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जीटीरोड जाम करने और सीएम का पुतला फूंकने की आंगनबाड़ी वर्करों की योजना पुलिस ने की विफल
Updated Fri, 16 Feb 2018 12:24 AM IST
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जीटीरोड जाम करने और सीएम का पुतला फूंकने की आंगनबाड़ी वर्करों की योजना पुलिस ने की विफल
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरीं जिले भर की आंगनबाड़ी वर्करों, हेल्परों और खाना बनाने वाली मदर ग्रुप की महिलाओं की वीरवार को जीटीरोड जाम करने और सीएम मनोहर लाल का पुतला फूंकने की योजना को पुलिस ने विफल कर दिया। पुलिस ने सभी को द्रोणाचार्य स्टेडियम से बाहर नहीं निकलने दिया। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ बहस हुई। पुलिस ने जब उन्हें जीटी रोड पर नहीं जाने दिया तो सभी जिला सचिवालय परिसर में ही सीएम का पुतला फूंकने के लिए राजी हो गईं। इससे पहले उन्होंने कुछ समय तक स्टेडियम के बाहर सड़क पर जाम लगाया। जिला सचिवालय में भी धरना दिया। आखिर में प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन उपायुक्त सुमेधा कटारिया को सौंपा।
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रधान बलदेव मामूमाजरा, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ कुरुक्षेत्र के प्रधान अरुण आत्रे , कर्मचारी नेता नवीन शर्मा, जिला कांग्रेस के प्रधान विशाल सिंगला ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्परों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। आंगनबाड़ी वर्करों ने जाम के दौरान चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो वे जाम लगाएंगी। यूनियन की जिला सचिव कलावती ने कहा कि अब सरकार से अपना हक लेकर ही रहेंगी। कहा कि यदि उनके आंदोलन का दमन करने के लिए उन्हें धमकाने की कोशिश की तो वे आर-पार का आंदोलन करेंगी। जब तक उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता, तब तक वे आंदाेंलन जारी रखेंगी। कलावती ने कहा कि सरकारें लगातार महिलाओं के साथ अन्याय करती आ रही है। समर्थन करने पहुंचे कांग्रेसी नेता विशाल सिंगला ने कहा कि भाजपा सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की बात करती है, दूसरी तरफ महिलाओं को अपने अधिकार के लिए आंदोलन करने पड़ रहे हैं।
पुलिस बल रहा तैनात
प्रदर्शन और धरना संपन्न होने तक डीएसपी राज सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल पुख्ता प्रबंधों के साथ तैनात रहा। डीआरओ चांदी राम को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया।
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ये रहीं मुख्य मांगें
आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों को तृतीय और चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी घोषित किया जाए। कर्मचारी घोषित किए जाने तक आंगनबाड़ी वर्कर को 18 हजार रुपये और हेल्पर को 15 हजार रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए। सुपरवाइजरों के सभी पद वर्करों की पदोन्नति से भरे जाएं। प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन देना सुनिश्चित किया जाए। सरकारी स्कूलों की तरह गर्मी और सर्दी की छुट्टियों में बच्चों के साथ उनकी भी छुट्टियां की जाएं। आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया समय पर दिया जाए। खाना बनाने वाली एसएचजी मदर ग्रुप की महिलाओं को दस हजार रुपये मानदेय दिया जाए। सरकार कर्मचारियों के बराबर सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाएं दे। अतिरिक्त आंगनबाड़ी केंद्र का चार्ज संभालने वाली वर्कर को 50 प्रतिशत अतिरिक्त कार्य के लिए दिया जाए। हेल्पर से वर्कर पदोन्नत करने के लिए अनुभव 10 वर्ष से कम करके तीन वर्ष किया जाय। वर्कर का खाली पद सीधा पात्र हेल्पर से ही भरा जाए ।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरीं जिले भर की आंगनबाड़ी वर्करों, हेल्परों और खाना बनाने वाली मदर ग्रुप की महिलाओं की वीरवार को जीटीरोड जाम करने और सीएम मनोहर लाल का पुतला फूंकने की योजना को पुलिस ने विफल कर दिया। पुलिस ने सभी को द्रोणाचार्य स्टेडियम से बाहर नहीं निकलने दिया। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ बहस हुई। पुलिस ने जब उन्हें जीटी रोड पर नहीं जाने दिया तो सभी जिला सचिवालय परिसर में ही सीएम का पुतला फूंकने के लिए राजी हो गईं। इससे पहले उन्होंने कुछ समय तक स्टेडियम के बाहर सड़क पर जाम लगाया। जिला सचिवालय में भी धरना दिया। आखिर में प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन उपायुक्त सुमेधा कटारिया को सौंपा।
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रधान बलदेव मामूमाजरा, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ कुरुक्षेत्र के प्रधान अरुण आत्रे , कर्मचारी नेता नवीन शर्मा, जिला कांग्रेस के प्रधान विशाल सिंगला ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्परों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। आंगनबाड़ी वर्करों ने जाम के दौरान चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो वे जाम लगाएंगी। यूनियन की जिला सचिव कलावती ने कहा कि अब सरकार से अपना हक लेकर ही रहेंगी। कहा कि यदि उनके आंदोलन का दमन करने के लिए उन्हें धमकाने की कोशिश की तो वे आर-पार का आंदोलन करेंगी। जब तक उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता, तब तक वे आंदाेंलन जारी रखेंगी। कलावती ने कहा कि सरकारें लगातार महिलाओं के साथ अन्याय करती आ रही है। समर्थन करने पहुंचे कांग्रेसी नेता विशाल सिंगला ने कहा कि भाजपा सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की बात करती है, दूसरी तरफ महिलाओं को अपने अधिकार के लिए आंदोलन करने पड़ रहे हैं।
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पुलिस बल रहा तैनात
प्रदर्शन और धरना संपन्न होने तक डीएसपी राज सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल पुख्ता प्रबंधों के साथ तैनात रहा। डीआरओ चांदी राम को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया।
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ये रहीं मुख्य मांगें
आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों को तृतीय और चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी घोषित किया जाए। कर्मचारी घोषित किए जाने तक आंगनबाड़ी वर्कर को 18 हजार रुपये और हेल्पर को 15 हजार रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए। सुपरवाइजरों के सभी पद वर्करों की पदोन्नति से भरे जाएं। प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन देना सुनिश्चित किया जाए। सरकारी स्कूलों की तरह गर्मी और सर्दी की छुट्टियों में बच्चों के साथ उनकी भी छुट्टियां की जाएं। आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया समय पर दिया जाए। खाना बनाने वाली एसएचजी मदर ग्रुप की महिलाओं को दस हजार रुपये मानदेय दिया जाए। सरकार कर्मचारियों के बराबर सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाएं दे। अतिरिक्त आंगनबाड़ी केंद्र का चार्ज संभालने वाली वर्कर को 50 प्रतिशत अतिरिक्त कार्य के लिए दिया जाए। हेल्पर से वर्कर पदोन्नत करने के लिए अनुभव 10 वर्ष से कम करके तीन वर्ष किया जाय। वर्कर का खाली पद सीधा पात्र हेल्पर से ही भरा जाए ।