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मुआवजे के लिए 15 दिन से सडक़ पर बैठे हैं किसान
अमर उजाला, ब्यूराो
Updated Thu, 09 Jun 2016 04:02 PM IST
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धरना
- फोटो : अमर उजाला
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एनएच-2 को 6 मार्गीय बनाने के लिए अधिग्रहित की गई भूमि के उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का धरना प्रदर्शन 15 वें दिन भी जारी रहा। किसान गांव बंचारी के निकट एलएंडटी कंपनी के कार्यालय के सामने धरने पर बैठे हुए हैं।
आज तक ना तो जिला प्रसाशन व ना ही सत्ता में काबिज बीजेपी नेताओं ने किसानों की सुध ली है। धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि यदि प्रसाशन ने मांगें नहीं मानीं तो वे परिवारों सहित आमरण अनशन पर बैठेंगे।
पूर्व जिला पार्षद प्रथ्वी सिंह के नेतृत्व में किए जा रहे कंपनी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन में ग्रामीणों ने बताया कि राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहित की गई जमीन के मामले को लेकर पहले भी प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा नए भूमि अधिग्रहण एक्ट के अनुसार मुआवजा वितरित नहीं किया गया है।
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ग्रामीणों ने बताया कि 26 अप्रैल 2012 को अवार्ड सुनाया गया था। जनवरी 2015 तक होडल के लगभग दो प्रतिशत लोगों को ही मुआवजा राशि दी गई है, वह भी मात्र छह हजार रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों द्वारा उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण उन्हें राजमार्ग स्थित कंपनी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि नए भूमि अधिग्रहण एक्ट के हिसाब से मुआवजा राशि वितरित की जाए।
इस अवसर पर हुकम सिंह, सुमेर सिंह, राजबीर सिंह, हरबीर सिंह, दयाराम, प्रताप, प्रकाश, सतीश और सुनील सहित सैकड़ों किसान मौजूद थे।
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आज तक ना तो जिला प्रसाशन व ना ही सत्ता में काबिज बीजेपी नेताओं ने किसानों की सुध ली है। धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि यदि प्रसाशन ने मांगें नहीं मानीं तो वे परिवारों सहित आमरण अनशन पर बैठेंगे।
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पूर्व जिला पार्षद प्रथ्वी सिंह के नेतृत्व में किए जा रहे कंपनी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन में ग्रामीणों ने बताया कि राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहित की गई जमीन के मामले को लेकर पहले भी प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा नए भूमि अधिग्रहण एक्ट के अनुसार मुआवजा वितरित नहीं किया गया है।
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ग्रामीणों ने बताया कि 26 अप्रैल 2012 को अवार्ड सुनाया गया था। जनवरी 2015 तक होडल के लगभग दो प्रतिशत लोगों को ही मुआवजा राशि दी गई है, वह भी मात्र छह हजार रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों द्वारा उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण उन्हें राजमार्ग स्थित कंपनी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि नए भूमि अधिग्रहण एक्ट के हिसाब से मुआवजा राशि वितरित की जाए।
इस अवसर पर हुकम सिंह, सुमेर सिंह, राजबीर सिंह, हरबीर सिंह, दयाराम, प्रताप, प्रकाश, सतीश और सुनील सहित सैकड़ों किसान मौजूद थे।