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शारीरिक भाषा के बारे में दी जानकारी
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केयू के टूरिज्म विभाग में रिफ्रेशर कोर्स को संबोधित करती डॉ. मेघा गुप्ता। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। केयू के टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट विभाग में ट्रेनिंग प्लानिंग और मॉनिटरिंग सेल की ओर से चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए आयोजित रिफ्रेशर कोर्स के तीसरे दिन प्रथम सत्र के वक्ता डॉ. सुरजीत सिंह रहे। उन्होंने कार्यस्थल पर शारीरिक भाषा के बारे में बताया कि गैर मौखिक संचार भाषा को समझना बहुत ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कि शारीरिक भाषा का हमारे कार्य क्षेत्र के बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है , इसीलिए सही तरीके से बैठना उठना, अच्छे से बात करना और ध्यान लगाकर कार्य को समझना यह सब गैर शारीरिक भाषा का महत्वपूर्ण अंग है। अत: हमें जब भी बाहर से आए हुए लोगों से व्यवहार करना होता है तो शारीरिक भाषा अत्यधिक प्रभाव पड़ता है।
दूसरे सत्र की वक्ता डॉ. मेघा गुप्ता ने ऑफिस हाउस कीपिंग के बारे में बताया। उन्होंने कार्य क्षेत्रों को साफ सुथरा रखने के महत्व के बारे में बात की। उन्होंने कार्यालयों में अच्छी हाउस कीपिंग से होने वाले फायदों के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि एक अच्छी हाउसकीपिंग को बनाए रखने से उत्पादकता और दक्षता कैसे बढ़ा सकते हैं।
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उन्होंने कार्यस्थल पर व्यावसायिक सुरक्षा और खतरों के बारे में भी शिक्षित किया और उन्हें किसी भी भारी सामान को उठाने या कार्यालय का कोई भी काम करते समय सही शारीरिक मुद्रा के बारे में प्रशिक्षित किया। ट्रेनिंग प्लानिंग और मॉनिटरिंग सेल के नोडल ऑफिसर एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि इस कोर्स के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के दूसरे बैच में 35 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों की कार्यकुशलता एवं दक्षता को बढ़ाना है।
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कुरुक्षेत्र। केयू के टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट विभाग में ट्रेनिंग प्लानिंग और मॉनिटरिंग सेल की ओर से चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए आयोजित रिफ्रेशर कोर्स के तीसरे दिन प्रथम सत्र के वक्ता डॉ. सुरजीत सिंह रहे। उन्होंने कार्यस्थल पर शारीरिक भाषा के बारे में बताया कि गैर मौखिक संचार भाषा को समझना बहुत ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कि शारीरिक भाषा का हमारे कार्य क्षेत्र के बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है , इसीलिए सही तरीके से बैठना उठना, अच्छे से बात करना और ध्यान लगाकर कार्य को समझना यह सब गैर शारीरिक भाषा का महत्वपूर्ण अंग है। अत: हमें जब भी बाहर से आए हुए लोगों से व्यवहार करना होता है तो शारीरिक भाषा अत्यधिक प्रभाव पड़ता है।
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दूसरे सत्र की वक्ता डॉ. मेघा गुप्ता ने ऑफिस हाउस कीपिंग के बारे में बताया। उन्होंने कार्य क्षेत्रों को साफ सुथरा रखने के महत्व के बारे में बात की। उन्होंने कार्यालयों में अच्छी हाउस कीपिंग से होने वाले फायदों के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि एक अच्छी हाउसकीपिंग को बनाए रखने से उत्पादकता और दक्षता कैसे बढ़ा सकते हैं।
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उन्होंने कार्यस्थल पर व्यावसायिक सुरक्षा और खतरों के बारे में भी शिक्षित किया और उन्हें किसी भी भारी सामान को उठाने या कार्यालय का कोई भी काम करते समय सही शारीरिक मुद्रा के बारे में प्रशिक्षित किया। ट्रेनिंग प्लानिंग और मॉनिटरिंग सेल के नोडल ऑफिसर एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि इस कोर्स के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के दूसरे बैच में 35 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों की कार्यकुशलता एवं दक्षता को बढ़ाना है।