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उपायुक्त कार्यालय पर आंगनवाडी कार्यकर्ताओं ने दिया धरना
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पलवल। आंगनबाड़ी वर्कर तथा हेल्परों द्वारा शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त कार्यालय पर धरना दिया। इस अवसर पर उन्होंने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान उर्मिला रावत ने की। संचालन कृष्णा देवी ने किया। इस अवसर पर सरकार ने आंगनबाड़ी व हेल्परों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने तथा सरकारी कर्मचारी घोषित न होने तक न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये देने की मांग की गई। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया तो बड़ा आंदोलन भी किया जाएगा।
धरने को संबोधित करते हुए जिला प्रधान उर्मिला रावत ने कहा कि 2018 में की गई घोषणाओं को लागू करते हुए महंगाई भत्ते की तमाम किस्त मानदेय में जोड़कर दी जाए। महंगाई भत्ते का बकाया एरियर भी तुरंत दिया जाए तथा हेल्पर के पदनाम को बदला जाए। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा बिना फोन व अन्य संसाधन दिए वर्कर्स पर ऑनलाइन काम का दबाव बनाना बंद किया जाए। प्रधानमंत्री द्वारा सितंबर 2018 में की गई वर्कर व हेल्पर की 1500 रुपए एवं 750 रुपये की बढ़ोतरी को एरियर समेत दिया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर के लिए सेवानिवृत्ति पालिसी लागू की जाए। सुपरवाइजर के रूप में पदोन्नति पर 50 प्रतिशत आरक्षण को तुरंत लागू किया जाए। दुर्घटना होने पर इलाज और मृत्यु होने पर अन्य विभागों की तर्ज पर तीन लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। उन्होंने मांग की कि आईसीडीएस में खाली पड़े हेल्पर वर्करों, सुपरवाइजर व सीडीपीओ आदि के तमाम पदों को भरा जाए, ताकि विभाग के काम का संचालन ठीक प्रकार से हो वर्कर्स और हेल्पर्स से आईसीडीएस की छह सेवाएं व पांच उद्देश्य से अलग कोई कार्य न लिया जाए। धरने को इस अवसर पर हेतराम पहलवान, भागीरथ बेनीवाल, रजनी, ऊषा, बाला ने भी संबोधित किया।
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धरने को संबोधित करते हुए जिला प्रधान उर्मिला रावत ने कहा कि 2018 में की गई घोषणाओं को लागू करते हुए महंगाई भत्ते की तमाम किस्त मानदेय में जोड़कर दी जाए। महंगाई भत्ते का बकाया एरियर भी तुरंत दिया जाए तथा हेल्पर के पदनाम को बदला जाए। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा बिना फोन व अन्य संसाधन दिए वर्कर्स पर ऑनलाइन काम का दबाव बनाना बंद किया जाए। प्रधानमंत्री द्वारा सितंबर 2018 में की गई वर्कर व हेल्पर की 1500 रुपए एवं 750 रुपये की बढ़ोतरी को एरियर समेत दिया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर के लिए सेवानिवृत्ति पालिसी लागू की जाए। सुपरवाइजर के रूप में पदोन्नति पर 50 प्रतिशत आरक्षण को तुरंत लागू किया जाए। दुर्घटना होने पर इलाज और मृत्यु होने पर अन्य विभागों की तर्ज पर तीन लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। उन्होंने मांग की कि आईसीडीएस में खाली पड़े हेल्पर वर्करों, सुपरवाइजर व सीडीपीओ आदि के तमाम पदों को भरा जाए, ताकि विभाग के काम का संचालन ठीक प्रकार से हो वर्कर्स और हेल्पर्स से आईसीडीएस की छह सेवाएं व पांच उद्देश्य से अलग कोई कार्य न लिया जाए। धरने को इस अवसर पर हेतराम पहलवान, भागीरथ बेनीवाल, रजनी, ऊषा, बाला ने भी संबोधित किया।
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