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शुगर मिल का बार-बार हो रहा ब्रेकडाउन
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पलवल। सहकारी चीनी मिल पेराई सत्र का शुभारंभ के साथ मिल का ब्रेकडाउन हो गया। लगातार हो रहे ब्रेकडाउन को लेकर गन्ने की खरीद नहीं हो पा रही है। चीनी मिल के निदेशक बाबूराम ने इस बारे में रोष जताया है। वहीं शुगर मिल एमडी सुमन भाखर ने कहा कि मिल को सुचारू रूप से चलने में एक सप्ताह का समय लगेगा।
मंगलवार को मिल शुरू होने के कुछ घंटे बाद ही मिल बंद हो गई थी। बृहस्पतिवार शाम को मिल को दोबारा शुरू किया गया, परंतु ब्रेकडाउन हो गया। उसके बाद शुक्रवार को भी दिन दो बार मिल का ब्रेकडाउन हुआ। जानकारी के अनुसार एक बार ब्रेकडाउन होने पर मिल को लाखों को नुकसान झेलना पड़ता है। बार-बार ब्रेकडाउन होने का कारण गीला बगास और गन्ना खींचने वाली चेन का सिकुड़ना बताया जा रहा है। दरअसल, मंगलवार 26 अक्टूबर को सुबह 10 बजे प्रदेश सहकारिता मंत्री बनवारी लाल ने शुगर मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ किया। शुभारंभ के कुछ घंटे बाद भी मिल में ब्रेकडाउन हो गया। उसके बाद बार-बार ब्रेकडाउन हो रहा है। पिछले तीन दिनों में मिल में केवल 20 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है, जबकि तीन दिन में करीब 66 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो जानी चाहिए थी। मिल निदेशक बाबूराम ने बताया कि किसानों का करीब 20 हजार क्विंटल गन्ना ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लदा हुआ है। गन्ना खरीद केंद्रों पर भी 20 हजार क्विंटल से ज्यादा गन्ना पड़ा हुआ है। मिल को चालू करने के लिए रोहतक चीनी मिल से बगास और शहर से सूखी लकड़िया मंगवाई गई हैं। पिछले साल भी मिल चलने के बाद ही बंद हो गई थी। पिछले दो साल से मिल की हालत निरंतर बिगड़ती जा रही है।
शुगर मिल का बार-बार ब्रेकडाउन हो रहा है। इंजीनियर लगातार कमियों को दूर करने में लगे हुए हैं। मिल की शुरुआत में आमतौर पर कुछ कमियां आती हैं। मिल को सुचारू रूप से शुरू होने में एक सप्ताह का समय लगेगा।
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- सुमन भाखर, एमडी, शुगर मिल पलवल
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मंगलवार को मिल शुरू होने के कुछ घंटे बाद ही मिल बंद हो गई थी। बृहस्पतिवार शाम को मिल को दोबारा शुरू किया गया, परंतु ब्रेकडाउन हो गया। उसके बाद शुक्रवार को भी दिन दो बार मिल का ब्रेकडाउन हुआ। जानकारी के अनुसार एक बार ब्रेकडाउन होने पर मिल को लाखों को नुकसान झेलना पड़ता है। बार-बार ब्रेकडाउन होने का कारण गीला बगास और गन्ना खींचने वाली चेन का सिकुड़ना बताया जा रहा है। दरअसल, मंगलवार 26 अक्टूबर को सुबह 10 बजे प्रदेश सहकारिता मंत्री बनवारी लाल ने शुगर मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ किया। शुभारंभ के कुछ घंटे बाद भी मिल में ब्रेकडाउन हो गया। उसके बाद बार-बार ब्रेकडाउन हो रहा है। पिछले तीन दिनों में मिल में केवल 20 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है, जबकि तीन दिन में करीब 66 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो जानी चाहिए थी। मिल निदेशक बाबूराम ने बताया कि किसानों का करीब 20 हजार क्विंटल गन्ना ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लदा हुआ है। गन्ना खरीद केंद्रों पर भी 20 हजार क्विंटल से ज्यादा गन्ना पड़ा हुआ है। मिल को चालू करने के लिए रोहतक चीनी मिल से बगास और शहर से सूखी लकड़िया मंगवाई गई हैं। पिछले साल भी मिल चलने के बाद ही बंद हो गई थी। पिछले दो साल से मिल की हालत निरंतर बिगड़ती जा रही है।
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शुगर मिल का बार-बार ब्रेकडाउन हो रहा है। इंजीनियर लगातार कमियों को दूर करने में लगे हुए हैं। मिल की शुरुआत में आमतौर पर कुछ कमियां आती हैं। मिल को सुचारू रूप से शुरू होने में एक सप्ताह का समय लगेगा।
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- सुमन भाखर, एमडी, शुगर मिल पलवल