही है, जहां बुखार के मरीज ज्यादा मिल रहे हैं। सर्वे भी कराया जा रहा है। डेंगू के साथ-साथ मलेरिया व कोरोना की भी जांच कराई जा रही है।
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डेंगू का डी2 स्ट्रेन क्या है
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू बुखार चार प्रकार का होता है, जिसमें डी2 बेहद खतरनाक माना जाता है। इसे डेंगू शॉक सिंड्रोम से जोड़कर भी देखा जाता है। इसमें मरीज का बुखार के साथ अचानक ब्लड प्रेशर कम हो जाता है, जिससे मरीज की मृत्यु हो सकती है। इसमें फ्लू जैसे लक्षण उभरते हैं। जो 2 से 7 दिन तक रह सकते हैं। डेंगू मच्छर के काटने पर बीमारी के लक्षण 4 से 10 दिन में दिखते हैं। शुरूआत में सिरदर्द, मिचली आना, उल्टी, हड्डियों या मांसपेशी में दर्द, चकत्ते आने के लक्षण होते हैं। अगर सही से इलाज न मिला तो यही सामान्य डेंगू गंभीर बन जाता है। ऐसे में तुरंत अस्पताल लेकर जाना सही है।
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जिले में अभी तक डेंगू का मात्र एक मरीज मिला है। जिन निजी लैब के द्वारा लोगों में डेंगू की पुष्टि की जा रही है, उस पर विश्वास करना मुश्किल है। लोगों से अपील है कि बुखार की शिकायत बनने पर तुरंत जिला नागरिक अस्पताल में जाकर डेंगू की जांच कराए। यदि कोई निजी अस्पताल बुखार के मरीजों को डेंगू के नाम पर इलाज करता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
-डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन
फोटो 13पीएएलपी-16 में है।
कैप्शन: पलवल के जिला नागरिक अस्पताल में बुखार से ग्रस्त मरीजों की भीड़
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पलवल। जिले में बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। बुखार के मरीजों की संख्या में पिछले 15 दिनों में काफी इजाफा हुआ है। जहां पहले अस्पतालों में बुखार के 50 से 100 मरीज आते थे, वह एक हजार से अधिक मरीज जिला नागरिक अस्पताल में आ रहे हैं। निजी अस्पतालों में आ रहे बुखार के मरीजों को डेंगू बताकर इलाज किया जा रहा है, वहीं जिला स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों व निजी लैब की रिपोर्ट को नकार रहा है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि पलवल जिले में डेंगू के एक मरीज की पुष्टि हुई है। जबकि निजी अस्पतालों में डेंगू के नाम पर सैकड़ों बुखार से ग्रस्त मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
जिला नागरिक अस्पताल में सुबह नौ बजे से ही बुखार के मरीजों की भीड़ इलाज के लिए पहुंचने लगती है। बुखार से प्रभावित मरीजों में बच्चों की संख्या काफी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार से ग्रस्त मरीज ज्यादा हैं। लोगों में बुखार के साथ-साथ खांसी, जुकाम, उल्टी व दस्त की शिकायत भी बन रही है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो जिले में डेंगू का डी2 स्ट्रेन भी मिल रहा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे मानने को तैयार नहीं है। हालांकि विभाग द्वारा उन गांवों में लोगों की घर-घर जाकर जांच कराई जा रही है, जहां बुखार के मरीज ज्यादा मिल रहे हैं। सर्वे भी कराया जा रहा है। डेंगू के साथ-साथ मलेरिया व कोरोना की भी जांच कराई जा रही है।
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डेंगू का डी2 स्ट्रेन क्या है
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू बुखार चार प्रकार का होता है, जिसमें डी2 बेहद खतरनाक माना जाता है। इसे डेंगू शॉक सिंड्रोम से जोड़कर भी देखा जाता है। इसमें मरीज का बुखार के साथ अचानक ब्लड प्रेशर कम हो जाता है, जिससे मरीज की मृत्यु हो सकती है। इसमें फ्लू जैसे लक्षण उभरते हैं। जो 2 से 7 दिन तक रह सकते हैं। डेंगू मच्छर के काटने पर बीमारी के लक्षण 4 से 10 दिन में दिखते हैं। शुरूआत में सिरदर्द, मिचली आना, उल्टी, हड्डियों या मांसपेशी में दर्द, चकत्ते आने के लक्षण होते हैं। अगर सही से इलाज न मिला तो यही सामान्य डेंगू गंभीर बन जाता है। ऐसे में तुरंत अस्पताल लेकर जाना सही है।
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जिले में अभी तक डेंगू का मात्र एक मरीज मिला है। जिन निजी लैब के द्वारा लोगों में डेंगू की पुष्टि की जा रही है, उस पर विश्वास करना मुश्किल है। लोगों से अपील है कि बुखार की शिकायत बनने पर तुरंत जिला नागरिक अस्पताल में जाकर डेंगू की जांच कराए। यदि कोई निजी अस्पताल बुखार के मरीजों को डेंगू के नाम पर इलाज करता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
-डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन
फोटो 13पीएएलपी-16 में है।
कैप्शन: पलवल के जिला नागरिक अस्पताल में बुखार से ग्रस्त मरीजों की भीड़