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जातिवाद, भाईभतीजावाद व क्षेत्रवाद राजनीतिक अस्थिरता का मुख्य कारण : सैनी
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Fri, 24 Feb 2017 11:40 PM IST
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mp rajkumar saini
- फोटो : अमर उजाला
सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि जातिवाद, भाईभतीजावाद और क्षेत्रवाद राजनीतिक अस्थिरता का मुख्य कारण है और इसे दूर करने के लिए जाति की जनसंख्या के आधार पर 100 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर कोई भी नेता किसी भी जाति का हो तो वह अन्य किसी जाति का हक नहीं छीन पाएगा।
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उन्होंने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा, अभय चौटाला व बीजेपी के एक केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि वह पहले जाट हैं और बाद में नेता। सैनी ने कहा कि वह अपने राजनैतिक पदों से त्यागपत्र देें व जाटों के पक्ष में धरने पर बैठें। इसके बाद आने वाले चुनावों में इन नेताओं को पता चल जाएगा कि पहले किसी वोट मिले थे और अब कितने मिलते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के सम्मान व आश्वासन को नजरअंदाज करते हुए जिन लोगों ने यह तीसरा आंदोलन शुरू किया है उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए।
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सैनी कहा कि सरकार ने तांडव को शांत करने की कोशिश की लेकिन लोगों ने इसे सरकार की कमजोरी माना।
इसलिए सरकार को चाहिए कि वह समय रहते अपनी रणनीति में बदलाव लाए और कानून व व्यवस्था हाथ में लेने वाले लोगों से सख्ती से निपटा जाए। सैनी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अराजकता का माहौल इस प्रकार से पैदा कर दिया गया है कि जो यशपाल मलिक बोलेगा वही करना पड़ेगा, मानो वह सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट, प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री का आदेश हो। रोशन लाल आर्य द्वारा चंडीगढ़ में बनाई गई नई पार्टी में उनके लिए अध्यक्ष पद खाली छोड़े जाने की घोषणा पर सैनी ने कहा कि अभी उन्होंने उनके ब्यान को पूरी तरह नहीं पढ़ा है और इस बारे में वह शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर अपना पक्ष रखेंगे। इस दौरान केहर सैनी नंबरदार, कमल शर्मा, करनैल सरपंच हरिपुर, देवी दयाल सैनी डीग, राम कर्ण यारा, राम चंद्र सरपंच, बलविंद्र सरपंच, गगन सैनी सहित काफी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।
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