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Kurukshetra News: डिपोर्ट हुए युवाओं के कानों में अभी भी डॉलरों की खनन की गूंज

Thu, 30 Oct 2025 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Thu, 30 Oct 2025 12:33 AM IST
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The echo of dollar mining still lingers in the ears of deported youth.
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। अमेरिका से डिपोर्ट हो चुके अनेक युवाओं के कानों में अभी भी डॉलरों की खनन की गूंज है। लाखों की रकम गंवाने और धोखाधड़ी का शिकार होने के बावजूद ये युवा दोबारा विदेश जाने के सपने संजो रहे हैं। कई एजेंट भी उन्हें फिर से सपने दिखाने में लगे हैं। यही कारण माना जा रहा है कि एजेंटों के खिलाफ पीड़ित युवा शिकायत दर्ज कराने को तैयार नहीं हैं। शनिवार को ही डिपोर्ट हुए पांच युवाओं में से भी फिलहाल किसी ने शिकायत दर्ज नहीं करवाई है जबकि पहले भी डिपोर्ट हुए करीब 20 में से कई युवाओं की तरफ से भी कार्रवाई नहीं करवाई गई थी।


वहीं पुलिस अमेरिका से लौटे इन युवाओं के घर दस्तक देने के लिए चार दिन बाद भी शेड्यूल नहीं बना पाई है। जांच में शिकायत न मिलने से पुलिस को एजेंटों पर कार्रवाई करने में देरी हो रही है। युवा अभी भी एजेंटों के झांसे में फंसे हुए हैं और खुलकर सामने आने से हिचकिचा रहे हैं।
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सोमवार को पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने इन युवाओं और उनके परिजनों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। उन्होंने युवाओं को विश्वास में लेने और एजेंटों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया। एसपी ने आश्वासन दिया कि पुलिस टीम घर-घर जाकर युवाओं को मनाएगी, ताकि ठगी के शिकार परिवारों को न्याय मिल सके।
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रविवार को भी एसपी ने इन युवाओं के साथ करीब एक घंटे तक मंथन किया। चर्चा में एजेंटों की धोखाधड़ी और डिपोर्टेशन की पीड़ा पर फोकस रहा लेकिन युवाओं ने कोई लिखित शिकायत देने से इन्कार कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, युवा एजेंटों के डर या पैसे लौटाने के झूठे वादों से प्रभावित हैं जिससे वे शिकायत करने से बच रहे हैं।


एसपी नीतीश अग्रवाल ने कहा कि हम युवाओं को समझाएंगे कि शिकायत दर्ज कराने से एजेंटों पर कार्रवाई हो सकती है। जांच अधिकारियों का कहना है कि बिना शिकायत के मामला दर्ज करना मुश्किल है जिससे एजेंटों पर शिकंजा कसने में बाधा आ रही है।
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