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फूलों से सजाया कान्हा का द्वार
Palwal
Updated Sat, 11 Aug 2012 12:00 PM IST
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पलवल/हथीन। जन्माष्टमी का पर्व पलवल शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मंदिरों को फूलों और इलेक्ट्रिक लाइटों से सजाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही मंदिरों में भारी भीड़ लगी रही। भक्तों ने व्रत रखे और दोपहर को फलाहार लिया। मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शनों के लिए तरह-तरह की झांकियां सजाई हुई थीं।
जन्माष्टमी का पर्व पलवल शहर व आसपास के क्षेत्र होडल, हथीन, हसनपुर, मंडकौला, धतीर, चांदहट, दिघोट आदि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर सुबह से ही मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। शहर के जंगेश्वर मंदिर, पंचवटी मंदिर, हुडा चौक मंदिर, अनाज मंडी मंदिर, खोटा मंदिर, बस स्टैंड स्थित मंदिर, दाऊ जी मंदिर, भवन कुंड मंदिर, घुघेरा का मौनी बाबा मंदिर, अलावलपुर चौक, हथीन के सत्यनारायण मंदिर, श्रीराम मंदिर, कुटी मंदिर, सुभाष चौक स्थित मंदिर समेत अन्य मंदिरों पर सुबह से ही भगवान कृष्ण एवं राधारानी की पूजा अर्चना के लिए लोगों की भारी भीड़ लगी रही। इसके लिए लोगों को घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस अवसर पर लोगों ने मंदिरों में फल, मिठाई, फूल आदि चढ़ाए।
शाम होते ही मंदिरों को फूल मालाओं, लड़ियों और लाइटों आदि से सजाया गया। भगवान कृष्ण-राधा की मूर्तीयों का विशेष श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर मंदिरों में महिलाओं एवं पुरुषों ने भजन, कीर्तन किए। जन्माष्टमी पर्व पर मंदिरों में भगवान कृष्ण, राधा, बलदाऊ, सुदामा, कंस-जरासंध वध आदि की झांकियां भी सजाई र्गइं। श्रीकृष्ण जन्म स्थल मथुरा होने के कारण जिले से सैकड़ों की संख्या में भक्त जन्म भूमि के दर्शन करने के लिए मथुरा, वृंदावन, गोकुल, बरसाना व नंदगाव आदि में बने मंदिरों में दर्शन के लिए गए।
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जन्माष्टमी का पर्व पलवल शहर व आसपास के क्षेत्र होडल, हथीन, हसनपुर, मंडकौला, धतीर, चांदहट, दिघोट आदि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर सुबह से ही मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। शहर के जंगेश्वर मंदिर, पंचवटी मंदिर, हुडा चौक मंदिर, अनाज मंडी मंदिर, खोटा मंदिर, बस स्टैंड स्थित मंदिर, दाऊ जी मंदिर, भवन कुंड मंदिर, घुघेरा का मौनी बाबा मंदिर, अलावलपुर चौक, हथीन के सत्यनारायण मंदिर, श्रीराम मंदिर, कुटी मंदिर, सुभाष चौक स्थित मंदिर समेत अन्य मंदिरों पर सुबह से ही भगवान कृष्ण एवं राधारानी की पूजा अर्चना के लिए लोगों की भारी भीड़ लगी रही। इसके लिए लोगों को घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस अवसर पर लोगों ने मंदिरों में फल, मिठाई, फूल आदि चढ़ाए।
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शाम होते ही मंदिरों को फूल मालाओं, लड़ियों और लाइटों आदि से सजाया गया। भगवान कृष्ण-राधा की मूर्तीयों का विशेष श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर मंदिरों में महिलाओं एवं पुरुषों ने भजन, कीर्तन किए। जन्माष्टमी पर्व पर मंदिरों में भगवान कृष्ण, राधा, बलदाऊ, सुदामा, कंस-जरासंध वध आदि की झांकियां भी सजाई र्गइं। श्रीकृष्ण जन्म स्थल मथुरा होने के कारण जिले से सैकड़ों की संख्या में भक्त जन्म भूमि के दर्शन करने के लिए मथुरा, वृंदावन, गोकुल, बरसाना व नंदगाव आदि में बने मंदिरों में दर्शन के लिए गए।
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