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Palwal News: दो राज्यों की खींचतान में फंसी नालों की सुरक्षा, जान दांव पर
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नगर परिषद नालों के किनारे निर्माण कार्य कराने के लिए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से मांग रही एनओसी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के दो विभागों के बीच खींचतान की वजह से शहर के नाले सुरक्षित नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण आए दिन हादसे हाेते रहते हैं। विवाद की वजह से नालों के किनारे सुरक्षा दीवार या बैरिकेडिंग की योजना लंबे समय से अटकी है। ऐसा हाल तब है जब दोनों राज्यों और केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार है और स्थानीय विधायक प्रदेश सरकार में मंत्री हैं।
अधिकारियों के अनुसार, नगर परिषद नालों के किनारे निर्माण कार्य कराने के लिए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से एनओसी मांग रही है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग का कहना है कि जमीन पर उसका मालिकाना हक है, इसलिए निर्माण के लिए नगर परिषद उसे राशि उपलब्ध करा दे। दोनों विभागों के बीच जिम्मेदारी और बजट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से जनसुरक्षा संबंधी यह कार्य प्रभावित है।
खुले नालों पर भी सुरक्षा इंतजाम करने की मांग
शहरवासियों की मांग है कि प्रशासन सभी खुले नालों का सर्वे कराकर उनके किनारे सुरक्षा दीवार या बैरिकेड लगवाए। न्यू सोहना रोड के अलावा सोहना रोड, मोती कॉलोनी, रसूलपुर रोड और न्यू कॉलोनी सहित शहर के अन्य क्षेत्रों से गुजर रहे नालों के किनारे भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इन स्थानों पर खुले नालों के कारण हादसों का खतरा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों को सभी संवेदनशील स्थानों पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। एनओसी, बजट और जिम्मेदारी से जुड़े मुद्दों का आपसी तालमेल से समाधान किया जाए, ताकि प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी का खामियाजा आम नागरिकों को न भुगतना पड़े और किसी बड़े हादसे से पहले सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जा सकें।
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हादसों के बाद जागा प्रशासन
बुधवार को न्यू सोहना रोड चौक पर जाम के दौरान राजेंद्र की स्कूटी खुले नाले में जा गिरी थी। राजेंद्र के अनुसार, सामने से आ रही कार से बचने के प्रयास में उनकी स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया और वह नाले में गिर गए। गनीमत रही कि उन्हें गंभीर चोट नहीं आई। इस घटना ने एक बार फिर खुले नालों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की कमी उजागर कर दी है। हादसे के बाद नगर परिषद ने न्यू सोहना रोड पर नाले के पास रिटेनिंग वॉल बनाने का काम शुरू कर दिया है ताकि और कोई बड़ा हादसा न हो सके।
नाले में गाड़ी गिरने से युवक की हुई थी मौत
इससे पहले हथीन गेट चौकी के समीप हथीन मोड़ से पहले खुले नाले में गिरने से गेलपुर निवासी कुलदीप की मौत हो गई थी। हादसे के बाद संबंधित स्थान पर सुरक्षा दीवार बनवाई गई थी। इसके बावजूद शहर के अन्य हिस्सों में खुले नाले हादसों को न्योता दे रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब हादसों का खतरा पहले से मौजूद है, तो सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम करने में देरी क्यों हो रही है।
विभागों को दिए जाएंगे निर्देश : मंत्री
मामले में स्थानीय विधायक सह खेल एवं युवा अधिकारिता तथा उद्यमिता राज्य मंत्री, हरियाणा सरकार गौरव गौतम ने कहा कि दोनों विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे कि वे आपसी समन्वय और पूर्ण जवाबदेही के साथ जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करें। जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी, लापरवाही अथवा विभागीय तालमेल की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी आपसी सहयोग से निर्धारित समय-सीमा में समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित करें और सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। प्रशासन का दायित्व है कि आमजन को समयबद्ध, पारदर्शी और सुगम सेवाएं मिलें। इस दिशा में कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी और जिम्मेदारी तय करते हुए जनहित से जुड़े मामलों में ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जाएंगे।
वर्जन
नालों का स्वामित्व उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के पास होने के कारण नगर परिषद वहां निर्माण नहीं कर सकती। संबंधित विभाग से एनओसी लेने के लिए कई बार पत्राचार किया गया है और रिमाइंडर भी भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक सकारात्मक समाधान नहीं निकला है। नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा के लिए नगर परिषद ने खुले नालों को चिह्नित कर उनके किनारे रिटेनिंग वॉल बनवाने का काम शुरू किया है, ताकि हादसों की आशंका कम की जा सके। - मनीषा शर्मा, नगर आयुक्त
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के दो विभागों के बीच खींचतान की वजह से शहर के नाले सुरक्षित नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण आए दिन हादसे हाेते रहते हैं। विवाद की वजह से नालों के किनारे सुरक्षा दीवार या बैरिकेडिंग की योजना लंबे समय से अटकी है। ऐसा हाल तब है जब दोनों राज्यों और केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार है और स्थानीय विधायक प्रदेश सरकार में मंत्री हैं।
अधिकारियों के अनुसार, नगर परिषद नालों के किनारे निर्माण कार्य कराने के लिए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से एनओसी मांग रही है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग का कहना है कि जमीन पर उसका मालिकाना हक है, इसलिए निर्माण के लिए नगर परिषद उसे राशि उपलब्ध करा दे। दोनों विभागों के बीच जिम्मेदारी और बजट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से जनसुरक्षा संबंधी यह कार्य प्रभावित है।
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खुले नालों पर भी सुरक्षा इंतजाम करने की मांग
शहरवासियों की मांग है कि प्रशासन सभी खुले नालों का सर्वे कराकर उनके किनारे सुरक्षा दीवार या बैरिकेड लगवाए। न्यू सोहना रोड के अलावा सोहना रोड, मोती कॉलोनी, रसूलपुर रोड और न्यू कॉलोनी सहित शहर के अन्य क्षेत्रों से गुजर रहे नालों के किनारे भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इन स्थानों पर खुले नालों के कारण हादसों का खतरा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों को सभी संवेदनशील स्थानों पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। एनओसी, बजट और जिम्मेदारी से जुड़े मुद्दों का आपसी तालमेल से समाधान किया जाए, ताकि प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी का खामियाजा आम नागरिकों को न भुगतना पड़े और किसी बड़े हादसे से पहले सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जा सकें।
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हादसों के बाद जागा प्रशासन
बुधवार को न्यू सोहना रोड चौक पर जाम के दौरान राजेंद्र की स्कूटी खुले नाले में जा गिरी थी। राजेंद्र के अनुसार, सामने से आ रही कार से बचने के प्रयास में उनकी स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया और वह नाले में गिर गए। गनीमत रही कि उन्हें गंभीर चोट नहीं आई। इस घटना ने एक बार फिर खुले नालों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की कमी उजागर कर दी है। हादसे के बाद नगर परिषद ने न्यू सोहना रोड पर नाले के पास रिटेनिंग वॉल बनाने का काम शुरू कर दिया है ताकि और कोई बड़ा हादसा न हो सके।
नाले में गाड़ी गिरने से युवक की हुई थी मौत
इससे पहले हथीन गेट चौकी के समीप हथीन मोड़ से पहले खुले नाले में गिरने से गेलपुर निवासी कुलदीप की मौत हो गई थी। हादसे के बाद संबंधित स्थान पर सुरक्षा दीवार बनवाई गई थी। इसके बावजूद शहर के अन्य हिस्सों में खुले नाले हादसों को न्योता दे रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब हादसों का खतरा पहले से मौजूद है, तो सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम करने में देरी क्यों हो रही है।
विभागों को दिए जाएंगे निर्देश : मंत्री
मामले में स्थानीय विधायक सह खेल एवं युवा अधिकारिता तथा उद्यमिता राज्य मंत्री, हरियाणा सरकार गौरव गौतम ने कहा कि दोनों विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे कि वे आपसी समन्वय और पूर्ण जवाबदेही के साथ जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करें। जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी, लापरवाही अथवा विभागीय तालमेल की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी आपसी सहयोग से निर्धारित समय-सीमा में समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित करें और सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। प्रशासन का दायित्व है कि आमजन को समयबद्ध, पारदर्शी और सुगम सेवाएं मिलें। इस दिशा में कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी और जिम्मेदारी तय करते हुए जनहित से जुड़े मामलों में ठोस परिणाम सुनिश्चित किए जाएंगे।
वर्जन
नालों का स्वामित्व उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के पास होने के कारण नगर परिषद वहां निर्माण नहीं कर सकती। संबंधित विभाग से एनओसी लेने के लिए कई बार पत्राचार किया गया है और रिमाइंडर भी भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक सकारात्मक समाधान नहीं निकला है। नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा के लिए नगर परिषद ने खुले नालों को चिह्नित कर उनके किनारे रिटेनिंग वॉल बनवाने का काम शुरू किया है, ताकि हादसों की आशंका कम की जा सके। - मनीषा शर्मा, नगर आयुक्त