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पारिवारिक कलह, रिश्तों में दरार एसिड हमलों के मुख्य कारक
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पारिवारिक कलह, रिश्तों में दरार एसिड हमलों के मुख्य कारक
पलवल। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार वर्मा व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव डॉ कविता कांबोज के निर्देशानुसार एसिड पीड़िताओं के संरक्षण हेतु अभियान लिविंग इन द शैडो के अंतर्गत गांव भेंडोली हसनपुर के वृद्ध आश्रम में बुधवार को विशेष कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पैनल अधिवक्ता जगत सिंह रावत व उर्मिला पैराविधिक स्वयंसेविका द्वारा लोगों को जागरूक किया गया।
जगत सिंह रावत ने ग्रामीणों को एसिड पीड़िता को कानूनी सेवाएं नालसा योजना के बारे में जागरूक किया। उन्होंने एसिड हमले से जुड़े भारतीय दंड संहिता के कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसिड से हमला कानूनी अपराध है, जिसमें 5 साल से उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। पारिवारिक कलह, घरेलू हिंसा, रिश्तों में दरार, भूमि और वित्तीय विवाद, अभद्र व्यवहार, प्रतिशोधिता एवं सामाजिक ईर्ष्या, संदेह एवं बेवफाई, चोरी और डकैती, यौन अपराध आदि तथ्य एसिड हमले के मुख्य कारण हैं। एसिड हमले से पीड़ित को शारीरिक , मानसिक, चिकित्सीय व सामाजिक रूप से दुष्परिणामों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा उन्होंने एसिड हमले की पीड़िता, सड़क दुर्घटना पीड़ित, यौन पीड़िता, राहत कर्ताओं संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के विशेष निर्देशों के बारे में भी जानकारी प्रदान की। उन्होंने ग्रामीणों को नियम कानूनों का पालन करने व नशाखोरी को छोड़ने व उसका विरोध करने के लिए भी प्रेरित किया। ग्रामीणों को एसिड पीड़िताओं से जुड़े पहलुओं, दीवानी, फौजदारी, राजस्व, प्रशासनिक मामलों, जन कल्याणकारी योजनाओं संबंधित विभिन्न मामलों में कानूनी सलाह मुफ्त प्रदान की गई । शिविर में सरपंच उर्मिला व मान सिंह, जगत सिंह, जवाहर सिंह, सुरेश पंच, प्रताप, रघुवीर चौकीदार सहित अन्य गणमान्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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पलवल। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार वर्मा व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव डॉ कविता कांबोज के निर्देशानुसार एसिड पीड़िताओं के संरक्षण हेतु अभियान लिविंग इन द शैडो के अंतर्गत गांव भेंडोली हसनपुर के वृद्ध आश्रम में बुधवार को विशेष कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पैनल अधिवक्ता जगत सिंह रावत व उर्मिला पैराविधिक स्वयंसेविका द्वारा लोगों को जागरूक किया गया।
जगत सिंह रावत ने ग्रामीणों को एसिड पीड़िता को कानूनी सेवाएं नालसा योजना के बारे में जागरूक किया। उन्होंने एसिड हमले से जुड़े भारतीय दंड संहिता के कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसिड से हमला कानूनी अपराध है, जिसमें 5 साल से उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। पारिवारिक कलह, घरेलू हिंसा, रिश्तों में दरार, भूमि और वित्तीय विवाद, अभद्र व्यवहार, प्रतिशोधिता एवं सामाजिक ईर्ष्या, संदेह एवं बेवफाई, चोरी और डकैती, यौन अपराध आदि तथ्य एसिड हमले के मुख्य कारण हैं। एसिड हमले से पीड़ित को शारीरिक , मानसिक, चिकित्सीय व सामाजिक रूप से दुष्परिणामों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा उन्होंने एसिड हमले की पीड़िता, सड़क दुर्घटना पीड़ित, यौन पीड़िता, राहत कर्ताओं संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के विशेष निर्देशों के बारे में भी जानकारी प्रदान की। उन्होंने ग्रामीणों को नियम कानूनों का पालन करने व नशाखोरी को छोड़ने व उसका विरोध करने के लिए भी प्रेरित किया। ग्रामीणों को एसिड पीड़िताओं से जुड़े पहलुओं, दीवानी, फौजदारी, राजस्व, प्रशासनिक मामलों, जन कल्याणकारी योजनाओं संबंधित विभिन्न मामलों में कानूनी सलाह मुफ्त प्रदान की गई । शिविर में सरपंच उर्मिला व मान सिंह, जगत सिंह, जवाहर सिंह, सुरेश पंच, प्रताप, रघुवीर चौकीदार सहित अन्य गणमान्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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