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संदिग्ध हालात में मां-बेटी की मौत
जींद/ब्यूरो
Updated Wed, 09 Oct 2013 10:18 PM IST
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हरियाणा के जिला जींद के गांव भूरायण में मंगलवार रात संदिग्ध हालात में मां-बेटी की मौत हो गई। डीएसपी सफीदों वीरेंद्र सिंह, पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का मुआयना किया।
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि मां-बेटी की हत्या षड्यंत्र के तहत की गई है, जबकि सुसराल पक्ष दोनों की मौत को सामान्य बता रहा है।
इसे लेकर दोनों पक्षों में दिनभर पंचायत चलती रही। पुलिस ने मृतका की मां की शिकायत पर पति के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया है।
गांव भूरायण निवासी रविंद्र की पत्नी सुषमा (25) और उसकी अढ़ाई वर्षीय बेटी मन्नू की मंगलवार रात को संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
मन्नू का शव चौबारे में चारपाई पर था, जबकि सुषमा का शव नीचे कमरे में दीवार के साथ था। घटना की सूचना पाकर मृतका की मां गांव सींक पानीपत निवासी शांति देवी अपने अन्य परिजनों के साथ गांव भूरायण पहुंची।
मां शांति देवी ने बताया कि सुषमा की शादी पांच वर्ष पहले गांव भूरायण निवासी रविंद्र के साथ हुई थी। उन्होंने दो एकड़ जमीन भी सुषमा के नाम करवा दी थी, लेकिन सुसरालीजन उसे तंग कर रहे थे।
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सामान्य अस्पताल में बुधवार को दिनभर गांव सींक और भूरायण के गणमान्यों की पंचायत का दौर चलता रहा।
सुसराल पक्ष का कहना था कि सुषमा बीमार थी, जबकि मन्नू को खांसी के चलते मंगलवार रात दवाई दी गई थी। गांव भूरायण की पंचायत के फैसले पर आखिरकार मायका पक्ष के लोग पोस्टमार्टम कराने को तैयार हो गए।
शव को लेकर हुई खींचतान
मृतक मां-बेटी के शव को लेकर सुसराल पक्ष तथा मायका पक्ष के बीच खींचतान हुई। मायका पक्ष शवों को अपने साथ ले जाकर गांव सींक में अंतिम संस्कार करना चाहता था, जबकि भूरायण की पंचायत मां-बेटी के शव का संस्कार गांव भूरायण में करना चाहती थी। पोस्टमार्टम के बाद लगभग एक घंटे की जद्दोजहद के बाद सुसराल पक्ष को शव देने पर सहमति बनी।
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मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि मां-बेटी की हत्या षड्यंत्र के तहत की गई है, जबकि सुसराल पक्ष दोनों की मौत को सामान्य बता रहा है।
इसे लेकर दोनों पक्षों में दिनभर पंचायत चलती रही। पुलिस ने मृतका की मां की शिकायत पर पति के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया है।
गांव भूरायण निवासी रविंद्र की पत्नी सुषमा (25) और उसकी अढ़ाई वर्षीय बेटी मन्नू की मंगलवार रात को संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
मन्नू का शव चौबारे में चारपाई पर था, जबकि सुषमा का शव नीचे कमरे में दीवार के साथ था। घटना की सूचना पाकर मृतका की मां गांव सींक पानीपत निवासी शांति देवी अपने अन्य परिजनों के साथ गांव भूरायण पहुंची।
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मां शांति देवी ने बताया कि सुषमा की शादी पांच वर्ष पहले गांव भूरायण निवासी रविंद्र के साथ हुई थी। उन्होंने दो एकड़ जमीन भी सुषमा के नाम करवा दी थी, लेकिन सुसरालीजन उसे तंग कर रहे थे।
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सामान्य अस्पताल में बुधवार को दिनभर गांव सींक और भूरायण के गणमान्यों की पंचायत का दौर चलता रहा।
सुसराल पक्ष का कहना था कि सुषमा बीमार थी, जबकि मन्नू को खांसी के चलते मंगलवार रात दवाई दी गई थी। गांव भूरायण की पंचायत के फैसले पर आखिरकार मायका पक्ष के लोग पोस्टमार्टम कराने को तैयार हो गए।
शव को लेकर हुई खींचतान
मृतक मां-बेटी के शव को लेकर सुसराल पक्ष तथा मायका पक्ष के बीच खींचतान हुई। मायका पक्ष शवों को अपने साथ ले जाकर गांव सींक में अंतिम संस्कार करना चाहता था, जबकि भूरायण की पंचायत मां-बेटी के शव का संस्कार गांव भूरायण में करना चाहती थी। पोस्टमार्टम के बाद लगभग एक घंटे की जद्दोजहद के बाद सुसराल पक्ष को शव देने पर सहमति बनी।