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Palwal News: व्यवस्था में कमी से बारिश में भींगे मंडी में रखे धान, कीमत गिरी
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बारिश की वजह से जगह-जगह जलजमाव से आवागमन में हुई परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल/होडल। जिले में सोमवार को हुई बारिश के चलते एक ओर जहां ठंडक का अहसास हुआ, वहीं दूसरी ओर किसान और आढ़तियों की परेशानी बढ़ गई। बारिश के कारण पलवल और होडल की अनाज मंडियों में जलभराव हो गया, जिसके चलते वहां रखी धान-बाजरा की फसल भींग गई।
बारिश के बाद हुए जलभराव और खुले में रखे धान को बचाने के लिए मंडी प्रशासन कदम उठाता नजर नहीं आया। सुबह 11 बजे तक कई जगह पानी जमा था। मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर भी जलभराव दिखाई दिया। इसके बावजूद पानी निकासी के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। मंडी परिसर में जलभराव के बीच किसान अपने धान को लेकर चिंतित दिखाई दिए।
3,700 से गिरकर 3,400 रुपये तक गिरा भाव
किसानों ने बताया कि बारिश के चलते धान में नमी बढ़ने से 1509 किस्म के भाव में गिरावट आई है। जो धान पहले 3700 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक भाव पर बिक रहा था, उसके भाव अब करीब 3400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। किसानों के अनुसार, गीला धान और घटते भाव उनके लिए दोहरी मार साबित हो रहे हैं। उनका कहना है कि समय पर पानी निकासी और धान को सुरक्षित रखने के इंतजाम होते तो नुकसान को कम किया जा सकता था।
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बातचीत
बारिश के कारण मंडी में खुले में रखा धान भीग गया। वहीं, नालियों में रुकावट होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाई और मंडी में कई जगह जलभराव हो गया। इससे काफी नुकसान हुआ है। - सुबे सिंह, आढ़ती
बारिश के बाद मंडी में धान की आवक, तौल और उठान से जुड़े काम भी प्रभावित होने की आशंका है। खुले में रखा धान भीगने से उसकी गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। जलभराव से आवाजाही मुश्किल हुई है।
- सुभाष, आढ़ती
मंडी में पहले ही धान का उचित भाव नहीं मिल रहा है। अब बारिश में धान भीगने से उसमें नमी बढ़ गई है, जिससे भाव और कम मिलने की आशंका है। पहले से परेशान किसानों की मुश्किलें अब और बढ़ जाएंगी।
- ज्ञानचंद
धान की फसल तैयार करने में मेहनत और खर्च लगता है। मंडी में पहले ही उचित भाव नहीं मिल पा रहा। बारिश के कारण खुले में रखा धान भीग गया और उसमें नमी बढ़ गई है। इससे धान की गुणवत्ता प्रभावित होगी। - विजयपाल
करोड़ों खर्च, फिर भी जलभराव से राहत नहीं
होडल में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। ओल्ड जीटी रोड, नानक डेयरी रोड, हसनपुर चौक, गोडोता चौक, अनाज मंडी और सब्जी मंडी सहित कई स्थानों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण दुकानदारों, वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ती है। बरसात के बाद भी पानी की निकासी में समय लगता है। लोगों ने सवाल उठाया कि विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जलभराव का स्थायी समाधान क्यों नहीं हो पाया। लोगों को अब भी समस्या से स्थायी राहत मिलने का इंतजार है।
पलवल में 18 एमएम बारिश
जिले में रविवार को सुबह 8 बजे से सोमवार सुबह 8 बजे तक हुई बारिश में पलवल तहसील में सबसे अधिक 18 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं, होडल में 4 एमएम, हसनपुर में 2 एमएम तथा हथीन और बहीन में 1-1 एमएम बारिश हुई। बारिश होने की वजह से पूरे जिले में जगह-जगह जलजमाव हो गया। इस वजह से लोगाें को आने-जाने में समस्या हुई।
वर्जन
मार्केट कमेटी बोर्ड की ओर से जलभराव की समस्या को दूर कर स्थिति सामान्य करवा दी गई है। मंडी में समय-समय पर नालियों की सफाई करवाई जा रही है, ताकि पानी की निकासी सुचारु बनी रहे और भविष्य में बारिश के दौरान इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। - लता, सचिव, मार्केट बोर्ड
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल/होडल। जिले में सोमवार को हुई बारिश के चलते एक ओर जहां ठंडक का अहसास हुआ, वहीं दूसरी ओर किसान और आढ़तियों की परेशानी बढ़ गई। बारिश के कारण पलवल और होडल की अनाज मंडियों में जलभराव हो गया, जिसके चलते वहां रखी धान-बाजरा की फसल भींग गई।
बारिश के बाद हुए जलभराव और खुले में रखे धान को बचाने के लिए मंडी प्रशासन कदम उठाता नजर नहीं आया। सुबह 11 बजे तक कई जगह पानी जमा था। मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर भी जलभराव दिखाई दिया। इसके बावजूद पानी निकासी के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। मंडी परिसर में जलभराव के बीच किसान अपने धान को लेकर चिंतित दिखाई दिए।
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3,700 से गिरकर 3,400 रुपये तक गिरा भाव
किसानों ने बताया कि बारिश के चलते धान में नमी बढ़ने से 1509 किस्म के भाव में गिरावट आई है। जो धान पहले 3700 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक भाव पर बिक रहा था, उसके भाव अब करीब 3400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। किसानों के अनुसार, गीला धान और घटते भाव उनके लिए दोहरी मार साबित हो रहे हैं। उनका कहना है कि समय पर पानी निकासी और धान को सुरक्षित रखने के इंतजाम होते तो नुकसान को कम किया जा सकता था।
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बारिश के कारण मंडी में खुले में रखा धान भीग गया। वहीं, नालियों में रुकावट होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाई और मंडी में कई जगह जलभराव हो गया। इससे काफी नुकसान हुआ है। - सुबे सिंह, आढ़ती
बारिश के बाद मंडी में धान की आवक, तौल और उठान से जुड़े काम भी प्रभावित होने की आशंका है। खुले में रखा धान भीगने से उसकी गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। जलभराव से आवाजाही मुश्किल हुई है।
- सुभाष, आढ़ती
मंडी में पहले ही धान का उचित भाव नहीं मिल रहा है। अब बारिश में धान भीगने से उसमें नमी बढ़ गई है, जिससे भाव और कम मिलने की आशंका है। पहले से परेशान किसानों की मुश्किलें अब और बढ़ जाएंगी।
- ज्ञानचंद
धान की फसल तैयार करने में मेहनत और खर्च लगता है। मंडी में पहले ही उचित भाव नहीं मिल पा रहा। बारिश के कारण खुले में रखा धान भीग गया और उसमें नमी बढ़ गई है। इससे धान की गुणवत्ता प्रभावित होगी। - विजयपाल
करोड़ों खर्च, फिर भी जलभराव से राहत नहीं
होडल में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। ओल्ड जीटी रोड, नानक डेयरी रोड, हसनपुर चौक, गोडोता चौक, अनाज मंडी और सब्जी मंडी सहित कई स्थानों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण दुकानदारों, वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ती है। बरसात के बाद भी पानी की निकासी में समय लगता है। लोगों ने सवाल उठाया कि विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जलभराव का स्थायी समाधान क्यों नहीं हो पाया। लोगों को अब भी समस्या से स्थायी राहत मिलने का इंतजार है।
पलवल में 18 एमएम बारिश
जिले में रविवार को सुबह 8 बजे से सोमवार सुबह 8 बजे तक हुई बारिश में पलवल तहसील में सबसे अधिक 18 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं, होडल में 4 एमएम, हसनपुर में 2 एमएम तथा हथीन और बहीन में 1-1 एमएम बारिश हुई। बारिश होने की वजह से पूरे जिले में जगह-जगह जलजमाव हो गया। इस वजह से लोगाें को आने-जाने में समस्या हुई।
वर्जन
मार्केट कमेटी बोर्ड की ओर से जलभराव की समस्या को दूर कर स्थिति सामान्य करवा दी गई है। मंडी में समय-समय पर नालियों की सफाई करवाई जा रही है, ताकि पानी की निकासी सुचारु बनी रहे और भविष्य में बारिश के दौरान इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। - लता, सचिव, मार्केट बोर्ड