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हथीन व होडल में सबसे अधिक हैं मलेरिया के मामले
अमर उजाला ब्ययूराो
Updated Thu, 21 Jul 2016 04:53 PM IST
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डेंगू, मच्छर
- फोटो : file photo
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बरसात के मौसम के चलते डेंगू व मलेरिया के मामलों को लेकर पलवल का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। दिल्ली में डेंगू के कई मामले सामने आने के बाद प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग इस मामले में लापरवाही नहीं बरतना चाहता है।
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हालांकि अभी तक जिले में डेंगू का एक भी मामला रिपोर्ट नहीं किया गया है, लेकिन मलेरिया ने अपने पैर पसारे हुए हैं। विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में सबसे अधिक मलेरिया के मामले हथीन उपमंडल से सामने आ रहे हैं, दूसरे नंबर पर होडल है। पलवल, औरंगाबाद और दुधौला स्वास्थ्य केंद्रों में स्थिति फिर भी ठीक है।
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स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया व डेंगू के लिए विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। विभाग के मुताबिक जिन गांवों में बुखार व मलेरिया आदि के मामले में सामने आ रहे हैं, वहां सर्वे कराया जा रहा है। इस सर्वे में बुखार से पीड़ित लोगों व बच्चों के खून का सैंपल लेकर स्लाइड तैयार की जाती है और आवश्यक जांच की जाती है। इससे जांच के बाद स्पष्ट होता है कि उन्हें बुखार किस कारण है।
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टीमें कर रही हैं जांच :
मलेरिया विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले में पलवल सहित सभी उपखंडों के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। गांवों मेें एएनएम, आंगनबाड़ी वर्कर्स और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी डेंगू व मलेरिया से बचाव के बारे में जागरुक कर रहे हैं। साथ ही इन बीमारियों के लक्षण व सावधानियों के बारे में भी बताया जा रहा है। फॉगिंग के लिए सात टीमों का गठन किया गया है।
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डेंगू के लिए बनाया वार्ड :
-जिले में अभी तक डेंगू का एक भी मामला रिपोर्ट नहीं किया गया है। फिर भी जिला अस्पताल में इसके लिए तैयारियां की गई हैं। इसके तहत डेंगू का वार्ड बनाया गया है। मलेरिया विभाग के सह प्रभारी डॉ. मनजीत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरे जिले में नजर बनाए हुए हैं। एहतियात के तौर पर जिला अस्पताल में डेंगू के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। साथ ही अस्पताल में आने वाले मरीजों व तीमारदारों को डेंगू व मलेरिया के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सबसे अधिक मामले हथीन उपमंडल से सामने आ रहे हैं, इसलिए विभाग हथीन पर विशेष ध्यान दे रहा है।
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जिले में तीन वर्षों में मलेरिया के आंकडे़ :
वर्ष 2106 के आंकड़े : (20 जुलाई तक)
कुल- 124, हथीन-64, होडल-48, औरंगाबाद-नौ, दुधौला-एक, पलवल-दो।
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वर्ष 2015 के आंकडे़ :
कुल- 240, हथीन-216 , होडल-18, औरंगाबाद-सात, दुधौला-आठ, पलवल-एक
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वर्ष 2014 के आंकड़े :
कुल- 415, हथीन- 310, होडल-6, औरंगाबाद-15, दुधौला-64, पलवल 20