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स्वास्थ्य कर्मचारी 27 से तीन दिन की हड़ताल पर
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अपनी मांगों के समर्थन में जिले के करीब 500 एनएचएम कर्मचारी तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए हैं। जिस कारण स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। एलएनजेपी अस्पताल में कर्मचारियों ने सुबह 10 बजे एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सीएमओ को मांगों के समर्थन में एक ज्ञापन सौंपा।
हड़ताल की अध्यक्षता स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष सुमित शर्मा ने की। राज्य कोषाध्यक्ष मान पंकज आत्रेय एवं जिलाध्यक्ष डॉ सुमित शर्मा ने बताया कि एक दिन पहले राज्य कमेटी के आह्वान पर सरकार द्वारा एनएचएम कर्मचारियों की मांगें न माने जाने के कारण इस कदम को उठाने का निर्णय लिया गया है। कोरोना के तीन चरणों में प्रदेशभर के ज्यादातर कर्मचारी कोरोना से पीड़ित ही नहीं हुए बल्कि कुछ कर्मचारियों ने अपनी शहादत भी दी है, लेकिन फिर भी प्रदेश सरकार लगातार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। मुख्यमंत्री द्वारा छह माह पहले की गई सातवां वेतन देने की घोषणा की तो विभागीय अधिकारी अनदेखी कर ही रहे हैं, इसके अलावा सेवा नियमों को भी खत्म करने की मंशा पाल रखी है, जिस वजह से 27 जून को प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए हैं।
डॉ. सुमित ने कहा कि उनकी मुख्य मांगें सातवां वेतन आयोग का लाभ देने की घोषणा को पूरा करना, सर्विस नियम 2018 को बहाल रखना एवं उनमें संशोधन करना, नियमित कर्मचारियों की तरह अन्य सभी लाभ एवं 58 साल तक सेवा सुरक्षा देना आदि को सरकार जल्द से जल्द पूरा करना है। ये मांगें पूरी नहीं हुई तो कर्मचारियों को तीन दिन की हड़ताल के बाद मजबूरन आंदोलन को लंबा खींचना पड़ेगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी सरकार एवं विभाग की होगी। इस अवसर पर बिंदु राय, विकास, पंकज आत्रेय, बलवान, सुमित, जसपाल, परमजीत, सुखदेव, वैभव, निखिल, संजय, डॉ सरोज, राजिंदर कौर व नवनीत आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
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हड़ताल की अध्यक्षता स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष सुमित शर्मा ने की। राज्य कोषाध्यक्ष मान पंकज आत्रेय एवं जिलाध्यक्ष डॉ सुमित शर्मा ने बताया कि एक दिन पहले राज्य कमेटी के आह्वान पर सरकार द्वारा एनएचएम कर्मचारियों की मांगें न माने जाने के कारण इस कदम को उठाने का निर्णय लिया गया है। कोरोना के तीन चरणों में प्रदेशभर के ज्यादातर कर्मचारी कोरोना से पीड़ित ही नहीं हुए बल्कि कुछ कर्मचारियों ने अपनी शहादत भी दी है, लेकिन फिर भी प्रदेश सरकार लगातार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। मुख्यमंत्री द्वारा छह माह पहले की गई सातवां वेतन देने की घोषणा की तो विभागीय अधिकारी अनदेखी कर ही रहे हैं, इसके अलावा सेवा नियमों को भी खत्म करने की मंशा पाल रखी है, जिस वजह से 27 जून को प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए हैं।
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डॉ. सुमित ने कहा कि उनकी मुख्य मांगें सातवां वेतन आयोग का लाभ देने की घोषणा को पूरा करना, सर्विस नियम 2018 को बहाल रखना एवं उनमें संशोधन करना, नियमित कर्मचारियों की तरह अन्य सभी लाभ एवं 58 साल तक सेवा सुरक्षा देना आदि को सरकार जल्द से जल्द पूरा करना है। ये मांगें पूरी नहीं हुई तो कर्मचारियों को तीन दिन की हड़ताल के बाद मजबूरन आंदोलन को लंबा खींचना पड़ेगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी सरकार एवं विभाग की होगी। इस अवसर पर बिंदु राय, विकास, पंकज आत्रेय, बलवान, सुमित, जसपाल, परमजीत, सुखदेव, वैभव, निखिल, संजय, डॉ सरोज, राजिंदर कौर व नवनीत आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
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