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सौ रुपये दीजिए और लीजिए अस्सी सिक्के
अमर उजाला, होडल
Updated Sun, 29 Sep 2013 08:06 PM IST
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बाजार में इस समय खुले पैसों को लेकर दुकानदार से लेकर ग्राहकों तक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर आपको सौ रुपये का फुटकर कराना है तो उसके बदले एक-एक रुपये के 80 सिक्के ही मिल पाएंगे। इससे फुटकर लेने वालों को जहां घाटा हो रहा है वहीं इसका रोजगार करने वालों को फायदा।
होडल शहर में पांच बैंकों की शाखाएं हैं, लेकिन किसी भी बैंक में सिक्के उपलब्ध नहीं हैं। बैंक कर्मचारी सिक्कों को चेस्ट से मंगवाने में कतराते हैं। क्याेंकि उनका सिक्कों का वितरण करने में समय बर्बाद होता है। कर्मचारियों का कहना है कि सिक्के आते ही दुकानदार बैंकों में आकर खड़े हो जाते हैं, जिसके चलते किसे दें और किसे न दें, यह समस्या उनके सामने खड़ी हो जाती है।
स्थानीय दुकानदार योगेश, डालचंद, गुलशन गर्ग व प्रताप सिंह ने बताया कि वे पांच रुपये का सामान बेचकर मात्र पचास पैसे मुश्किल से कमाते हैं, लेकिन उनको दस रुपये में से पांच रुपयेे वापस भी देने पड़ते हैं। वह पचास पैसे की कमाई उनको पांच रुपये देने में चली जाती है। कई बार तो उन्हें खुले पैसे न होने के चक्कर में ग्राहक को लौटाना पड़ता है। इससे उनकी दुकानदारी पर बुरा असर पड़ रहा हैं।
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दुकानदारों ने जिला प्रशासन व सरकार से मांग की है कि बैंकों की शाखाओं में पर्याप्त मात्रा में एक-एक के सिक्के भिजवाएं। दुकानदारों का कहना है कि यदि किसी से सौ रुपये के एक-एक के सिक्के लेते हैं तो वह 80 सिक्के देता है। इससे उन्हें 20 रुपये का नुकसान झेलना पड़ता है।
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होडल शहर में पांच बैंकों की शाखाएं हैं, लेकिन किसी भी बैंक में सिक्के उपलब्ध नहीं हैं। बैंक कर्मचारी सिक्कों को चेस्ट से मंगवाने में कतराते हैं। क्याेंकि उनका सिक्कों का वितरण करने में समय बर्बाद होता है। कर्मचारियों का कहना है कि सिक्के आते ही दुकानदार बैंकों में आकर खड़े हो जाते हैं, जिसके चलते किसे दें और किसे न दें, यह समस्या उनके सामने खड़ी हो जाती है।
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स्थानीय दुकानदार योगेश, डालचंद, गुलशन गर्ग व प्रताप सिंह ने बताया कि वे पांच रुपये का सामान बेचकर मात्र पचास पैसे मुश्किल से कमाते हैं, लेकिन उनको दस रुपये में से पांच रुपयेे वापस भी देने पड़ते हैं। वह पचास पैसे की कमाई उनको पांच रुपये देने में चली जाती है। कई बार तो उन्हें खुले पैसे न होने के चक्कर में ग्राहक को लौटाना पड़ता है। इससे उनकी दुकानदारी पर बुरा असर पड़ रहा हैं।
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दुकानदारों ने जिला प्रशासन व सरकार से मांग की है कि बैंकों की शाखाओं में पर्याप्त मात्रा में एक-एक के सिक्के भिजवाएं। दुकानदारों का कहना है कि यदि किसी से सौ रुपये के एक-एक के सिक्के लेते हैं तो वह 80 सिक्के देता है। इससे उन्हें 20 रुपये का नुकसान झेलना पड़ता है।