{"_id":"691b707de04bca62240e2064","slug":"dr-renu-yadav-honored-with-the-young-science-and-technology-leader-award-kurukshetra-news-c-45-1-knl1024-145477-2025-11-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: डॉ. रेनू यादव को यंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी लीडर अवॉर्ड का मिला सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: डॉ. रेनू यादव को यंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी लीडर अवॉर्ड का मिला सम्मान
Tue, 18 Nov 2025 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 18 Nov 2025 12:29 AM IST
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। शोधकर्ता डॉ. रेनू यादव।
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भूभौतिकी विभाग की शोधकर्ता डॉ. रेनू यादव को केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की ओर से यंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी लीडर (45 वर्ष से कम आयु वर्ग) के रूप में सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें 3 से 5 नवंबर तक भारत मंडपम नई दिल्ली में आयोजित एमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (इएसटीआइसी-2025) में प्रदान किया गया। विकसित भारत 2047-सतत नवाचार, तकनीकी प्रगति और सशक्तीकरण थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। कॉन्क्लेव में नोबेल विजेताओं, नीति-निर्माताओं और देश-विदेश के प्रमुख नवाचारकर्ताओं ने भाग लिया।
डॉ. रेनू यादव का शोध भूकंपीय खतरे का मानचित्रण, एक्सेलेरोग्राम मॉडलिंग और भूकंप प्रतिरोधक क्षमता पर केंद्रित है। उनका उद्देश्य हिमालयी क्षेत्र और इंडो-गंगा मैदान जैसे अत्यधिक संवेदनशील इलाकों में बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को मजबूत करना है। उनका कार्य सैद्धांतिक भूकंप विज्ञान और व्यावहारिक इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों के बीच महत्वपूर्ण सेतु का काम करता है जिससे आपदा जोखिम में कमी और सतत विकास को गति मिल रही है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश के अनुसंधान एवं विकास ढांचे को दिशा देने वाले प्रमुख नेताओं डॉ. जितेंद्र सिंह (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री), प्रो. अजय कुमार सूद (प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार), प्रो. अभय करंदीकर (सचिव डीएसटी), डॉ. शिवकुमार (सीईओ एएनआरएफ) और चेयरमैन बाबा कल्याणी से विचार-विमर्श किया। सम्मान मिलने पर डॉ. यादव ने कहा कि यह उपलब्धि उन्हें देश के आत्मनिर्भर, ज्ञान-आधारित भविष्य में योगदान देने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने अपने मार्गदर्शक डॉ. दिनेश कुमार और विभागाध्यक्ष डॉ. भगवान सिंह चौधरी को निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार जताया। इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने भी प्रोत्साहित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. रेनू यादव का शोध भूकंपीय खतरे का मानचित्रण, एक्सेलेरोग्राम मॉडलिंग और भूकंप प्रतिरोधक क्षमता पर केंद्रित है। उनका उद्देश्य हिमालयी क्षेत्र और इंडो-गंगा मैदान जैसे अत्यधिक संवेदनशील इलाकों में बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को मजबूत करना है। उनका कार्य सैद्धांतिक भूकंप विज्ञान और व्यावहारिक इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों के बीच महत्वपूर्ण सेतु का काम करता है जिससे आपदा जोखिम में कमी और सतत विकास को गति मिल रही है।
विज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश के अनुसंधान एवं विकास ढांचे को दिशा देने वाले प्रमुख नेताओं डॉ. जितेंद्र सिंह (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री), प्रो. अजय कुमार सूद (प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार), प्रो. अभय करंदीकर (सचिव डीएसटी), डॉ. शिवकुमार (सीईओ एएनआरएफ) और चेयरमैन बाबा कल्याणी से विचार-विमर्श किया। सम्मान मिलने पर डॉ. यादव ने कहा कि यह उपलब्धि उन्हें देश के आत्मनिर्भर, ज्ञान-आधारित भविष्य में योगदान देने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने अपने मार्गदर्शक डॉ. दिनेश कुमार और विभागाध्यक्ष डॉ. भगवान सिंह चौधरी को निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार जताया। इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने भी प्रोत्साहित किया।
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। शोधकर्ता डॉ. रेनू यादव।