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Kurukshetra News: लिखित आश्वासन मिला, जिंदल चौक से हटे अतिथि अध्यापक
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कुरुक्षेत्र। भारी बारिश के बीच जिंदल चौक पर किसान, जवान और अतिथि अध्यापक डटे रहे, जिससे चौक जंतर मंतर में तब्दील हो गया। जिले में सुबह से ही मौसम खराब होने के बावजूद अतिथि अध्यापकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी। हालांकि रविवार सुबह डीएसपी निर्मल सिंह ने बातचीत के द्वारा एक बार फिर से अतिथि अध्यापकों को समझाने की कोशिश की थी, बावजूद इसके अध्यापक चौक पर ही डटे रहे थे। रविवार को दोपहर बाद सीएम कार्यालय की तरफ से एक बार फिर सात सदस्यीय कमेटी को मिलने के लिए बुलाया गया, जहां सीएम से मुलाकात का समय तय हुआ।
सीएम कार्यालय की तरफ से 12 अक्तूबर को शाम पांच बजे मिलने का समय तय किया, जिसके बाद सभी अतिथि अध्यापकों ने यहां से अपना पड़ाव स्थगित कर लिया है। उनका कहना है कि लघु सचिवालय में उनका धरना लगातार जारी रहेगा। हालांकि, रविवार को अतिथि अध्यापकों को समर्थन देने के लिए किसान यूनियन उगराहां, भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट, ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन, अखिल भारतीय किसान सभा और शहीद भगत सिंह किसान सभा समर्थन में पहुंचीं थी। शनिवार को अपने पड़ाव के दौरान अतिथि अध्यापकों पर पुलिस के द्वारा बल प्रयोग कर पानी की बौछारों का प्रयोग किया गया था। इस दौरान एक अध्यापक घायल हो गए थे, जबकि एक पानी की बौछार लगने से बेहोश हो गए थे।
सीएम नायब सैनी से मिलेगी सात सदस्यीय कमेटी
रविवार को प्रशासन और सीएम कार्यालय की तरफ से दोबारा वार्ता का दौर चला, जिसमें अध्यापकों को मिलने का समय दिया गया। मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के प्रधान दिनेश यादव, महासचिव भूपेंद्र सिंह, महिला विंग की राज्य प्रधान पूनम कुमारी, अशोक शास्त्री, प्रभु सिंह, कृष्ण नैन और राज्य वरिष्ठ उपप्रधान मुकेश रानी शामिल होंगे। प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांगें रखेगा।
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चौक से उठाया धरना, लघु सचिवालय में जारी रहेगा
राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के प्रधान दिनेश यादव का कहना है कि लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने चौक से अपना पड़ाव उठा लिया है। वे करीब 24 घंटे से अधिक समय तक यहां डटे रहे। अगर उन्हें मुलाकात का समय नहीं मिलता तो वे यहां लंबे समय तक बैठने के लिए तैयार थे। अब समय मिलने के बाद मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांगें रखकर आगे की प्रक्रिया पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लघु सचिवालय में धरना जारी रहेगा।
करीब 36 घंटे तक यातायात रहा प्रभावित
अतिथि अध्यापकों के घेराव को लेकर पुलिस प्रशासन ने शहर के बीच से गुजरने वाले मार्ग पर जिला एवं सत्र न्यायालय के पास चौक पर बैरिकेडिंग की थी। इससे सेक्टर पांच, सात, तीन और दो की ओर जाने वाले लोगों को सिंगल सड़क का सहारा लेना पड़ा। सीएम कार्यालय के पास जिंदल चौक के यातायात को उमरी से होते हुए हाईवे की तरफ डायवर्ट किया गया था इससे सेक्टरवासियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सीएम कार्यालय की तरफ से 12 अक्तूबर को शाम पांच बजे मिलने का समय तय किया, जिसके बाद सभी अतिथि अध्यापकों ने यहां से अपना पड़ाव स्थगित कर लिया है। उनका कहना है कि लघु सचिवालय में उनका धरना लगातार जारी रहेगा। हालांकि, रविवार को अतिथि अध्यापकों को समर्थन देने के लिए किसान यूनियन उगराहां, भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट, ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन, अखिल भारतीय किसान सभा और शहीद भगत सिंह किसान सभा समर्थन में पहुंचीं थी। शनिवार को अपने पड़ाव के दौरान अतिथि अध्यापकों पर पुलिस के द्वारा बल प्रयोग कर पानी की बौछारों का प्रयोग किया गया था। इस दौरान एक अध्यापक घायल हो गए थे, जबकि एक पानी की बौछार लगने से बेहोश हो गए थे।
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सीएम नायब सैनी से मिलेगी सात सदस्यीय कमेटी
रविवार को प्रशासन और सीएम कार्यालय की तरफ से दोबारा वार्ता का दौर चला, जिसमें अध्यापकों को मिलने का समय दिया गया। मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के प्रधान दिनेश यादव, महासचिव भूपेंद्र सिंह, महिला विंग की राज्य प्रधान पूनम कुमारी, अशोक शास्त्री, प्रभु सिंह, कृष्ण नैन और राज्य वरिष्ठ उपप्रधान मुकेश रानी शामिल होंगे। प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांगें रखेगा।
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चौक से उठाया धरना, लघु सचिवालय में जारी रहेगा
राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के प्रधान दिनेश यादव का कहना है कि लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने चौक से अपना पड़ाव उठा लिया है। वे करीब 24 घंटे से अधिक समय तक यहां डटे रहे। अगर उन्हें मुलाकात का समय नहीं मिलता तो वे यहां लंबे समय तक बैठने के लिए तैयार थे। अब समय मिलने के बाद मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांगें रखकर आगे की प्रक्रिया पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लघु सचिवालय में धरना जारी रहेगा।
करीब 36 घंटे तक यातायात रहा प्रभावित
अतिथि अध्यापकों के घेराव को लेकर पुलिस प्रशासन ने शहर के बीच से गुजरने वाले मार्ग पर जिला एवं सत्र न्यायालय के पास चौक पर बैरिकेडिंग की थी। इससे सेक्टर पांच, सात, तीन और दो की ओर जाने वाले लोगों को सिंगल सड़क का सहारा लेना पड़ा। सीएम कार्यालय के पास जिंदल चौक के यातायात को उमरी से होते हुए हाईवे की तरफ डायवर्ट किया गया था इससे सेक्टरवासियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।