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यूनिवर्सिटी के आउटसोर्सिंग कर्मियों के आए अच्छे दिन
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Fri, 18 Nov 2016 12:35 AM IST
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कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (केयू) में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए राहत भरी खबर है। इन कर्मचारियों को अब ठेकेदारों तय रेट नहीं बल्कि डीसी रेट के आधार पर वेतन दिया जाएगा। इस संबंध में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बुधवार को ही नोटिफिकेशन सभी विभागों में भेज दिया है। इस आदेश के बाद आउट सोर्सिंग पर लगे कर्मचारियों को पद के आधार पर बढ़ा वेतन मिलेगा। नई रेट के तहत मिलने वाला वेतन 1 अक्टूबर से प्रभावी किया गया है।
केयू प्रशासन ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन बढ़ा दिया है। केयू ने ऑउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए तय किए गए पुराने ठेकेदारी वेतन को रद्द करके डीसी रेट देने का फैसला किया है। प्रदेश सरकार द्वारा सभी सरकारी संस्थानों में ठेके पर काम करने वाले को न्यूनतम डीसी रेट लागू करने के निर्देश जारी किए थे, जिसके चलते केयू ने 16 नवंबर को पत्र संख्या ईएन-10/16/6अ949-7048 के तहत सभी विभागों को अधिसूचना जारी कर दी। आउटसोर्सिंग कर्मियों का बढ़ा वेतन 1 अक्तूबर 2016 से प्रभावी माना जाएगा। गौरतलब है कि पहले ठेका नीति के तहत तृतीय श्रेणी कर्मचारी को 9900 और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 8100 रुपये मिलते थे। नए आदेश के बाद अब तृतीय श्रेणी कर्मियों को 13,746 और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को 11,424 रुपये मिलेंगे। यानि तृतीय श्रेणी कर्मियों को 3846 और चतुर्थ को 3324 रुपये हर माह बढ़ी अतिरिक्त राशि के साथ मिलेंगे।
आउटसोर्सिंग के 900 कर्मी होंगे लाभान्वित
आउटसोर्सिंग कर्मी पिछले लंबे समय से डीसी रेट लागू करने की मांग कर रहे थे। कुंटिया की तरफ से भी समय-समय पर इन कर्मियों का वेतन बढ़ाने की पैरवी की जाती रही। केयू में करीब 900 कर्मी आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कर रहे हैं, जोकि प्रशासन के इस फैसले से गदगद हैं।
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केयू प्रशासन का फैसला सराहनीय : प्रधान रामकुमार
कुंटिया प्रधान रामकुमार गुर्जर ने कहा कि केयू प्रशासन ने आउटसोर्सिंग कर्मियों के हित में अच्छा फैसला लिया है। ये कर्मी काफी लंबे समय से वेतन बढ़ाने के लिए डीसी रेट की मांग कर रहे थे। कुंटिया ने भी आउटसोर्सिंग कर्मियों की मांग को केयू प्रशासन के सामने रखा था। अब डीसी रेट लागू कर वेतन बढ़ोत्तरी का जो फैसला लिया गया है, यह काफी सराहनीय है। इससे निश्चित तौर पर कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ प्रवीण सैनी ने बताया कि बढ़ा वेतन 1 अक्टूबर से प्रभावी किया गया है। इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।
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केयू प्रशासन ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन बढ़ा दिया है। केयू ने ऑउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए तय किए गए पुराने ठेकेदारी वेतन को रद्द करके डीसी रेट देने का फैसला किया है। प्रदेश सरकार द्वारा सभी सरकारी संस्थानों में ठेके पर काम करने वाले को न्यूनतम डीसी रेट लागू करने के निर्देश जारी किए थे, जिसके चलते केयू ने 16 नवंबर को पत्र संख्या ईएन-10/16/6अ949-7048 के तहत सभी विभागों को अधिसूचना जारी कर दी। आउटसोर्सिंग कर्मियों का बढ़ा वेतन 1 अक्तूबर 2016 से प्रभावी माना जाएगा। गौरतलब है कि पहले ठेका नीति के तहत तृतीय श्रेणी कर्मचारी को 9900 और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 8100 रुपये मिलते थे। नए आदेश के बाद अब तृतीय श्रेणी कर्मियों को 13,746 और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को 11,424 रुपये मिलेंगे। यानि तृतीय श्रेणी कर्मियों को 3846 और चतुर्थ को 3324 रुपये हर माह बढ़ी अतिरिक्त राशि के साथ मिलेंगे।
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आउटसोर्सिंग के 900 कर्मी होंगे लाभान्वित
आउटसोर्सिंग कर्मी पिछले लंबे समय से डीसी रेट लागू करने की मांग कर रहे थे। कुंटिया की तरफ से भी समय-समय पर इन कर्मियों का वेतन बढ़ाने की पैरवी की जाती रही। केयू में करीब 900 कर्मी आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कर रहे हैं, जोकि प्रशासन के इस फैसले से गदगद हैं।
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केयू प्रशासन का फैसला सराहनीय : प्रधान रामकुमार
कुंटिया प्रधान रामकुमार गुर्जर ने कहा कि केयू प्रशासन ने आउटसोर्सिंग कर्मियों के हित में अच्छा फैसला लिया है। ये कर्मी काफी लंबे समय से वेतन बढ़ाने के लिए डीसी रेट की मांग कर रहे थे। कुंटिया ने भी आउटसोर्सिंग कर्मियों की मांग को केयू प्रशासन के सामने रखा था। अब डीसी रेट लागू कर वेतन बढ़ोत्तरी का जो फैसला लिया गया है, यह काफी सराहनीय है। इससे निश्चित तौर पर कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ प्रवीण सैनी ने बताया कि बढ़ा वेतन 1 अक्टूबर से प्रभावी किया गया है। इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।