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चिल्ली गांव बुखार का प्रकोप जारी, मिले 23 बुखार के मरीज
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हथीन। चिल्ली गांव में बुखार का प्रकोप लगातार जारी है। बृहस्पतिवार को भी बुखार के 23 नए मरीज गांव में मिले हैं। लगातार मिल रहे बुखार के मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अलावा जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। बृहस्पतिवार को चिल्ली गांव में सिविल सर्जन के अलावा एसडीएम लक्ष्मीनारायण, तहसीलदार कुलवंत सिंह, जन स्वास्थ्य विभाग अधीक्षक अभियंता जगदीश जांगड़ा ने दौरा किया, वहीं मलेरिया विभाग के निदेशक रणदीप पूनिया ने भी गांव का दौरा कर लोगों से मिलकर बुखार के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेष डॉक्टर संजीव मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में टीकाकरण, रक्त की जांच एवं मरीजों का इलाज करने में जुटी हुई है।
उधर सिविल सर्जन ने गांव सौंदहद में भी बढ़ रहे बुखार के मरीजों को देखते हुए सौंदहद स्थित सौंध स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर वहां स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य स्टाफ व चिकित्सकों को दिशा निर्देश दिए कि गांव सौंदहद में बुखार से ग्रस्त लोगों की जांच की जाए तथा घर-घर सर्वे करा बुखार के मरीजों के सैंपल लिए जाएं।
चिल्ली गांव में बुखार फैलने के बाद लोगों में अभी भी भय बना हुआ है। गांव में अब तक करीब एक दर्जन की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में बुखार फैलने पर शुरू किए गए इंतजामों के बाद मौत तो नहीं हुई है, लेकिन बुखार के मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। बुधवार को भी जहां 32 मरीज मिले थे, वहीं बृहस्पतिवार को भी बुखार के 23 मरीज मिले। बुखार के मिले इन मरीजों की जांच की गई तथा तुरंत ही विभाग द्वारा उनके रक्त के सैंपल लेकर जांच के लिए भिजवाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनके घर में रहने वाले अन्य लोगों को भी बुखार न चढ़े, इसके लिए दवाइयां दी हैं तथा घर में साफ-सफाई रखने के लिए जागरूक किया। साथ ही आसपास के घरों में भी सर्वे कराकर लोगों की जांच की गईं। जिन मरीजों में प्लेटलेट्स कम मिली, उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं जन स्वास्थ्य विभाग भी चिल्ली गांव में पेयजल आपूर्ति करने वाली पाइप लाइनों को दुरुस्त करने में जुट गया है।
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विभाग की स्वास्थ्य सेवाओं से लोग संतुष्ट
ग्रामीण अब स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में पहुंचकर की जा रही कार्रवाई से संतुष्ट नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले ही गांव में पेयजल पाइन लाइनों को दुरुस्त कर दिया जाता तो आज ये हालात नहीं होते। वहीं बिजली आपूर्ति में भी सुधार किया जा रहा है। गांव के निवर्तमान सरपंच नरेश कुमार ने बताया कि अधिकारियों के दौरे के बाद गांव के लोगों के सार्वजनिक कार्य तुरंत हो रहे हैं। गांव निवासी मुकीम का भी कहना है कि अब गांव में हालात सामान्य होने लगे हैं। पहले जहां दवा लेने के लिए चार किलोमीटर दूर उटावड पीएचसी में जाना पड़ता था। अब लोगों के घर द्वार पर ही दवाई मिल रही हैं।
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150 घरों में पहुंच रहा है दूषित पानी
जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा बुखार फैलने के बाद शुरू की गई पाइप लाइनों की जांच में करीब 150 घरों के ऐसे कनेक्शन चिन्हित किए जो मानकों के आधार पर खरे नहीं है। उनकी पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हैं तथा उनके द्वारा घरों में दूषित पानी जा रहा है। ऐसे में उन पेयजल आपूर्ति करने वाली लाइनों को दुरुस्त किया जा रहा है। इसके चलते विभाग की टीम द्वारा ब्लीचिंग पाउडर ग्रामीणों को वितरित किया जा रहा है। चिल्ली गांव की चौपाल में 6 बेड का एक अस्थायी हॉस्पिटल भी शुरू किया गया है। अधीक्षक अभियंता जगदीश जांगड़ा पानी की पेयजल लाइन लाइनों को दुरुस्त करा रहे हैं।
फोटो 16पीएएलपी-3,4,13 में हैं।
कैप्शन: 3- चिल्ली गांव में जायजा लेने पहुंचे मलेरिया विभाग के निदेशक रणदीप पूनिया स्वास्थ्य स्टाफ से बात करते हुए
कैप्शन: 4-सौंदहद गांव के स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे जिला सिविल सर्जन
कैप्शन: 13- गांव चिल्ली में बुखार के प्रकोप को देख मरीजों की जानकारी लेते सीएमओ
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उधर सिविल सर्जन ने गांव सौंदहद में भी बढ़ रहे बुखार के मरीजों को देखते हुए सौंदहद स्थित सौंध स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर वहां स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य स्टाफ व चिकित्सकों को दिशा निर्देश दिए कि गांव सौंदहद में बुखार से ग्रस्त लोगों की जांच की जाए तथा घर-घर सर्वे करा बुखार के मरीजों के सैंपल लिए जाएं।
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चिल्ली गांव में बुखार फैलने के बाद लोगों में अभी भी भय बना हुआ है। गांव में अब तक करीब एक दर्जन की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में बुखार फैलने पर शुरू किए गए इंतजामों के बाद मौत तो नहीं हुई है, लेकिन बुखार के मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। बुधवार को भी जहां 32 मरीज मिले थे, वहीं बृहस्पतिवार को भी बुखार के 23 मरीज मिले। बुखार के मिले इन मरीजों की जांच की गई तथा तुरंत ही विभाग द्वारा उनके रक्त के सैंपल लेकर जांच के लिए भिजवाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनके घर में रहने वाले अन्य लोगों को भी बुखार न चढ़े, इसके लिए दवाइयां दी हैं तथा घर में साफ-सफाई रखने के लिए जागरूक किया। साथ ही आसपास के घरों में भी सर्वे कराकर लोगों की जांच की गईं। जिन मरीजों में प्लेटलेट्स कम मिली, उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं जन स्वास्थ्य विभाग भी चिल्ली गांव में पेयजल आपूर्ति करने वाली पाइप लाइनों को दुरुस्त करने में जुट गया है।
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विभाग की स्वास्थ्य सेवाओं से लोग संतुष्ट
ग्रामीण अब स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में पहुंचकर की जा रही कार्रवाई से संतुष्ट नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले ही गांव में पेयजल पाइन लाइनों को दुरुस्त कर दिया जाता तो आज ये हालात नहीं होते। वहीं बिजली आपूर्ति में भी सुधार किया जा रहा है। गांव के निवर्तमान सरपंच नरेश कुमार ने बताया कि अधिकारियों के दौरे के बाद गांव के लोगों के सार्वजनिक कार्य तुरंत हो रहे हैं। गांव निवासी मुकीम का भी कहना है कि अब गांव में हालात सामान्य होने लगे हैं। पहले जहां दवा लेने के लिए चार किलोमीटर दूर उटावड पीएचसी में जाना पड़ता था। अब लोगों के घर द्वार पर ही दवाई मिल रही हैं।
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150 घरों में पहुंच रहा है दूषित पानी
जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा बुखार फैलने के बाद शुरू की गई पाइप लाइनों की जांच में करीब 150 घरों के ऐसे कनेक्शन चिन्हित किए जो मानकों के आधार पर खरे नहीं है। उनकी पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हैं तथा उनके द्वारा घरों में दूषित पानी जा रहा है। ऐसे में उन पेयजल आपूर्ति करने वाली लाइनों को दुरुस्त किया जा रहा है। इसके चलते विभाग की टीम द्वारा ब्लीचिंग पाउडर ग्रामीणों को वितरित किया जा रहा है। चिल्ली गांव की चौपाल में 6 बेड का एक अस्थायी हॉस्पिटल भी शुरू किया गया है। अधीक्षक अभियंता जगदीश जांगड़ा पानी की पेयजल लाइन लाइनों को दुरुस्त करा रहे हैं।
फोटो 16पीएएलपी-3,4,13 में हैं।
कैप्शन: 3- चिल्ली गांव में जायजा लेने पहुंचे मलेरिया विभाग के निदेशक रणदीप पूनिया स्वास्थ्य स्टाफ से बात करते हुए
कैप्शन: 4-सौंदहद गांव के स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे जिला सिविल सर्जन
कैप्शन: 13- गांव चिल्ली में बुखार के प्रकोप को देख मरीजों की जानकारी लेते सीएमओ