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नहीं सुधर रहे कुरुक्षेत्र अनाज मंडी के हालात
Updated Fri, 13 Oct 2017 12:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
स्थानीय प्रशासन ने अनाज मंडियों में बेहतर व्यवस्था बनाने के लाख दावे कि तो दो-दो एसीएस भी औचक निरीक्षण कर गए। इसके बावजूद मंडियों के हालात बदतर होते जा रहे हैं। पिछले कई दिनों से उठान से लेकर खरीद भी बंद सी है। वीरवार को मंडी में दिन भर बिजली सप्लाई भी ठप रही। इससे अव्यवस्था चरमरा गई। इस वजह से आढ़तियों से लेकर किसानों तक को परेशानी हुई।
मंडी में व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों की गंभीरता का अंदाजा इसी से ही लगाया जा सकता है कि मार्केट कमेटी कार्यालय के मुख्य द्वार के बाहर ही वाहन के टकराने से बिजली पोल टूट गया। इससे सुबह ही मंडी की बिजली स्पलाई अवरुद्ध हो गई। कई घंटे तक बिजली सप्लाई सुचारु नहीं हुई तो आढ़तियों ने कमेटी अधिकारियों को बताया। इसके बावजूद इसे ठीक नहीं कराया गया। बिजली ठप रहने से मंडी में धान सफाई से लेकर दूसरे कार्य भी नहीं हो सके। आढ़तियों और किसानों में अधिकारियों की लापरवाही के प्रति गहरा रोष भी दिखा। बिजली ठप रहने से गेट पास तक बनवाने में किसानों को परेशानी हुई। मंडी में बुधवार को खरीद बंद रही थी। इसके साथ ही वीरवार रात से लेकर सुबह तक भी खरीद बंद रखने का ऐलान तीनों आढ़ती एसोसिएशन ने ले लिया। मंडी प्रधान बलविंद्र सिंह, विकास सिंगला और अंग्रेज सिंह के अनुसार उठान न हो पाने के कारण मंडी पूरी तरह से जाम हो चुकी है। यहां तक कि अब किसानों को यहां धान डालने के लिए भी जगह नहीं मिल पा रही है।
लावारिस हुई मंडी, बिगड़े हालात : टेक सिंह
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के महासचिव टेक सिंह लोहार माजरा ने बताया कि मंडी में उठान न होने से जाम की स्थिति है। मंडी के हालात ठीक होने की बजाए बिगड़ते ही जा रहे हैं। न उठान सही हो पा रहा और न ही खरीद सुचारु चल पा रही है। उठान न होने से धान डालने की भी जगह नहीं है। इसलिए खरीद बंद करनी पड़ रही है। पीक सीजन में दिन भर बिजली नहीं आने से परेशानी बढ़ गई है। मंडी के हालात लावारिस जैसे दिखाई देने लगे हैं। यहां तक कि खरीद के बाद करोड़ों का भुगतान भी अटका हुआ है, जबकि 72 घंटे में भुगतान के आदेश और दावे किए जा रहे है।
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डीएफएससी बोले, किए जा रहे हैं प्रयास
डीएफएससी वीरेंद्र सिंह का कहना है कि मंडी में व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पीक सीजन के चलते कुछ समस्या हो रही है। उठान में तेजी लाई गई है। भुगतान भी लगातार जारी किए जाएंगे। बिजली व्यवस्था के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।
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कुरुक्षेत्र।
स्थानीय प्रशासन ने अनाज मंडियों में बेहतर व्यवस्था बनाने के लाख दावे कि तो दो-दो एसीएस भी औचक निरीक्षण कर गए। इसके बावजूद मंडियों के हालात बदतर होते जा रहे हैं। पिछले कई दिनों से उठान से लेकर खरीद भी बंद सी है। वीरवार को मंडी में दिन भर बिजली सप्लाई भी ठप रही। इससे अव्यवस्था चरमरा गई। इस वजह से आढ़तियों से लेकर किसानों तक को परेशानी हुई।
मंडी में व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों की गंभीरता का अंदाजा इसी से ही लगाया जा सकता है कि मार्केट कमेटी कार्यालय के मुख्य द्वार के बाहर ही वाहन के टकराने से बिजली पोल टूट गया। इससे सुबह ही मंडी की बिजली स्पलाई अवरुद्ध हो गई। कई घंटे तक बिजली सप्लाई सुचारु नहीं हुई तो आढ़तियों ने कमेटी अधिकारियों को बताया। इसके बावजूद इसे ठीक नहीं कराया गया। बिजली ठप रहने से मंडी में धान सफाई से लेकर दूसरे कार्य भी नहीं हो सके। आढ़तियों और किसानों में अधिकारियों की लापरवाही के प्रति गहरा रोष भी दिखा। बिजली ठप रहने से गेट पास तक बनवाने में किसानों को परेशानी हुई। मंडी में बुधवार को खरीद बंद रही थी। इसके साथ ही वीरवार रात से लेकर सुबह तक भी खरीद बंद रखने का ऐलान तीनों आढ़ती एसोसिएशन ने ले लिया। मंडी प्रधान बलविंद्र सिंह, विकास सिंगला और अंग्रेज सिंह के अनुसार उठान न हो पाने के कारण मंडी पूरी तरह से जाम हो चुकी है। यहां तक कि अब किसानों को यहां धान डालने के लिए भी जगह नहीं मिल पा रही है।
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लावारिस हुई मंडी, बिगड़े हालात : टेक सिंह
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के महासचिव टेक सिंह लोहार माजरा ने बताया कि मंडी में उठान न होने से जाम की स्थिति है। मंडी के हालात ठीक होने की बजाए बिगड़ते ही जा रहे हैं। न उठान सही हो पा रहा और न ही खरीद सुचारु चल पा रही है। उठान न होने से धान डालने की भी जगह नहीं है। इसलिए खरीद बंद करनी पड़ रही है। पीक सीजन में दिन भर बिजली नहीं आने से परेशानी बढ़ गई है। मंडी के हालात लावारिस जैसे दिखाई देने लगे हैं। यहां तक कि खरीद के बाद करोड़ों का भुगतान भी अटका हुआ है, जबकि 72 घंटे में भुगतान के आदेश और दावे किए जा रहे है।
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डीएफएससी बोले, किए जा रहे हैं प्रयास
डीएफएससी वीरेंद्र सिंह का कहना है कि मंडी में व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पीक सीजन के चलते कुछ समस्या हो रही है। उठान में तेजी लाई गई है। भुगतान भी लगातार जारी किए जाएंगे। बिजली व्यवस्था के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।