कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में रोस्ट्रम प्रतियोगिता के तीसरे चरण का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यातिथि डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. अनिल वशिष्ठ रहे। प्रतियोगिता में विधि विभाग की छात्रा उपासना पहले, सोनल दूसरे और जन्नत ने तीसरा स्थान हासिल किया तो वहीं सिया, वैष्णवी और अनादि ने सांत्वना पुरस्कार हासिल किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्वदेशी तकनीक द्वारा भारत का 2047 में विकास, शाकाहार द्वारा वैश्विक गर्मी में कमी, भारत की वास्तु विरासत, योग एवं ध्यान का महत्व एवं प्रभाव, भारतीय सभ्यता एवं मूल्यों जैसे विषयों पर अपने विचार प्रकट किए। प्रतियोगिता के परिणाम निर्णायक डॉ. संजित मिश्रा द्वारा घोषित किए गए और विद्यार्थियों को भविष्य में भाषण कला को सुधारने के लिए कुछ गुर भी बताए गए।
प्रो. वशिष्ठ ने कहा कि भाषण प्रतियोगिता न केवल उनकी प्रतियोगी दक्षता को निखारती है बल्कि उनके विभिन्न विषयों पर ज्ञान को भी बढ़ाती है। भाषा की जानकारी के साथ-साथ अपने संवाद में संवेदनाएं व भाव भी व्यक्त करना एक अच्छे वक्ता की पहचान है। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी ने कहा कि शब्दों के माध्यम से अपने संवाद को व्यक्त करने की जो कला प्रकृति ने मनुष्य को प्रदान की है वह उसे अन्य जीवों से भिन्न बनाती है। प्रो. विक्रम कौशिक ने प्रतिभागियों द्वारा की गई गलतियों को बताते हुए उन पर नियंत्रण पाने के तरीके बताए। इस मौके पर संयोजक प्रो. ओमवीर, संयोजिका डॉ. अर्चना चौधरी, प्रो. आशुतोष आंग्रिश, स्वीटी, डॉ. नीरज बातिश सहित अन्य शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।