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Kurukshetra News: ब्रह्मसरोवर तट पर रहा मेले जैसा माहौल
Tue, 09 Apr 2024 03:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 09 Apr 2024 03:53 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सोमवती अमावस्या पर सोमवार की सुबह पवित्र ब्रह्मसरोवर में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और पूजा अर्चना भी की। पिहोवा में चैत्र चौदस मेला होने और सोमवती अमावस्या होने के चलते दूसरे राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु सुखद संयोग में भागीदार बनने के लिए उमड़ पड़े। शहर के धार्मिक और सामाजिक संस्थानों से जुड़े लोग भी ब्रह्मसरोवर पर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रयास करते दिखाई दिए।
दुर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्नान करने के बाद दान किया और पितरों की शांति के लिए तर्पण भी किया, जिससे ब्रह्मसरोवर के आसपास मेले जैसा माहौल बना रहा। सोमवती अमावस्या पर स्नान, दान और तर्पण करने का विशेष महत्व माना जाता है।
सोमवती अमावस्या के चलते बस अड्डे से लेकर रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर अलग से टिकट काउंटर की व्यवस्था भी की गई थी। वहीं यात्रियों की भीड़ के चलते ऑटो रिक्शा चालकों की चांदी बनी रही। मेले में श्रद्धालुओं ने जमकर सामान खरीदा, जिसके चलते दुकानदारों के चेहरे पर भी रौनक बनी रही।
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सोमवती अमावस्या भगवान शिव को समर्पित : प्रेम कुमार
पंडित प्रेम कुमार शर्मा कहना है कि सोमवती अमावस्या पर शिव योग बना है, क्योंकि सोमवार का दिन भी भगवान शिव को समर्पित होता है। इसलिए इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। सोमवती अमावस्या के दिन दूध बने व्यंजनों का दान करने से विशेष लाभ मिलता है। पितरों की शांति के लिए दूध से बनी खीर का दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं।
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कुरुक्षेत्र। सोमवती अमावस्या पर सोमवार की सुबह पवित्र ब्रह्मसरोवर में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और पूजा अर्चना भी की। पिहोवा में चैत्र चौदस मेला होने और सोमवती अमावस्या होने के चलते दूसरे राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु सुखद संयोग में भागीदार बनने के लिए उमड़ पड़े। शहर के धार्मिक और सामाजिक संस्थानों से जुड़े लोग भी ब्रह्मसरोवर पर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रयास करते दिखाई दिए।
दुर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्नान करने के बाद दान किया और पितरों की शांति के लिए तर्पण भी किया, जिससे ब्रह्मसरोवर के आसपास मेले जैसा माहौल बना रहा। सोमवती अमावस्या पर स्नान, दान और तर्पण करने का विशेष महत्व माना जाता है।
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सोमवती अमावस्या के चलते बस अड्डे से लेकर रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर अलग से टिकट काउंटर की व्यवस्था भी की गई थी। वहीं यात्रियों की भीड़ के चलते ऑटो रिक्शा चालकों की चांदी बनी रही। मेले में श्रद्धालुओं ने जमकर सामान खरीदा, जिसके चलते दुकानदारों के चेहरे पर भी रौनक बनी रही।
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सोमवती अमावस्या भगवान शिव को समर्पित : प्रेम कुमार
पंडित प्रेम कुमार शर्मा कहना है कि सोमवती अमावस्या पर शिव योग बना है, क्योंकि सोमवार का दिन भी भगवान शिव को समर्पित होता है। इसलिए इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। सोमवती अमावस्या के दिन दूध बने व्यंजनों का दान करने से विशेष लाभ मिलता है। पितरों की शांति के लिए दूध से बनी खीर का दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं।