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अवैध कालोनियों के बाद अब राजमार्ग के ढाबों पर होगी कार्रवाई
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पलवल। जिले में अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ जिला नगर योजनाकार विभाग द्वारा चलाया जा रहा पीला पंजा अब दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर स्थित ढाबों व होटलों पर भी चल सकता है। जिला नगर योजनाकार अधिकारी ने राजमार्ग पर स्थित ढाबा संचालकों को नोटिस जारी कर उनको नियमित करा लाइसेंस लेने को कहा है। सात दिन में यदि ढाबा संचालकों द्वारा ढाबों के लिए संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिए तो नगर योजनाकार विभाग ढाबों पर पीला पंजा चलाकर कार्रवाई करेगा। इसके अलावा जिले में अवैध प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ एक-दो दिन में संबंधित पुलिस थानों में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
दरअसल, जिले में प्रापर्टी डीलरों द्वारा पिछले लंबे समय से अवैध प्लाटिंग की जा रही है। खेतों में दो से तीन एकड़ जमीन में अवैध रूप से प्लाटिंग करने का धंधा यहां जोरों पर चल रहा था। राजनीतिक संरक्षण में चल रहे अवैध प्लाटिंग करने के धंधे में गरीब लोगों को सस्ते प्लाट देने के नाम पर लूटा जा रहा था। उन काटी जा रही कालोनियों में न तो सड़के बनाई जा रही थीं, न ही सीवरेज, पानी निकासी के इंतजाम और न ही बिजली व्यवस्था थी। कुछ राजनेताओं का संरक्षण लेकर अधिकारियों की मिलीभगत से इन अवैध कालोनियों की रजिस्ट्रियां भी कर दी गईं। पिछले दिनों जैसे ही उपायुक्त नरेश नरवाल ने पलवल में कार्यभार संभाला तो उन्होंने अवैध कालोनियों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया। उनके आदेश मिलते ही जिला नगर योजनाकार विभाग ने जिले में अवैध कालोनियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
जिला नगर योजना अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि पलवल जिले में अब तक करीब तीन दर्जन कालोनियों में तोड़फोड़ की जा चुकी है तथा आए दिन तोड़फोड़ की जा रही है। अवैध कालोनियों की सूची तैयार कर ली गई है तथा उन्हें काटने वाले प्रापर्टी डीलरों के खिलाफ एक-दो दिन में पुलिस थानों में मुकदमा दर्ज करा दिए जाएंगे। इसके अलावा जिले में काटी जा रही 78 अवैध कालोनियों की सूची तहसील कार्यालयों पर लगा दी गई है, ताकि गरीब लोग उनमें न फंसे। उन कालोनियों की रजिस्ट्रियों पर भी उपायुक्त के निर्देश के अनुसार रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि अब राजमार्ग पर बने ढाबों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनके पास अनापत्ति प्रमाण पत्र न होने पर उनको तोड़ा जाएगा। उसके लिए ढाबा संचालकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों के नेताओं से भी अपील की जा रही है कि वे लोगों को जागरूक करें कि अवैध कालोनियों में प्लाट न खरीदें।
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दरअसल, जिले में प्रापर्टी डीलरों द्वारा पिछले लंबे समय से अवैध प्लाटिंग की जा रही है। खेतों में दो से तीन एकड़ जमीन में अवैध रूप से प्लाटिंग करने का धंधा यहां जोरों पर चल रहा था। राजनीतिक संरक्षण में चल रहे अवैध प्लाटिंग करने के धंधे में गरीब लोगों को सस्ते प्लाट देने के नाम पर लूटा जा रहा था। उन काटी जा रही कालोनियों में न तो सड़के बनाई जा रही थीं, न ही सीवरेज, पानी निकासी के इंतजाम और न ही बिजली व्यवस्था थी। कुछ राजनेताओं का संरक्षण लेकर अधिकारियों की मिलीभगत से इन अवैध कालोनियों की रजिस्ट्रियां भी कर दी गईं। पिछले दिनों जैसे ही उपायुक्त नरेश नरवाल ने पलवल में कार्यभार संभाला तो उन्होंने अवैध कालोनियों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया। उनके आदेश मिलते ही जिला नगर योजनाकार विभाग ने जिले में अवैध कालोनियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
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जिला नगर योजना अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि पलवल जिले में अब तक करीब तीन दर्जन कालोनियों में तोड़फोड़ की जा चुकी है तथा आए दिन तोड़फोड़ की जा रही है। अवैध कालोनियों की सूची तैयार कर ली गई है तथा उन्हें काटने वाले प्रापर्टी डीलरों के खिलाफ एक-दो दिन में पुलिस थानों में मुकदमा दर्ज करा दिए जाएंगे। इसके अलावा जिले में काटी जा रही 78 अवैध कालोनियों की सूची तहसील कार्यालयों पर लगा दी गई है, ताकि गरीब लोग उनमें न फंसे। उन कालोनियों की रजिस्ट्रियों पर भी उपायुक्त के निर्देश के अनुसार रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि अब राजमार्ग पर बने ढाबों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनके पास अनापत्ति प्रमाण पत्र न होने पर उनको तोड़ा जाएगा। उसके लिए ढाबा संचालकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों के नेताओं से भी अपील की जा रही है कि वे लोगों को जागरूक करें कि अवैध कालोनियों में प्लाट न खरीदें।
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