{"_id":"61448bc08ebc3ea6a9532e3e","slug":"become-a-job-creator-by-developing-skills-palwal-news-noi605072713","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘कौशल विकसित कर नौकरी देने वाले बनें’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘कौशल विकसित कर नौकरी देने वाले बनें’
विज्ञापन
दीक्षांत समारोह में छात्रा को डिग्री देते राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय
- फोटो : Palwal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलवल। युवा वर्ग अपना कौशल इतना विकसित करें कि वे नौकरी देने वाले बनें। बेरोजगारी का समाधान कौशल है। जितना हमारा कौशल बढ़ेगा, बेरोजगारी उतना ही कम होगी। युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा का ज्ञान देना भी अतिआवश्यक है। यह बातें शुक्रवार को प्रदेश के राज्यपाल एवं दूधौला स्थित श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय ने प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित करने के दौरान कहीं। उन्होंने दो मानद पीएचडी सहित 161 विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों से संबंधित डिग्री प्रदान की। समारोह में 136 छात्र और 25 छात्राएं शामिल थीं।
उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन का देवता माना जाता है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है, जिन्होंने देश के नवनिर्माण का अभियान शुरू किया हुआ है। प्रधानमंत्री ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की, जोकि शिक्षा जगत के लिए क्रांतिकारी कदम है। इस नई शिक्षा नीति के अनुरूप उम्मीद की जा सकती है कि यह विश्वविद्यालय युवा पीढ़ी के भविष्य की कायापलट का वाहक साबित होगा। वर्तमान की मांग के अनुसार कृषि, विज्ञान, कला, कौशल, संस्कृति एवं सामाजिक क्षेत्रों में युवा पीढ़ी के सपने कौशल शिक्षा के माध्यम से ही साकार हो सकेंगे। आज कौशल शिक्षा, प्रौद्योगिकी विकास, शिक्षा प्रक्रिया के नए एक्शन प्लान की आवश्यकता है। नई शिक्षा नीति में कौशल एवं प्रौद्योगिकी शिक्षा पर बल दिया गया है। अब शिक्षण संस्थानों में प्रौद्योगिकी शिक्षा के लिए दो तिहाई समय तय किया गया है। बच्चों को जो डिग्री और डिप्लोमा दिए गए हैं, वे जीवन के हर क्षण में उनके उनके सच्चे साथी साबित होंगे। जीवन की परिस्थितियों में निर्वाहन करने में संतुलन प्रदान करेंगे। भारत को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए एक वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने तथा ज्ञान व अनुशासन के बल पर आगे बढ़ाना होगा। कौशल शिक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शोध अब प्रयोगशालाओं से जनसामान्य तक पहुंचना शुरू हो गया है। यही शोध हमें तकनीकी रूप से मजबूत एवं सक्षम बनाएगा।
वहीं, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि रोजगार प्राप्त करने के लिए कौशल दक्षता जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन स्पष्ट है कि युवाओं को कौशल दक्षता के प्रति जागरूक किया जाए और उन्हें दक्ष बनाकर रोजगार व व्यवसाय से जोड़ा जाए। इस यूनिवर्सिटी की स्थापना से इस क्षेत्र के बच्चों को बहुत अधिक लाभ मिलेगा। यहां से दक्ष होकर बच्चे विभिन्न क्षेत्रों में देश-प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
विज्ञापन
समारोह को विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू
इस अवसर पर हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम के चेयरमैन जगदीश नायर, हरियाणा भंडारण निगम के चेयरमैन नयनपाल रावत, उपायुक्त कृष्ण कुमार, पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत, एसडीएम होडल वकील अहमद, नगराधीश अंकिता अधिकारी, विश्वविद्यालय के कुलसचिव रणधीर सिंह राठौर, उप कुलसचिव परीक्षा विभाग चंचल भारद्वाज, जिला भाजपा अध्यक्ष चरण सिंह तेवतिया उपस्थित थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन का देवता माना जाता है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है, जिन्होंने देश के नवनिर्माण का अभियान शुरू किया हुआ है। प्रधानमंत्री ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की, जोकि शिक्षा जगत के लिए क्रांतिकारी कदम है। इस नई शिक्षा नीति के अनुरूप उम्मीद की जा सकती है कि यह विश्वविद्यालय युवा पीढ़ी के भविष्य की कायापलट का वाहक साबित होगा। वर्तमान की मांग के अनुसार कृषि, विज्ञान, कला, कौशल, संस्कृति एवं सामाजिक क्षेत्रों में युवा पीढ़ी के सपने कौशल शिक्षा के माध्यम से ही साकार हो सकेंगे। आज कौशल शिक्षा, प्रौद्योगिकी विकास, शिक्षा प्रक्रिया के नए एक्शन प्लान की आवश्यकता है। नई शिक्षा नीति में कौशल एवं प्रौद्योगिकी शिक्षा पर बल दिया गया है। अब शिक्षण संस्थानों में प्रौद्योगिकी शिक्षा के लिए दो तिहाई समय तय किया गया है। बच्चों को जो डिग्री और डिप्लोमा दिए गए हैं, वे जीवन के हर क्षण में उनके उनके सच्चे साथी साबित होंगे। जीवन की परिस्थितियों में निर्वाहन करने में संतुलन प्रदान करेंगे। भारत को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए एक वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने तथा ज्ञान व अनुशासन के बल पर आगे बढ़ाना होगा। कौशल शिक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शोध अब प्रयोगशालाओं से जनसामान्य तक पहुंचना शुरू हो गया है। यही शोध हमें तकनीकी रूप से मजबूत एवं सक्षम बनाएगा।
विज्ञापन
वहीं, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि रोजगार प्राप्त करने के लिए कौशल दक्षता जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन स्पष्ट है कि युवाओं को कौशल दक्षता के प्रति जागरूक किया जाए और उन्हें दक्ष बनाकर रोजगार व व्यवसाय से जोड़ा जाए। इस यूनिवर्सिटी की स्थापना से इस क्षेत्र के बच्चों को बहुत अधिक लाभ मिलेगा। यहां से दक्ष होकर बच्चे विभिन्न क्षेत्रों में देश-प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
विज्ञापन
समारोह को विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू
इस अवसर पर हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम के चेयरमैन जगदीश नायर, हरियाणा भंडारण निगम के चेयरमैन नयनपाल रावत, उपायुक्त कृष्ण कुमार, पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत, एसडीएम होडल वकील अहमद, नगराधीश अंकिता अधिकारी, विश्वविद्यालय के कुलसचिव रणधीर सिंह राठौर, उप कुलसचिव परीक्षा विभाग चंचल भारद्वाज, जिला भाजपा अध्यक्ष चरण सिंह तेवतिया उपस्थित थे।